{"_id":"5b6df6c64f1c1b31388b5e4f","slug":"81533933254-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब विद्यालयों के खाते में जाएगी विद्यालय संपति की आय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब विद्यालयों के खाते में जाएगी विद्यालय संपति की आय
Updated Sat, 11 Aug 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शासन ने प्रदेश के सभी परिषदीय स्कूलों की चल-अचल संपत्ति से होने वाली आय को अब विद्यालय के खाते में भेजने के आदेश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने जिले के सभी स्कूलों की ऐसी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मांगा, जिसमें ग्राम पंचायत, नगर पालिका आदि राजस्व वसूलते हैं। बेसिक शिक्षा विभागीय अधिकारियों ने अब यह डाटा इकट्ठा करना शुरू कर दिया है।
डाटा प्राप्त होने के बाद विद्यालय स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जाएगा। जिसमें नगरपालिका अध्यक्ष या ग्राम प्रधान अध्यक्ष पद पर, उप जिलाधिकारी द्वारा नामित प्रतिनिधि सदस्य तथा संबंधित विद्यालय का प्रधानाध्यापक सदस्य सचिव पद पर रहेंगे। ये कमेटी ही परिषदीय विद्यालयों की भूमि, दुकान आदि जमीनों से मिलने वाली आय को विद्यालय के खाते में हस्तांतरित कराएगी।
वहीं अगर कमेटी का गठन नहीं हुआ और उक्त आय का दुरुपयोग किया गया तो संबंधित प्रधानाचार्य तथा खंड शिक्षा अधिकारी इसके जिम्मेदार होंगे। वहीं यह राशि विद्यालय के विकास पर खर्च करने पर उसका ब्यौरा दस्तावेजों सहित देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासन ने प्रदेश के सभी परिषदीय स्कूलों की चल-अचल संपत्ति से होने वाली आय को अब विद्यालय के खाते में भेजने के आदेश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने जिले के सभी स्कूलों की ऐसी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मांगा, जिसमें ग्राम पंचायत, नगर पालिका आदि राजस्व वसूलते हैं। बेसिक शिक्षा विभागीय अधिकारियों ने अब यह डाटा इकट्ठा करना शुरू कर दिया है।
डाटा प्राप्त होने के बाद विद्यालय स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जाएगा। जिसमें नगरपालिका अध्यक्ष या ग्राम प्रधान अध्यक्ष पद पर, उप जिलाधिकारी द्वारा नामित प्रतिनिधि सदस्य तथा संबंधित विद्यालय का प्रधानाध्यापक सदस्य सचिव पद पर रहेंगे। ये कमेटी ही परिषदीय विद्यालयों की भूमि, दुकान आदि जमीनों से मिलने वाली आय को विद्यालय के खाते में हस्तांतरित कराएगी।
विज्ञापन
वहीं अगर कमेटी का गठन नहीं हुआ और उक्त आय का दुरुपयोग किया गया तो संबंधित प्रधानाचार्य तथा खंड शिक्षा अधिकारी इसके जिम्मेदार होंगे। वहीं यह राशि विद्यालय के विकास पर खर्च करने पर उसका ब्यौरा दस्तावेजों सहित देना होगा।
विज्ञापन