{"_id":"59b2edd04f1c1bf57f8b52f3","slug":"61504898512-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अर्द्धनग्न होकर शिक्षामित्रों ने घेरा कलेक्ट्रेट, योगी विरोधी नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अर्द्धनग्न होकर शिक्षामित्रों ने घेरा कलेक्ट्रेट, योगी विरोधी नारेबाजी
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अर्द्धनग्न होकर शिक्षामित्रों ने घेरा कलेक्ट्रेट, योगी विरोधी नारेबाजी
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी है। शुक्रवार को कार्य बहिष्कार कर शिक्षामित्रों ने अर्द्धनग्न होकर जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट का घेराव किया। कलेक्ट्रेट के सामने जाम लगा दिया और जमकर नारेबाजी की। वहीं पीएम को संबोधित ज्ञापन शिक्षामित्रों ने एसडीएम खैर व एसीएम द्वितीय को दिया। अब शनिवार से शिक्षामित्रों ने जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है। इधर, कार्य बहिष्कार से काफी परिषदीय स्कूलों में ताले लटक गए हैं और पढ़ाई चौपट हो गई है।
प्रदेश सरकार के निर्णय के विरोध में शिक्षामित्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को शिक्षामित्र जिला पंचायत कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। वहां संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले शिक्षामित्रोें ने सभा की और अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए और सीएम योगी के खिलाफ नारेबाजी की। वहां से शिक्षामित्रों ने पैदल मार्च निकाला। प्रशासन ने आशंका के मद्देनजर कलेक्ट्रेट के गेट का ताला पहले ही लगवा दिया था।
शिक्षामित्रों ने पहले तो कलेक्ट्रेट का घेराव किया और उसके बाद नारेबाजी करते हुए बाहर सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। नारेबाजी में मुख्यमंत्री योगी को कसाई और राम रहीम का भाई तक कहा गया। इस दौरान मौके पर काफी पुलिस भी पहुंच गई। शिक्षामित्रोें का कहना था कि उन्हें सरकार का दस हजार रुपये मानदेय देने का प्रस्ताव किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है। इस दौरान एसडीएम खैर, एसीएम द्वितीय रेनू सिंह भी आ र्गइं। शिक्षामित्रों ने मांगों को लेकर पीएम को प्रेषित ज्ञापन इन अधिकारियों को सौंपा।
विज्ञापन
ज्ञापन में कहा गया कि दस हजार रुपये मानदेय के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करते हुए संगठनों के साथ पूर्व में हुई बैठकों में रखे गए प्रस्तावों पर ही निर्णय लिया जाए। प्रदर्शनकारियों में सुनील शर्मा, रिषीपाल सिंह, प्रेमपाल सिंह आर्य, हरेंद्र सिंह, राजवीर सिंह राघव, सरिता कौशिक, राधा शर्मा, अनिल वर्मा, यशपाल सिंह, सत्यप्रकाश शर्मा, वीरेश कुमार, रवेंद्र यादव आदि शामिल थे।
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी है। शुक्रवार को कार्य बहिष्कार कर शिक्षामित्रों ने अर्द्धनग्न होकर जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट का घेराव किया। कलेक्ट्रेट के सामने जाम लगा दिया और जमकर नारेबाजी की। वहीं पीएम को संबोधित ज्ञापन शिक्षामित्रों ने एसडीएम खैर व एसीएम द्वितीय को दिया। अब शनिवार से शिक्षामित्रों ने जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है। इधर, कार्य बहिष्कार से काफी परिषदीय स्कूलों में ताले लटक गए हैं और पढ़ाई चौपट हो गई है।
प्रदेश सरकार के निर्णय के विरोध में शिक्षामित्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को शिक्षामित्र जिला पंचायत कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। वहां संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले शिक्षामित्रोें ने सभा की और अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए और सीएम योगी के खिलाफ नारेबाजी की। वहां से शिक्षामित्रों ने पैदल मार्च निकाला। प्रशासन ने आशंका के मद्देनजर कलेक्ट्रेट के गेट का ताला पहले ही लगवा दिया था।
विज्ञापन
शिक्षामित्रों ने पहले तो कलेक्ट्रेट का घेराव किया और उसके बाद नारेबाजी करते हुए बाहर सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। नारेबाजी में मुख्यमंत्री योगी को कसाई और राम रहीम का भाई तक कहा गया। इस दौरान मौके पर काफी पुलिस भी पहुंच गई। शिक्षामित्रोें का कहना था कि उन्हें सरकार का दस हजार रुपये मानदेय देने का प्रस्ताव किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है। इस दौरान एसडीएम खैर, एसीएम द्वितीय रेनू सिंह भी आ र्गइं। शिक्षामित्रों ने मांगों को लेकर पीएम को प्रेषित ज्ञापन इन अधिकारियों को सौंपा।
विज्ञापन
ज्ञापन में कहा गया कि दस हजार रुपये मानदेय के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करते हुए संगठनों के साथ पूर्व में हुई बैठकों में रखे गए प्रस्तावों पर ही निर्णय लिया जाए। प्रदर्शनकारियों में सुनील शर्मा, रिषीपाल सिंह, प्रेमपाल सिंह आर्य, हरेंद्र सिंह, राजवीर सिंह राघव, सरिता कौशिक, राधा शर्मा, अनिल वर्मा, यशपाल सिंह, सत्यप्रकाश शर्मा, वीरेश कुमार, रवेंद्र यादव आदि शामिल थे।