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Aligarh News: शक्कूबाई की लीला ने दिया अटूट भक्ति का संदेश
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चैतन्यमहाप्रभु लीला का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : samvad
श्रीकृष्ण लीला एवं चैतन्य महाप्रभु लीला महोत्सव में सोमवार को भक्त शक्कूबाई की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस लीला के जरिये अटूट भक्ति का संदेश दिया गया।
कलाकारों ने दिखाया कि शक्कूबाई को जब पता चला कि भक्तों की मंडली पंढरपुर में भगवान विट्ठल के दर्शन के लिए जा रही है तो उनके मन में भी प्रभु के दर्शन की इच्छा जाग उठी। परिवार ने उन्हें जाने से रोकते हुए रस्सियों से बांधकर घर में बंद कर दिया। भक्त की करुण पुकार सुनकर भगवान विट्ठल स्त्री के रूप में प्रकट हुए।
उन्होंने शक्कूबाई को बंधनमुक्त कर दिया और स्वयं उनके स्थान पर बंध गए। इसके बाद शक्कूबाई पंढरपुर पहुंचकर प्रभु के दर्शन और भजन-कीर्तन में लीन हो गईं। लीला में दिखाया गया कि पंढरपुर में शक्कूबाई के शरीर त्यागने के बाद भगवान की कृपा से उन्हें पुनर्जीवन मिला।
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कार्यक्रम में अतिथि के रूप में रघुराज सिंह, ओमवीर गुप्ता, नीरज बंसल, ब्रजमोहन, धीरेंद्र गुप्ता, नरेशचंद ठेकेदार, सुभाष लिटिल, कृष्ण कुमार वार्ष्णेय ने ठाकुरजी का माल्यार्पण किया। इस दौरान अध्यक्ष आशुतोष वार्ष्णेय, महामंत्री प्रेम प्रकाश माहेश्वरी, देवेंद्र गांधी, जुगल किशोर, पवन शर्मा, डॉ. गोविंद माहेश्वरी, मधुर राठी आदि थे।
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कलाकारों ने दिखाया कि शक्कूबाई को जब पता चला कि भक्तों की मंडली पंढरपुर में भगवान विट्ठल के दर्शन के लिए जा रही है तो उनके मन में भी प्रभु के दर्शन की इच्छा जाग उठी। परिवार ने उन्हें जाने से रोकते हुए रस्सियों से बांधकर घर में बंद कर दिया। भक्त की करुण पुकार सुनकर भगवान विट्ठल स्त्री के रूप में प्रकट हुए।
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उन्होंने शक्कूबाई को बंधनमुक्त कर दिया और स्वयं उनके स्थान पर बंध गए। इसके बाद शक्कूबाई पंढरपुर पहुंचकर प्रभु के दर्शन और भजन-कीर्तन में लीन हो गईं। लीला में दिखाया गया कि पंढरपुर में शक्कूबाई के शरीर त्यागने के बाद भगवान की कृपा से उन्हें पुनर्जीवन मिला।
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कार्यक्रम में अतिथि के रूप में रघुराज सिंह, ओमवीर गुप्ता, नीरज बंसल, ब्रजमोहन, धीरेंद्र गुप्ता, नरेशचंद ठेकेदार, सुभाष लिटिल, कृष्ण कुमार वार्ष्णेय ने ठाकुरजी का माल्यार्पण किया। इस दौरान अध्यक्ष आशुतोष वार्ष्णेय, महामंत्री प्रेम प्रकाश माहेश्वरी, देवेंद्र गांधी, जुगल किशोर, पवन शर्मा, डॉ. गोविंद माहेश्वरी, मधुर राठी आदि थे।