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बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में आता है तनाव तो लें निशुल्क डॉक्टर की राय
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अब बोर्ड परीक्षा के दौरान किसी भी विद्यार्थी को तनाव लेने की जरूरत नहीं है। विद्यार्थी केवल मन लगाकर परीक्षा की तैयारी करें। अगर पढ़ने में ध्यान भटकता है। तनाव होता है। सिर में दर्द होता है तो निशुल्क हेल्पलाइन शुक्रवार से शुरू हो जाएगी। यह बातें किलकारी हास्पिटल के निदेशक डॉ. विकास मेहरोत्रा ने बतायीं। उन्होंने कहा कि बच्चों को तनाव मुक्त रखने के लिए यह हेल्पलाइन शुक्रवार से शुरू हो जाएगी। जिसका नंबर 9837064147 है। इस पर बच्चे या उनके अभिभावक फोन कर सलाह मशवरा ले सकते हैं।
सात फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इसके बाद सीबीएसई, एएमयू बोर्ड आदि परीक्षाएं भी प्रारंभ होगी। लाखों बच्चे परीक्षा में बैठेंगे। ऐसे में बच्चों के अंदर तैयारियों को लेकर तनाव उत्पन्न हो जाता है। इस संबंध में विकास मेहरोत्रा ने बताया कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों को तनाव लेने की जरूरत नहीं है। वह सिर्फ मन लगाकर पढ़ाई करें। किसी बात को लेकर संशय है या डर है तो इसके लिए डॉक्टर से राय लें। इसके लिए वह निशुल्क हेल्पलाइन शुक्रवार से शुरू कर देंगे। जिसके माध्यम से तनाव भरे दौर से बच्चों को उबारा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा या अभिभावक बोर्ड परीक्षा के तनाव से बचने के लिए परामर्श ले सकता है।
यह हैं तनाव के लक्षण
हाथ-पैरों में दर्द, मुंह का सूखना, जी मिचलाना, उल्टी होना, सिर दर्द, दिल की धड़कन बढ़ना, बेचैनी, असमंजस की स्थिति, एकाग्रता में दिक्कत आना, नींद न आना, बगैर किसी बीमारी के लगातार पेट दर्द आदि।
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यह हैं गौर करने योग्य बातें
बच्चों के लिए
- परीक्षा की टेंशन न लें। खुद पर भरोसा रखें। परीक्षा एक पड़ाव है। दूसरे मौके भी मिलेंगे।
- पढ़ाई व परीक्षा का शेड्यूल बना लें। जो चीजें नहीं आ रहीं, उन्हें तैयार कर लें।
- सात आठ घंटे की नींद जरूर लें। ताकि दिमाग नई जानकारी ले सके। याददाश्त को बढ़ावा मिले।
- प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन लें। दिमाग सिर्फ कार्बोहाइड्रेट ही लेता है।
- चाय, कॉफी, कोल्डड्रिंक, व तेलीय खाना न खाएं। ये एकाग्रता को भंग करते हैं।
- हलका संगीत, व्यायाम व टहलना तनाव को घटाने में लाभकारी होता है।
- योग और ध्यान से एकाग्रता बढ़ती है।
- एक दो टुकड़े डार्क चॉकलेट के जरूर खाएं। यह दिमाग के लिए टॉनिक है।
अभिभावकों के लिए
- बच्चों की बात सुने और मित्रवत व्यवहार रखें।
- अहसास कराएं कि आपका भरोसा उन पर कायम है।
- खाने का ख्याल रखें, संतुलित आहार ही दें।
- प्रोत्साहित भी करें। तनाव पैदा करने वाली बातें न करें।
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अब बोर्ड परीक्षा के दौरान किसी भी विद्यार्थी को तनाव लेने की जरूरत नहीं है। विद्यार्थी केवल मन लगाकर परीक्षा की तैयारी करें। अगर पढ़ने में ध्यान भटकता है। तनाव होता है। सिर में दर्द होता है तो निशुल्क हेल्पलाइन शुक्रवार से शुरू हो जाएगी। यह बातें किलकारी हास्पिटल के निदेशक डॉ. विकास मेहरोत्रा ने बतायीं। उन्होंने कहा कि बच्चों को तनाव मुक्त रखने के लिए यह हेल्पलाइन शुक्रवार से शुरू हो जाएगी। जिसका नंबर 9837064147 है। इस पर बच्चे या उनके अभिभावक फोन कर सलाह मशवरा ले सकते हैं।
सात फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इसके बाद सीबीएसई, एएमयू बोर्ड आदि परीक्षाएं भी प्रारंभ होगी। लाखों बच्चे परीक्षा में बैठेंगे। ऐसे में बच्चों के अंदर तैयारियों को लेकर तनाव उत्पन्न हो जाता है। इस संबंध में विकास मेहरोत्रा ने बताया कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों को तनाव लेने की जरूरत नहीं है। वह सिर्फ मन लगाकर पढ़ाई करें। किसी बात को लेकर संशय है या डर है तो इसके लिए डॉक्टर से राय लें। इसके लिए वह निशुल्क हेल्पलाइन शुक्रवार से शुरू कर देंगे। जिसके माध्यम से तनाव भरे दौर से बच्चों को उबारा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा या अभिभावक बोर्ड परीक्षा के तनाव से बचने के लिए परामर्श ले सकता है।
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यह हैं तनाव के लक्षण
हाथ-पैरों में दर्द, मुंह का सूखना, जी मिचलाना, उल्टी होना, सिर दर्द, दिल की धड़कन बढ़ना, बेचैनी, असमंजस की स्थिति, एकाग्रता में दिक्कत आना, नींद न आना, बगैर किसी बीमारी के लगातार पेट दर्द आदि।
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यह हैं गौर करने योग्य बातें
बच्चों के लिए
- परीक्षा की टेंशन न लें। खुद पर भरोसा रखें। परीक्षा एक पड़ाव है। दूसरे मौके भी मिलेंगे।
- पढ़ाई व परीक्षा का शेड्यूल बना लें। जो चीजें नहीं आ रहीं, उन्हें तैयार कर लें।
- सात आठ घंटे की नींद जरूर लें। ताकि दिमाग नई जानकारी ले सके। याददाश्त को बढ़ावा मिले।
- प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन लें। दिमाग सिर्फ कार्बोहाइड्रेट ही लेता है।
- चाय, कॉफी, कोल्डड्रिंक, व तेलीय खाना न खाएं। ये एकाग्रता को भंग करते हैं।
- हलका संगीत, व्यायाम व टहलना तनाव को घटाने में लाभकारी होता है।
- योग और ध्यान से एकाग्रता बढ़ती है।
- एक दो टुकड़े डार्क चॉकलेट के जरूर खाएं। यह दिमाग के लिए टॉनिक है।
अभिभावकों के लिए
- बच्चों की बात सुने और मित्रवत व्यवहार रखें।
- अहसास कराएं कि आपका भरोसा उन पर कायम है।
- खाने का ख्याल रखें, संतुलित आहार ही दें।
- प्रोत्साहित भी करें। तनाव पैदा करने वाली बातें न करें।