Aligarh News: शॉर्ट सर्किट से प्रिंटिंग प्रेस और कागज के गोदाम में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर हुआ खाक
मीरा प्रिंटिंग प्रेस और अग्रवाल पेपर एजेंसी के गोदाम में संदिग्ध परिस्थितियों में आग धधक उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे आसमान में धुएं का गुबार छा गया।
विस्तार
अलीगढ़ महानगर के गांधीपार्क क्षेत्र के घनी आबादी वाले मामू भांजा बाजार में 8 मार्च सुबह एक प्रिंटिंग प्रेस और कागज के गोदाम में भीषण आग लग गई। आग से पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई। आग की चपेट में आकर कई लाख रुपये का कागज और प्रिंटिंग से जुड़ा सामान जल गया। इस आग को दमकल की पांच गाड़ियों ने करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
महुआखेड़ा क्षेत्र के ग्रीन पार्क में रहने वाले संजय कुमार अग्रवाल व राजीव अग्रवाल की मामू भांजा बाजार में मीरा प्रिंटिंग प्रेस, अग्रवाल पेपर एजेंसी व डाॅल्फिन नाम से फर्म हैं। रविवार सुबह करीब पांच बजे गोदाम में अचानक आग भड़क उठी। पौने छह बजे किसी राहगीर ने आग लगी देखी। तब तक गोदाम में भारी मात्रा में कागज रखा होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था।
आग इतनी तेजी से फैली कि गोदाम में रखा भारी मात्रा में कागज और छपाई का सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। इस घटना से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। क्षेत्रीय लोगों ने पहले स्थानीय लोगों ने आग पर अपने स्तर से काबू पाने का प्रयास किया। साथ में फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। बन्नादेवी फायर स्टेशन से तीन, पुलिस लाइन व तालानगरी स्टेशन से एक-एक समेत पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए करीब सात घंटे में आग पर काबू पाया। बन्नादेवी फायर स्टेशन के प्रभारी संजीव कुमार सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
हालांकि, पुलिस और दमकल विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन गोदाम में कई लाख रुपये कीमत की किताबें, कागज, केमिकल, गत्ते का सामान रखा था, जिसके जलने से भारी नुकसान होने का अनुमान है। पुलिस और प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है।
आग में कमरों की छतें फटकर गिरीं
आग की विकराल लपटों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गोदाम के निचले तल के दो कमरों की छतें तक फटकर गिर गईं। जिस वक्त दमकलकर्मी अंदर दाखिल होकर आग बुझाने में लगे थे। तभी निचले तल पर बने दो हॉलनुमा कमरों की छतें तक फट गईं, लेकिन वह छत के गिरने का अंदाजा लगाकर बाहर निकल आए। दमकलकर्मियों की सूझबूझ से वे खुद हताहत होने से बच गए।
दहशत में आए पड़ोसी, घरों से बाहर निकली भीड़
आबादी वाले क्षेत्र में अग्निकांड के चलते आग की लपटों को बेशक फायर कर्मियों ने नियंत्रित कर लिया था। आग फैलती देख आसपास की दुकानों के स्वामी व मकानों में रहने वाले सतर्क हो गए। कुछ ही देर में लोगों की भीड़ बाहर जमा हो गई। लोगों को डर था कि आग कहीं उनके घर या प्रतिष्ठान तक न पहुंच जाए, लेकिन दमकल कर्मियों ने आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते दमकल विभाग मौके पर नहीं पहुंचता तो आग आसपास की अन्य दुकानों तक भी फैल सकती थी।