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मवेशी चोरों के गिरोह को ग्रामीणों ने बंधक बनाकर पीटा
Aligarh
Updated Mon, 28 Apr 2014 05:30 AM IST
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खैर। गांव चौधाना में रविवार की सांय ग्रामीणों ने मवेशी चोरी कर उनको काटने वाले गैंग के छह सदस्यों को दबोच लिए। पहले उनके हाथ पैर बांध दिए फिर जमकर धुनाई की। यही नहीं पशु चोरों के टेंपो को आग लगाने तथा रोड जाम करने का भी प्रयास करने लगे। तभी सूचना पाकर सीओ और इंस्पेक्टर मौके पर पहुंच गए। एक बार तो ग्रामीणों का आक्रोश देख उनके हाथ पैर फूल गए, लेकिन कुछ ही देर ग्रामीणों को समझाबुझा उन्होंने स्थिति को संभाल लिया। बाद में ग्रामीण पकड़े गये आरोपियों को मरणासन्न हालत मेें ट्रैक्टर में डाल थाने ले गए। जिन्हें पुलिस ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां से गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है।
गांव चौधाना निवासी डोरीलाल पुत्र पूरन सिंह ने बताया कि उसकी भैंस चौधाना रोड स्थित घेर के बाहर सड़क किनारे बंधी थी। रविवार को शाम सात बजे के लगभग सात आठ व्यक्ति आए तथा चुपचाप उसकी भैंस खोल ले गए। पहले उसे कुछ खिलाकर मारा फिर उसके टुकड़े कर दिए। फिर टुकड़े एक बोरे में भर अपने टैंपो में रख लिए। यह सब करते कुछ ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया। जिस पर शोर मचा दिया। अनेक ग्रामीण इकट्ठा होकर पशु वधकारियों के पीछे हो लिए। वो जान बचाकर खेतों की ओर दौड़े। लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। उनके हाथ पैर बांध दिए और जमकर धुनाई की। इस दौरान दो आरोपी भागने में सफल रहे। ग्रामीण सरकार और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए अलीगढ़ पलवल-मार्ग पर जाम लगाने तथा मीट रखे टैंपो में आग लगाने की कोशिश करने लगे। तभी मौके पर सीओ देवेंद्र सिंह और कोतवाल योगेंद्र मलिक पहुंच गए। इस दौरान कुछ आक्रोशित महिलाओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। परंतु बाद में ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत कर लिया। पकडे़ गए आरोपियों ने अपने नाम आदेश पुत्र अशोक, अनिल पुत्र गोपाल निवासी नगला मसानी अलीगढ़, महेंद्र पुत्र सुरेश निवासी बांकनेर थाना खैर, सीआईडी पुत्र रमेशचंद्र और राधे निवासी मौहल्ला शिकरवार खैर, आसिफ पुत्र इकराम निवासी शाहजमाल अलीगढ़ बताए हैं। सीओ देवेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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गांव चौधाना निवासी डोरीलाल पुत्र पूरन सिंह ने बताया कि उसकी भैंस चौधाना रोड स्थित घेर के बाहर सड़क किनारे बंधी थी। रविवार को शाम सात बजे के लगभग सात आठ व्यक्ति आए तथा चुपचाप उसकी भैंस खोल ले गए। पहले उसे कुछ खिलाकर मारा फिर उसके टुकड़े कर दिए। फिर टुकड़े एक बोरे में भर अपने टैंपो में रख लिए। यह सब करते कुछ ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया। जिस पर शोर मचा दिया। अनेक ग्रामीण इकट्ठा होकर पशु वधकारियों के पीछे हो लिए। वो जान बचाकर खेतों की ओर दौड़े। लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। उनके हाथ पैर बांध दिए और जमकर धुनाई की। इस दौरान दो आरोपी भागने में सफल रहे। ग्रामीण सरकार और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए अलीगढ़ पलवल-मार्ग पर जाम लगाने तथा मीट रखे टैंपो में आग लगाने की कोशिश करने लगे। तभी मौके पर सीओ देवेंद्र सिंह और कोतवाल योगेंद्र मलिक पहुंच गए। इस दौरान कुछ आक्रोशित महिलाओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। परंतु बाद में ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत कर लिया। पकडे़ गए आरोपियों ने अपने नाम आदेश पुत्र अशोक, अनिल पुत्र गोपाल निवासी नगला मसानी अलीगढ़, महेंद्र पुत्र सुरेश निवासी बांकनेर थाना खैर, सीआईडी पुत्र रमेशचंद्र और राधे निवासी मौहल्ला शिकरवार खैर, आसिफ पुत्र इकराम निवासी शाहजमाल अलीगढ़ बताए हैं। सीओ देवेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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