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अलीगढ़ः 57 बेड का आईसीयू... मगर एनेस्थीसिया का डॉक्टर नहीं
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पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में गंभीर मरीजों का उपचार कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है। दरअसल, यहां पर 57 बेड का आईसीयू है लेकिन एनेस्थीसिया का एक भी डॉक्टर नहीं है। आईसीयू में एनेस्थीसिया के डॉक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीजों की देखभाल से लेकर उपकरणों का संचालन, मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी इन पर ही होती है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय कोविड समर्पित (एल-2) अस्पताल है। यहां 300 बेड हैं, आईसीयू में 57 बेड हैं। महामारी के दौरान यहां पर मलखान सिंह जिला अस्पताल के एनेस्थीसिया के डॉ. चरण सिंह एवं डॉ. इकरार को तैनात किया गया था। जनपद में कोरोना के सक्रिय केस शून्य होने के बाद दोनों चिकित्सक मूल तैनाती स्थल पर पहुंच गए हैं। वर्तमान में दीनदयाल अस्पताल में एक भी एनेस्थीसिया का डॉक्टर नहीं है। संभावित तीसरी लहर के पहले यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। यदि कोई गंभीर मरीज आता है तो आईसीयू में उसका उपचार कैसे होगा। फिलहाल, अस्पताल के ईएमओ आईसीयू का काम देख रहे हैं।
चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एसके उपाध्याय का कहना है कि कोरोना काल में जिला अस्पताल के दो डॉक्टर यहां कार्य कर रहे थे। कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या शून्य होने के बाद वह मूल तैनाती स्थल पर चले गए हैं। मंडल के अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय के डॉ. मनोज शर्मा को पं. दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में भेजा जा रहा है। उसके बाद कुछ हद तक समस्याएं खत्म हो जाएगी।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय कोविड समर्पित (एल-2) अस्पताल है। यहां 300 बेड हैं, आईसीयू में 57 बेड हैं। महामारी के दौरान यहां पर मलखान सिंह जिला अस्पताल के एनेस्थीसिया के डॉ. चरण सिंह एवं डॉ. इकरार को तैनात किया गया था। जनपद में कोरोना के सक्रिय केस शून्य होने के बाद दोनों चिकित्सक मूल तैनाती स्थल पर पहुंच गए हैं। वर्तमान में दीनदयाल अस्पताल में एक भी एनेस्थीसिया का डॉक्टर नहीं है। संभावित तीसरी लहर के पहले यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। यदि कोई गंभीर मरीज आता है तो आईसीयू में उसका उपचार कैसे होगा। फिलहाल, अस्पताल के ईएमओ आईसीयू का काम देख रहे हैं।
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चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एसके उपाध्याय का कहना है कि कोरोना काल में जिला अस्पताल के दो डॉक्टर यहां कार्य कर रहे थे। कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या शून्य होने के बाद वह मूल तैनाती स्थल पर चले गए हैं। मंडल के अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय के डॉ. मनोज शर्मा को पं. दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में भेजा जा रहा है। उसके बाद कुछ हद तक समस्याएं खत्म हो जाएगी।
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