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जुलाई में भी पुरानी ड्रेस और पुरानी किताबें लेकर पढ़ने आएंगे बच्चे।
Updated Sat, 19 May 2018 01:32 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अप्रैल से लेकर अब तक परिषदीय स्कूलों के बच्चों को न नई किताबें मिल सकी हैं और न ही नई यूनिफॉर्म। रविवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाएंगे। ऐसे में एक जुलाई से जब विद्यालय खुलेंगे तब भी परिषदीय स्कूलों के बच्चे पुरानी यूनिफॉर्म पहन और फटी-पुरानी किताबें लेकर पढ़ने आएंगे। इसकी मुख्य वजह यही है कि किताबें व यूनिफॉर्म का बजट देरी से मिला है।
यह शैक्षिक सत्र अप्रैल माह से शुरू हो चुका है आधा मई माह बीतने के बाद भी परिषदीय स्कूलों के बच्चों को न तो नई किताबें मिलीं और न ही नई यूनिफॉर्म। हालांकि कुछ किताबें आ गई हैं, लेकिन अभी सत्यापन के चक्कर में इनका वितरण नहीं हुआ है।
इसी तरह यूनिफॉर्म की एक किस्त भी आ चुकी है और अभी तक इसको बनवाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। ऐसे में पिछले डेढ़ माह से बच्चे पुरानी फटी-पुरानी किताबें लेकर और पुरानी यूनिफॉर्म पहनकर ही विद्यालय आ रहे हैं। अब रविवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाएगा और जून के बाद एक जुलाई से विद्यालय खुलेंगे।
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ऐसे में जुलाई के माह में भी बच्चों के हाथों में फटी-पुरानी किताबें और उनके शरीर पर भी पुरानी यूनिफॉर्म ही होगी। हालांकि बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय का कहना है कि शासन से यूनिफॉर्म के लिए धनराशि आ चुकी है और 15 जुलाई तक बच्चों को यूनिफॉर्म वितरित करा दी जाएंगी। डॉ. पांडेय का कहना है कि सत्यापन के बाद वह किताबों का भी वितरण शुरू करा देंगे।
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अप्रैल से लेकर अब तक परिषदीय स्कूलों के बच्चों को न नई किताबें मिल सकी हैं और न ही नई यूनिफॉर्म। रविवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाएंगे। ऐसे में एक जुलाई से जब विद्यालय खुलेंगे तब भी परिषदीय स्कूलों के बच्चे पुरानी यूनिफॉर्म पहन और फटी-पुरानी किताबें लेकर पढ़ने आएंगे। इसकी मुख्य वजह यही है कि किताबें व यूनिफॉर्म का बजट देरी से मिला है।
यह शैक्षिक सत्र अप्रैल माह से शुरू हो चुका है आधा मई माह बीतने के बाद भी परिषदीय स्कूलों के बच्चों को न तो नई किताबें मिलीं और न ही नई यूनिफॉर्म। हालांकि कुछ किताबें आ गई हैं, लेकिन अभी सत्यापन के चक्कर में इनका वितरण नहीं हुआ है।
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इसी तरह यूनिफॉर्म की एक किस्त भी आ चुकी है और अभी तक इसको बनवाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। ऐसे में पिछले डेढ़ माह से बच्चे पुरानी फटी-पुरानी किताबें लेकर और पुरानी यूनिफॉर्म पहनकर ही विद्यालय आ रहे हैं। अब रविवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाएगा और जून के बाद एक जुलाई से विद्यालय खुलेंगे।
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ऐसे में जुलाई के माह में भी बच्चों के हाथों में फटी-पुरानी किताबें और उनके शरीर पर भी पुरानी यूनिफॉर्म ही होगी। हालांकि बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय का कहना है कि शासन से यूनिफॉर्म के लिए धनराशि आ चुकी है और 15 जुलाई तक बच्चों को यूनिफॉर्म वितरित करा दी जाएंगी। डॉ. पांडेय का कहना है कि सत्यापन के बाद वह किताबों का भी वितरण शुरू करा देंगे।