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23 साल पहले भाजपा कार्यालय में रुके थे रामनाथ कोविंद

Sat, 16 Mar 2019 01:44 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Mar 2019 01:44 AM IST
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23 साल पहले भाजपा कार्यालय में रुके थे रामनाथ कोविंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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बारहद्वारी स्थित भाजपा महानगर कार्यालय का अतीत भी कम दिलचस्प नहीं है। किसी जमाने में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यहां रुके थे। मुख्यमंत्री बनने के पहले कल्याण सिंह भी यहां रुककर पार्टी से संबंधित कार्य किया करते थे।

करीब 36 साल पहले 1983 में बारहद्वारी स्थित भाजपा कार्यालय पर पार्टी का झंडा लहराया था। पहले उस मकान में एक होटल हुआ करता था। इसको लेकर कानूनी एवं प्रशासनिक लड़ाई भी खूब लड़ी गई है। 1980 में भाजपा की स्थापना हुई थी। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्रीय एवं शिव हरि सिंघल यहां के अध्यक्ष बने थे। राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ यहां के मंत्री बने थे।
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राजेंद्र चीफ का कहना है कि उस समय पार्टी कार्यालय नहीं था। नेताओं के घर एवं इधर-उधर से पार्टी का काम होता था। उस समय मदारगेट के पास शंकर धर्मशाला में जनसंघ कार्यालय था। उन्होंने बताया कि 1983 में नेम सिंह चौहान जिलाध्यक्ष एवं शांति स्वरूप माहेश्वरी महामंत्री थे। कार्यालय को लेकर कांग्रेस पार्टी के नेताओं से टकराव भी हुआ। 1982 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ दो सीटें मिली थी। राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ कहते है कि मुख्यमंत्री बनने से पहले कल्याण सिंह यहां रुकते थे।
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जम्मू कश्मीर के वर्तमान राज्यपाल सत्यपाल मलिक 1989 में यहां रुके थे। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी, मुरली मनोहर जोशी, विजय राजे सिंधिया, सुंदर सिंह भंडारी, मो. आरिफ बेग आदि कार्यालय में आ चुके हैं। राजेंद्र चीफ का कहना है कि करीब 23 साल पहले रामनाथ कोविंद यहां दो दिन रुके थे। उस समय वह भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष थे और हाथरस संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने को इच्छुक थे। 5 अक्तूबर 2013 को कार्यालय का जीर्णोद्धार हुआ था और उसका उद्घाटन कल्याण सिंह ने किया था।


दीपक मित्तल महानगर अध्यक्ष थे। जीर्णोद्धार जन सहयोग से किया गया था। राजेश भारद्वाज ने 60 हजार, सावित्री वार्ष्णेय, दीपक मित्तल एवं राहुल गौतम ने 51-51 हजार रुपये का सहयोग किया था। सतीश कुमार गौतम ने 25 हजार रुपये का सहयोग किया था। अन्य कई लोगों ने भी दिल खोलकर जीर्णोद्धार के लि दान दिया था। दिलचस्प पहलू यह भी है कि इनमें से तीन लोग आज लोकसभा चुनाव में टिकट के दावेदार भी है।े
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