{"_id":"59b057014f1c1be77f8b47ba","slug":"81504728833-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ में बंदरों के जाम में फंसी पुलिस और राहगीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ में बंदरों के जाम में फंसी पुलिस और राहगीर
Updated Thu, 07 Sep 2017 01:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंदरों के जाम में फंसी पुलिस और राहगीर
ब्यूरो, अमर उजाला, गंगीरी (अलीगढ़)।
बुधवार को गंगीरी चौराहे पर बड़ा ही दिलचस्प नजारा था। एक छोटे बंदर की करंट से चिपककर मौत हो गई थी। इस पर बंदर पूरे चौराहे को घेरकर बैठ गए। जैसे ही बिजली गुल हुई और शव तार से छूटकर नीचे गिरा, उसे उठाकर बंदरों ने थाने के सामने रख दिया।
इतना ही नहीं सभी बंदर खूंखार हो गए। बंदरों का रौद्र रूप देखकर थाने के अंदर सिपाहियों की आवाजाही पर बंद हो गई। सड़क पर यातायात को ब्रेक लग गया। किसी की हिम्मत आगे बढ़ने की नहीं हो रही थी।
काफी देर तक सड़क पर वाहन खड़े रहे। लोग दूर से ही शव रखकर बंदरों के इस ‘विरोध प्रदर्शन’ का नजारा देखते रहे। काफी देर बाद बाद मरे हुए बंदर का शव लेकर सभी बंदर वहां से चलते बने, तब कहीं जाकर थाने के बाहर खड़े पुलिस कर्मी अंदर और अंदर वाले बाहर निकल सके।
विज्ञापन
सड़क पर भी यातायात सुचारू हो सका। बंदरों ने इतनी बुद्धिमत्ता दिखाई कि जब तक तार से छोटा बंदर चिपका रहा वह खामोश रहे, लेकिन जैसे ही शव नीचे गिरा वह क्रोधित हो गए।
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला, गंगीरी (अलीगढ़)।
बुधवार को गंगीरी चौराहे पर बड़ा ही दिलचस्प नजारा था। एक छोटे बंदर की करंट से चिपककर मौत हो गई थी। इस पर बंदर पूरे चौराहे को घेरकर बैठ गए। जैसे ही बिजली गुल हुई और शव तार से छूटकर नीचे गिरा, उसे उठाकर बंदरों ने थाने के सामने रख दिया।
इतना ही नहीं सभी बंदर खूंखार हो गए। बंदरों का रौद्र रूप देखकर थाने के अंदर सिपाहियों की आवाजाही पर बंद हो गई। सड़क पर यातायात को ब्रेक लग गया। किसी की हिम्मत आगे बढ़ने की नहीं हो रही थी।
विज्ञापन
काफी देर तक सड़क पर वाहन खड़े रहे। लोग दूर से ही शव रखकर बंदरों के इस ‘विरोध प्रदर्शन’ का नजारा देखते रहे। काफी देर बाद बाद मरे हुए बंदर का शव लेकर सभी बंदर वहां से चलते बने, तब कहीं जाकर थाने के बाहर खड़े पुलिस कर्मी अंदर और अंदर वाले बाहर निकल सके।
विज्ञापन
सड़क पर भी यातायात सुचारू हो सका। बंदरों ने इतनी बुद्धिमत्ता दिखाई कि जब तक तार से छोटा बंदर चिपका रहा वह खामोश रहे, लेकिन जैसे ही शव नीचे गिरा वह क्रोधित हो गए।