{"_id":"6-20087","slug":"Aligarh-20087-6","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर दहक उठा सूरज, तपिश ने झुलसाए शरीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर दहक उठा सूरज, तपिश ने झुलसाए शरीर
Aligarh
Updated Sat, 12 Jul 2014 05:31 AM IST
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अलीगढ़। कुछ दिन की राहत के बाद शुक्रवार को एक बार फिर सूरज दहक उठा। गर्मी की तपिश से शरीर झुलसने लगे। एक बार फिर भीषण गर्मी ने अपने होने का अहसास करा दिया। दोपहर को सड़कों पर लोगों का आना-जाना कम हो गया।
जून के आखिर में शहरवासियों को गर्मी से राहत मिल गई थी। तापमान में भी कमी आ गई थी। प्री मानसून की छिटपुट बारिश से मौसम खुशगवार हो गया था। लेकिन गुरुवार को चली गर्म हवाओं ने दोबारा से गर्मी की दस्तक दे दी थी। वहीं शुक्रवार को दहके सूरज ने तपिश का अहसास करा दिया। दिन में 11 बजे से ही मौसम गर्म हो गया था। राह चलते लोगों के हलक सूखने लगे थे। दोपहर एक बजे तक सड़क पर लोगों की आवाजाही भी कम हो गई थी। अधिकतम तापमान भी 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। वहीं न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों की मानें तो कमजोर हो चला मानसून अभी भी दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रहा है।
बॉक्स
बारिश की दुआ के लिए उठे हाथ
बारिश न होने की चिंता अब चेहरों पर झलकने लगी है। जिसकी बानगी जुमा की नमाज के दौरान देखने को मिली। जुमा की नमाज में बारिश के लिए दुआ हुई। नमाज के बाद नमाजियों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर अपनी रहमत बरसाने की दुआ की। गरीब-मजलूम और मासूमों का हवाला देते हुए लोगों को गर्मी से निजात दिलाने की दुआ मांगी।
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जून के आखिर में शहरवासियों को गर्मी से राहत मिल गई थी। तापमान में भी कमी आ गई थी। प्री मानसून की छिटपुट बारिश से मौसम खुशगवार हो गया था। लेकिन गुरुवार को चली गर्म हवाओं ने दोबारा से गर्मी की दस्तक दे दी थी। वहीं शुक्रवार को दहके सूरज ने तपिश का अहसास करा दिया। दिन में 11 बजे से ही मौसम गर्म हो गया था। राह चलते लोगों के हलक सूखने लगे थे। दोपहर एक बजे तक सड़क पर लोगों की आवाजाही भी कम हो गई थी। अधिकतम तापमान भी 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। वहीं न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों की मानें तो कमजोर हो चला मानसून अभी भी दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रहा है।
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बारिश की दुआ के लिए उठे हाथ
बारिश न होने की चिंता अब चेहरों पर झलकने लगी है। जिसकी बानगी जुमा की नमाज के दौरान देखने को मिली। जुमा की नमाज में बारिश के लिए दुआ हुई। नमाज के बाद नमाजियों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर अपनी रहमत बरसाने की दुआ की। गरीब-मजलूम और मासूमों का हवाला देते हुए लोगों को गर्मी से निजात दिलाने की दुआ मांगी।
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