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Aligarh News: कलयुग के श्रवण कुमार, 81 किमी कांधे पर माता-पिता को लेकर चले कांवड़ चढ़वाने
Sat, 15 Jul 2023 07:10 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 15 Jul 2023 07:10 PM IST
सार
एक माता-पिता के तीन बेटे श्रवण कुमार के रूप में नजर आए। बांस के दो किनारों पर रस्सी के सहारे के सहारे खटोले बांधकर उसमें माता-पिता को बिठाकर यह तीनों युवक उन्हें सासनी के विलेश्वर धाम मंदिर में भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करवाएंगे।
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मां-बाप को कंधे पर ले जाते तीनों बेटे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्रवण कुमार बनने के लिए त्रेता युग ही नहीं चाहिए। मन में अगाध श्रद्धा वाले बच्चे आज भी अपने माता-पिता के लिए श्रवण कुमार के रूप में नजर आते ही रहते हैं। ऐसे ही एक माता-पिता के तीन बेटे श्रवण कुमार के रूप में नजर आए। बांस के दो किनारों पर रस्सी के सहारे के सहारे खटोले बांधकर उसमें माता-पिता को बिठाकर यह तीनों युवक उन्हें सासनी के विलेश्वर धाम मंदिर में भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करवाएंगे।
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हाथरस जनपद के कस्बा सासनी के हरी नगर कॉलोनी निवासी करीब 75 वर्षीय नेत्रहीन बदन सिंह बघेल और उनकी पत्नी अनार देवी को उनके तीनों पुत्र रमेश, विपिन और योगेश रामघाट में गंगा स्नान कराने लाए। गंगा स्नान कराने के बाद रामघाट से ही कांधे पर कांवड़ और उसी में बंधे खटोलों पर माता-पिता को बिठाकर तीनों बेटे कांधे पर उठाकर सासनी कस्बे के विलेश्वर धाम मंदिर के लिए लेकर चल पड़े।
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साथ में बदन सिंह की पुत्रवधुएं पूजा, उर्मिला व रूबी बघेल भी थीं। इनके साथ में बदन सिंह के नाती भी साथ हैं। रास्ते में जिसकी भी नजर इन पर पड़ी वह तीनों युवकों की माता-पिता के प्रति श्रद्धा देखकर अभिभूत हो उठा।
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