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यूपी बोर्ड परीक्षा: 84184 परीक्षार्थियों की किस्मत का फैसला आज
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
यूपी बोर्ड परीक्षा का बहु प्रतीक्षित परिणाम शनिवार दोपहर साढ़े बारह बजे घोषित किया जाएगा। पूरी परीक्षा शामिल होने वाले 84 हजार 184 परीक्षार्थियों और उनके परिजनों को इसका बेसब्री से इंतजार है। शुक्रवार शाम को परिक्षार्थियों ने अपने अपने ईष्टदेव को नमन कर बेहतर परिणाम की कामना की।
जिले में 1 लाख 25 हजार 577 परीक्षार्थियों ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए आवेदन किया था। सात फरवरी से आयोजित बोर्ड परीक्षा से पहले ही 16 हजार 148 आवेदन निरस्त हो गए थे। इसके बाद लगातार नकल पर हुई सख्ती के चलते 25 हजार 245 परीक्षार्थियों ने बीच में ही मैदान छोड़ दिया था।
इस बार परीक्षा केंद्रों में सभी कक्षों में सीसीटीवी और वाइस रिकार्डर लगाया गया तो 25 हजार 245 परीक्षा छोड़ गए। इस तकनीकी दांव पेंच में नकल माफिया भी उलझ गए। जिससे नकल पिछले वर्षों के मुकाबले कम ही हुई। अब परीक्षा परिणाम आने के बाद स्पष्ट होगा कि सीसीटीवी और वाइस रिकार्डर लगाने की व्यवस्था कितनी सफल हो सकी।
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भाजपा सरकार बनने के बाद बढ़ी नकल पर सख्ती
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद वर्ष 2018 से जिले में नकल पर सख्ती होनी शुरू हो गई थी। उस वक्त 24 विद्यालयों के डिबार के लिए अधिकारियों ने संस्तुति की। पांच प्रबंधक, आठ केंद्र व्यवस्थापक बदले गए। पूरे जिले में नौ परीक्षा निरस्त हुईं।
अतरौली में तो एक सेंटर पर एक साथ 56 व्यक्ति एक केंद्र व्यवस्थापक के घर में कापी लिखते मिले। इन लोगों में नाबालिग बच्चे तथा युवतियां भी थीं। यह कार्यवाही प्रदेश स्तर पर चर्चित रही।
हालात यह रहे कि हाईस्कूल में 53.22 फीसदी तो इंटर में 42.17 फीसदी परीक्षार्थी पास हो सके। यह आंकड़े पंजीकरण के आधार पर हैं, जबकि परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से हाईस्कूल में 75.30 प्रतिशत तो इंटर में 56.49 प्रतिशत बच्चे सफल हुए थे।
2018 व 2019 की कार्यवाही एक नजर में..
2018...
पंजीकृत परीक्षार्थी केंद्र अनुपस्थित डिबार निरस्त परीक्षा प्रबंधक केंद्र व्यवस्थापक- शिक्षकों पर एफआईआर फर्जी एवं नकलची छात्र
186286 240 65314 24 09 5 8 74
2019...
125577 179 25245 05 00 00 10 31
नोट: वर्ष 2018 में नौ स्थानों पर सामूहिक नकल पकड़ी गई थी, जबकि इस बार एक भी जगह सामूहिक नकल नहीं पकड़ी गई।
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यूपी बोर्ड परीक्षा का बहु प्रतीक्षित परिणाम शनिवार दोपहर साढ़े बारह बजे घोषित किया जाएगा। पूरी परीक्षा शामिल होने वाले 84 हजार 184 परीक्षार्थियों और उनके परिजनों को इसका बेसब्री से इंतजार है। शुक्रवार शाम को परिक्षार्थियों ने अपने अपने ईष्टदेव को नमन कर बेहतर परिणाम की कामना की।
जिले में 1 लाख 25 हजार 577 परीक्षार्थियों ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए आवेदन किया था। सात फरवरी से आयोजित बोर्ड परीक्षा से पहले ही 16 हजार 148 आवेदन निरस्त हो गए थे। इसके बाद लगातार नकल पर हुई सख्ती के चलते 25 हजार 245 परीक्षार्थियों ने बीच में ही मैदान छोड़ दिया था।
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इस बार परीक्षा केंद्रों में सभी कक्षों में सीसीटीवी और वाइस रिकार्डर लगाया गया तो 25 हजार 245 परीक्षा छोड़ गए। इस तकनीकी दांव पेंच में नकल माफिया भी उलझ गए। जिससे नकल पिछले वर्षों के मुकाबले कम ही हुई। अब परीक्षा परिणाम आने के बाद स्पष्ट होगा कि सीसीटीवी और वाइस रिकार्डर लगाने की व्यवस्था कितनी सफल हो सकी।
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भाजपा सरकार बनने के बाद बढ़ी नकल पर सख्ती
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद वर्ष 2018 से जिले में नकल पर सख्ती होनी शुरू हो गई थी। उस वक्त 24 विद्यालयों के डिबार के लिए अधिकारियों ने संस्तुति की। पांच प्रबंधक, आठ केंद्र व्यवस्थापक बदले गए। पूरे जिले में नौ परीक्षा निरस्त हुईं।
अतरौली में तो एक सेंटर पर एक साथ 56 व्यक्ति एक केंद्र व्यवस्थापक के घर में कापी लिखते मिले। इन लोगों में नाबालिग बच्चे तथा युवतियां भी थीं। यह कार्यवाही प्रदेश स्तर पर चर्चित रही।
हालात यह रहे कि हाईस्कूल में 53.22 फीसदी तो इंटर में 42.17 फीसदी परीक्षार्थी पास हो सके। यह आंकड़े पंजीकरण के आधार पर हैं, जबकि परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से हाईस्कूल में 75.30 प्रतिशत तो इंटर में 56.49 प्रतिशत बच्चे सफल हुए थे।
2018 व 2019 की कार्यवाही एक नजर में..
2018...
पंजीकृत परीक्षार्थी केंद्र अनुपस्थित डिबार निरस्त परीक्षा प्रबंधक केंद्र व्यवस्थापक- शिक्षकों पर एफआईआर फर्जी एवं नकलची छात्र
186286 240 65314 24 09 5 8 74
2019...
125577 179 25245 05 00 00 10 31
नोट: वर्ष 2018 में नौ स्थानों पर सामूहिक नकल पकड़ी गई थी, जबकि इस बार एक भी जगह सामूहिक नकल नहीं पकड़ी गई।