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रीवा एक्सप्रेस में एसएस और आरपीएफ दरोगा के मोबाइल चोरी
Updated Fri, 02 Feb 2018 02:41 AM IST
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रीवा एक्सप्रेस में एसएस और आरपीएफ दरोगा के मोबाइल चोरी
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रीवा एक्सप्रेस डाउन 12428 में 29 जनवरी की रात एसी-वन और एसी-टू कोच में सात कीमती मोबाइल, 50 हजार रुपये और कपड़े चोरी हो गए। चोरी के शिकार लोगों में पूर्व स्टेशन अधीक्षक अलीगढ़ एआर खान, आरपीएफ अलीगढ़ में तैनात दरोगा, गाजियाबाद के उद्यमी और कुछ प्रबुद्धजन शामिल हैं। घटना के बाद जीआरपी ने तहरीर लेने में घंटो लगा दिए। 30 जनवरी की दोपहर बाद जीआरपी इलाहाबाद ने इसकी तहरीर ली है।
पूर्व एसएस एआर खान ने बताया कि 29 जनवरी की रात अलीगढ़ से साढ़े ग्यारह बजे ट्रेन इलाहाबाद के लिए रवाना हुई। लगभग दो बजे के करीब ट्रेन कानपुर पहुंची। ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच एच-वन में आधा कोच फर्स्ट एसी और आधा सेकेंड एसी का था।
फर्स्ट एसी के बर्थ नंबर-15 पर एआर खान सवार थे, इसी बीच उनकी आंख लग गई। फतेहपुर निकलने के बाद आंख खुली तो पता चला कि एमआई कंपनी का मोबाइल, जिसमें एयरटेल का सिम था, वह गायब हो गया।
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शोर मचाया तो उसी कोच में पहले से ही कुछ लोग मोबाइल चोरी होने पर चोर को ढूंढ रहे थे। जिसमें एसी टू के ए-वन कोच की सीट नंबर 19 पर सवार गाजियाबाद के उद्यमी बीड़ी पटेल का एप्पल मोबाइल, एक अन्य महंगा मोबाइल और 50 हजार रुपये गायब थे।
एसी टू के बर्थ नंबर 33 पर सवार अलीगढ़ आरपीएफ में दरोगा संतोष कुमार पाठक के दो कीमती मोबाइल चोरी हो चुके थे। इसी कोच के बर्थ नंबर 31 पर सफर कर रहे बृजेश कुमार का मोबाइल भी चोर साफ कर चुके थे।
इसके साथ ही एक अन्य यात्री प्रदीप कंसल का मोबाइल भी चोरी हो गया था। यात्रियों के कपड़े तक चोरी हो गए। एसी कोच में ही कुछ ही घंटों में सात मोबाइल 50 हजार रुपये और कपड़े चोरी हो गए। ट्रेन के कोच कंडक्टर, अटेंडेंट ने भी कोई सही जवाब नहीं दिया। वह परेशान यात्रियों से ही तू तड़ाक करने लगे। इलाहाबाद पहुंचने पर जीआरपी ने पीड़ितों की तहरीर लेने से मना कर दिया। जब हुज्जत हुई तो तहरीर ली गई। भारतीय रेल में ही पूर्व एसएस, रेल संपत्ति की सुरक्षा करने वाले आरपीएफ के दरोगा सुरक्षित सफर नहीं कर पा रहे हैं। ये घटना रेल बजट पेश होने से दो दिन पहले की है।
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रीवा एक्सप्रेस डाउन 12428 में 29 जनवरी की रात एसी-वन और एसी-टू कोच में सात कीमती मोबाइल, 50 हजार रुपये और कपड़े चोरी हो गए। चोरी के शिकार लोगों में पूर्व स्टेशन अधीक्षक अलीगढ़ एआर खान, आरपीएफ अलीगढ़ में तैनात दरोगा, गाजियाबाद के उद्यमी और कुछ प्रबुद्धजन शामिल हैं। घटना के बाद जीआरपी ने तहरीर लेने में घंटो लगा दिए। 30 जनवरी की दोपहर बाद जीआरपी इलाहाबाद ने इसकी तहरीर ली है।
पूर्व एसएस एआर खान ने बताया कि 29 जनवरी की रात अलीगढ़ से साढ़े ग्यारह बजे ट्रेन इलाहाबाद के लिए रवाना हुई। लगभग दो बजे के करीब ट्रेन कानपुर पहुंची। ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच एच-वन में आधा कोच फर्स्ट एसी और आधा सेकेंड एसी का था।
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फर्स्ट एसी के बर्थ नंबर-15 पर एआर खान सवार थे, इसी बीच उनकी आंख लग गई। फतेहपुर निकलने के बाद आंख खुली तो पता चला कि एमआई कंपनी का मोबाइल, जिसमें एयरटेल का सिम था, वह गायब हो गया।
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शोर मचाया तो उसी कोच में पहले से ही कुछ लोग मोबाइल चोरी होने पर चोर को ढूंढ रहे थे। जिसमें एसी टू के ए-वन कोच की सीट नंबर 19 पर सवार गाजियाबाद के उद्यमी बीड़ी पटेल का एप्पल मोबाइल, एक अन्य महंगा मोबाइल और 50 हजार रुपये गायब थे।
एसी टू के बर्थ नंबर 33 पर सवार अलीगढ़ आरपीएफ में दरोगा संतोष कुमार पाठक के दो कीमती मोबाइल चोरी हो चुके थे। इसी कोच के बर्थ नंबर 31 पर सफर कर रहे बृजेश कुमार का मोबाइल भी चोर साफ कर चुके थे।
इसके साथ ही एक अन्य यात्री प्रदीप कंसल का मोबाइल भी चोरी हो गया था। यात्रियों के कपड़े तक चोरी हो गए। एसी कोच में ही कुछ ही घंटों में सात मोबाइल 50 हजार रुपये और कपड़े चोरी हो गए। ट्रेन के कोच कंडक्टर, अटेंडेंट ने भी कोई सही जवाब नहीं दिया। वह परेशान यात्रियों से ही तू तड़ाक करने लगे। इलाहाबाद पहुंचने पर जीआरपी ने पीड़ितों की तहरीर लेने से मना कर दिया। जब हुज्जत हुई तो तहरीर ली गई। भारतीय रेल में ही पूर्व एसएस, रेल संपत्ति की सुरक्षा करने वाले आरपीएफ के दरोगा सुरक्षित सफर नहीं कर पा रहे हैं। ये घटना रेल बजट पेश होने से दो दिन पहले की है।