आजादी के अमृत महोत्सव के तहत बुधवार को रेलवे स्टेशन पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विभीषिका की यादों से जुड़े संबंधित चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई है। यह 14 अगस्त तक जारी रहेगी। इसका शुभारंभ महान स्वतंत्रता सेनानी स्व.पंडित छोटे लाल गौतम के पुत्र कामेश कुमार गौतम ने किया।
इस अवसर पर उन्होंने अपने पिता की यादों को साझा करते हुए कहा कि देश को आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को हम कभी नहीं भूल सकते हैं। प्रदर्शनी में चित्रों के माध्यम से विभाजन के समय रेल द्वारा लोगों के पलायन को दर्शाया गया है। प्रदर्शित चित्रों के माध्यम से वर्तमान पीढ़ी को विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई कठिनाइयों को स्मरण कराने एवं यह दर्शाने कि भारत का विभाजन किसी भी विभीषिका से कम नहीं है। यहां स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों को बुलाया गया और रेलवे के अधिकारियों द्वारा उनका सम्मान किया गया। उधर, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 14 अगस्त को लेकर केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में भी एक प्रदर्शनी लगाई गई। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने प्रदर्शनी को देखकर विभाजन से उत्पन्न दर्द को महसूस किया। निदेशक अतुल सिंह ने छात्राओं को घटनाक्रम का विवरण दिया तथा विभाजन विभीषिका में अपने प्राण गंवाने वाले और विस्थापन का दर्द झेलने वालों के बारे में जानकारी दी। अग्रणी बैंक कार्यालय के अधिकारी प्रदीप कुमार, क्रिसिल फाउंडेशन की श्वेता, धर्मवीर सिंह, सुमित सक्सेना मौजूद रहे।