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अमिता और तनवीर को मिला नीरज शहरयार पुरस्कार
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:00 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी कार्यकारिणी समिति द्वारा इस वर्ष का प्रतिष्ठित नीरज-शहरयार पुरस्कार क्रमश: लखनऊ की साहित्यकार डॉ. अमिता दुबे को और मुजफ्फरनगर के डॉ. तनवीर गौहर को दिया गया।
प्रदर्शनी गेस्ट हाउस के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह मुख्य अतिथि मंडलायुक्त अजय दीप सिंह की मौजूदगी में अध्यक्ष, प्रदर्शनी जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। संरक्षक पद्मभूषण डॉ. गोपालदास नीरज संरक्षक के रूप में मौजूद रहे। कमिश्नर अजय दीप सिंह ने कहा कि यह पुरस्कार सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है। इस पुरस्कार से निश्चित ही साहित्यकारों का उत्साहवर्धन होता है।
साहित्यकार डॉ. अमिता दुबे तथा शायर डॉ. तनवीर गौहर को नीरज पुरस्कार स्वरूप 1.1 लाख रुपये के अलग-अलग चेक सम्मान प्रतीक चिह्न देकर व शॉल उड़ाकर सम्मानित किया गया।
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प्रभारी अधिकारी, प्रदर्शनी एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बताया कि इस बार आई हिंदी व उर्दू साहित्य की प्रविष्टियों में उत्कृष्ट साहित्यकारों का चयन केंद्रीय हिन्दी संस्थान, आगरा तथा जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा निर्धारित किया गया था।
प्रदर्शनी कार्यकारिणी द्वारा नीरज-शहरयार पुरस्कार के लिए हिंदी साहित्य के क्षेत्र में लखनऊ की साहित्यकार डॉ. अमिता दुबे को उनकी रचना ‘ऐसा मन करता है’ तथा उर्दू साहित्य क्षेत्र में डॉ. तनवीर गौहर को उनके गजल संग्रह ‘सुलगती बर्फ’ के लिए सम्मानित करने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर प्रदर्शनी कार्यकारिणी समिति के अहमद सईद सिद्दीकी, मुबीन खान, पंकज धीरज, विष्णु कुमार बंटी, धनजीत वाडरा आदि के अलावा डीपी सिंह, राजकुमार गुप्ता, बीबी पांडेय, धर्मेंद्र शर्मा, एन रहमान, जोगिंदर सिंह, लक्ष्मीकांत पांडेय, राजकुमार, अनिल त्रिपाठी, सईद अब्दुल्ला, संजीव कुमार सक्सेना आदि मौजूद थे।
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राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी कार्यकारिणी समिति द्वारा इस वर्ष का प्रतिष्ठित नीरज-शहरयार पुरस्कार क्रमश: लखनऊ की साहित्यकार डॉ. अमिता दुबे को और मुजफ्फरनगर के डॉ. तनवीर गौहर को दिया गया।
प्रदर्शनी गेस्ट हाउस के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह मुख्य अतिथि मंडलायुक्त अजय दीप सिंह की मौजूदगी में अध्यक्ष, प्रदर्शनी जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। संरक्षक पद्मभूषण डॉ. गोपालदास नीरज संरक्षक के रूप में मौजूद रहे। कमिश्नर अजय दीप सिंह ने कहा कि यह पुरस्कार सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है। इस पुरस्कार से निश्चित ही साहित्यकारों का उत्साहवर्धन होता है।
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साहित्यकार डॉ. अमिता दुबे तथा शायर डॉ. तनवीर गौहर को नीरज पुरस्कार स्वरूप 1.1 लाख रुपये के अलग-अलग चेक सम्मान प्रतीक चिह्न देकर व शॉल उड़ाकर सम्मानित किया गया।
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प्रभारी अधिकारी, प्रदर्शनी एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बताया कि इस बार आई हिंदी व उर्दू साहित्य की प्रविष्टियों में उत्कृष्ट साहित्यकारों का चयन केंद्रीय हिन्दी संस्थान, आगरा तथा जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा निर्धारित किया गया था।
प्रदर्शनी कार्यकारिणी द्वारा नीरज-शहरयार पुरस्कार के लिए हिंदी साहित्य के क्षेत्र में लखनऊ की साहित्यकार डॉ. अमिता दुबे को उनकी रचना ‘ऐसा मन करता है’ तथा उर्दू साहित्य क्षेत्र में डॉ. तनवीर गौहर को उनके गजल संग्रह ‘सुलगती बर्फ’ के लिए सम्मानित करने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर प्रदर्शनी कार्यकारिणी समिति के अहमद सईद सिद्दीकी, मुबीन खान, पंकज धीरज, विष्णु कुमार बंटी, धनजीत वाडरा आदि के अलावा डीपी सिंह, राजकुमार गुप्ता, बीबी पांडेय, धर्मेंद्र शर्मा, एन रहमान, जोगिंदर सिंह, लक्ष्मीकांत पांडेय, राजकुमार, अनिल त्रिपाठी, सईद अब्दुल्ला, संजीव कुमार सक्सेना आदि मौजूद थे।