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फोटो वाली महिला ने फोड़ा भांडा..राजकुमारी नहीं, मैं ममता हूं
Mon, 29 Apr 2019 01:15 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अभिषेक शर्मा अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अभिषेक शर्मा अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Mon, 29 Apr 2019 01:15 AM IST
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अपने परिवार के साथ मौजूद ममता।
- फोटो : Amar Ujala
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एलमपुर परियोजना के फ्लैटों पर अवैध कब्जे के लिए दलालों की टोली फर्जीवाड़े की हर इंतिहा से गुजर गई। अमर उजाला की पड़ताल में उनकी करतूतें परत दर परत खुल रही हैं। लोग भी सचेत होने लगे हैं।
दलालों के फर्जीवाड़े का शिकार एक मजदूर परिवार रविवार को सामने आ गया। मजदूर की पत्नी ने कहा कि फर्जी वोटर कार्ड में इस्तेमाल फोटो उसका है। उसके फोटो का दुरुपयोग किया गया है। वो राजकुमारी नहीं, ममता है। इस बाबत शिकायत भी विद्युत अफसर को भेजी गई है।
रविवार के अंक में ही ‘दलालों ने ही तैयार कर बांट दिए आवंटन पत्र-रसीद’ शीर्षक से अमर उजाला ने दलालों के फर्जीवाड़े को उजागर किया था। इसी खबर में ये भी बताया कि एलमपुर आवास योजना के फ्लैट 25-एफ.-ए में बिजली कनेक्शन लेने के लिए दलालों ने फर्जी वोटर कार्ड भी तैयार किया। इस फ्लैट के 2 आवंटन पत्र तैयार किये। एक राजकुमारी के नाम से और दूसरा कमला देवी के नाम से।
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पहला आवंटन राजकुमारी नाम से बनाया और इसी नाम से बिजली कनेक्शन भी ले लिया। इस बिजली कनेक्शन के लिए राजकुमारी नाम से एक फर्जी वोटर कार्ड तैयार किया, जिसमें फोटो किसी अन्य महिला का लगाया। ये खबर जब रविवार को एलमपुर वासियों में आम हुई तो ये पता लगने में भी देर नहीं लगी कि फोटो किसका है। यह फोटो इसी फ्लैट में किराए पर रह रही ममता शर्मा पत्नी आशीष शर्मा का निकला।
शास्त्री नगर निवासी ममता अपने पति व 2 छोटे बच्चों के साथ पिछले 7-8 माह से यहां रह रही है। ममता व उसके पति आशीष ने शिकायती पत्र में कहा कि पिसावा निवासी व्यक्ति ने यह फ्लैट उन्हें 1500 रुपये माह पर किराये पर दिया था। उस समय बिजली नहीं थी। कुछ दिन बाद बिजली कनेक्शन भी करा दिया।
लेकिन हमारा फोटो किसी वोटर कार्ड पर इस्तेमाल करना बिल्कुल गलत है। बिजली कनेक्शन मकान मालिक की जिम्मेदारी थी। उसी ने कराया है। ममता ने अफसरों को भेजी शिकायत में कहा कि फर्जी वोटर आईडी से उसका कोई लेना देना नहीं है। किसी ने उसके फोटो का गलत इस्तेमाल किया है। अब वह इस फ्लैट को खाली करके जा रहे हैं।
फार्म में और भी बहुत कुछ है
फ्लैट 25-एफ.-ए में बिजली कनेक्शन के लिए भरा गया फार्म फर्जीवाड़े का अहम सबूत है। ये फार्म दलाल तक पहुंचाने में सक्षम है। इस बात की भी आशंका है कि इस फार्म को दलाल ने खुद अपनी हैंडराइटिंग से भरा है। इस पर एक नंबर भी है। इस पर बात करने पर जो नाम पता लगा वही नाम बार-बार इन फ्लैटों की सौदेबाजी में भी चर्चित रहा है। ममता भी बता रही है कि उसके फ्लैट मालिक का नाम भी वही है। यानी ये फार्म जांच अधिकारी को दलाल तक पहुंचाने में सक्षम है।
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दलालों के फर्जीवाड़े का शिकार एक मजदूर परिवार रविवार को सामने आ गया। मजदूर की पत्नी ने कहा कि फर्जी वोटर कार्ड में इस्तेमाल फोटो उसका है। उसके फोटो का दुरुपयोग किया गया है। वो राजकुमारी नहीं, ममता है। इस बाबत शिकायत भी विद्युत अफसर को भेजी गई है।
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रविवार के अंक में ही ‘दलालों ने ही तैयार कर बांट दिए आवंटन पत्र-रसीद’ शीर्षक से अमर उजाला ने दलालों के फर्जीवाड़े को उजागर किया था। इसी खबर में ये भी बताया कि एलमपुर आवास योजना के फ्लैट 25-एफ.-ए में बिजली कनेक्शन लेने के लिए दलालों ने फर्जी वोटर कार्ड भी तैयार किया। इस फ्लैट के 2 आवंटन पत्र तैयार किये। एक राजकुमारी के नाम से और दूसरा कमला देवी के नाम से।
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पहला आवंटन राजकुमारी नाम से बनाया और इसी नाम से बिजली कनेक्शन भी ले लिया। इस बिजली कनेक्शन के लिए राजकुमारी नाम से एक फर्जी वोटर कार्ड तैयार किया, जिसमें फोटो किसी अन्य महिला का लगाया। ये खबर जब रविवार को एलमपुर वासियों में आम हुई तो ये पता लगने में भी देर नहीं लगी कि फोटो किसका है। यह फोटो इसी फ्लैट में किराए पर रह रही ममता शर्मा पत्नी आशीष शर्मा का निकला।
शास्त्री नगर निवासी ममता अपने पति व 2 छोटे बच्चों के साथ पिछले 7-8 माह से यहां रह रही है। ममता व उसके पति आशीष ने शिकायती पत्र में कहा कि पिसावा निवासी व्यक्ति ने यह फ्लैट उन्हें 1500 रुपये माह पर किराये पर दिया था। उस समय बिजली नहीं थी। कुछ दिन बाद बिजली कनेक्शन भी करा दिया।
लेकिन हमारा फोटो किसी वोटर कार्ड पर इस्तेमाल करना बिल्कुल गलत है। बिजली कनेक्शन मकान मालिक की जिम्मेदारी थी। उसी ने कराया है। ममता ने अफसरों को भेजी शिकायत में कहा कि फर्जी वोटर आईडी से उसका कोई लेना देना नहीं है। किसी ने उसके फोटो का गलत इस्तेमाल किया है। अब वह इस फ्लैट को खाली करके जा रहे हैं।
फार्म में और भी बहुत कुछ है
फ्लैट 25-एफ.-ए में बिजली कनेक्शन के लिए भरा गया फार्म फर्जीवाड़े का अहम सबूत है। ये फार्म दलाल तक पहुंचाने में सक्षम है। इस बात की भी आशंका है कि इस फार्म को दलाल ने खुद अपनी हैंडराइटिंग से भरा है। इस पर एक नंबर भी है। इस पर बात करने पर जो नाम पता लगा वही नाम बार-बार इन फ्लैटों की सौदेबाजी में भी चर्चित रहा है। ममता भी बता रही है कि उसके फ्लैट मालिक का नाम भी वही है। यानी ये फार्म जांच अधिकारी को दलाल तक पहुंचाने में सक्षम है।