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एसवी कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष व सचिव तलब
Updated Tue, 30 Jan 2018 02:13 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बारहसैनी कॉलेज सोसाइटी के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए बनी मतदाता सूची में हरिशंकर वार्ष्णेय को ‘मृतक’ लिखे जाने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-2 कन्हैयाजी ने एसवी कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष चंद्र शेखर सराफ व सचिव अतुल कुमार वार्ष्णेय को 19 फरवरी को तलब किया है।
परिवाद पत्र के अनुसार हरिशंकर वार्ष्णेय 50 वर्षों से बारहसैनी कॉलेज सोसाइटी के सदस्य हैं। सोसाइटी का चुनाव 25 दिसंबर 2016 को हुआ था।
इस चुनाव के लिए सोसाइटी की ओर से निर्वाचन अधिकारी ने परिवादी को निर्वाचन का कार्यक्रम पंजीकृत डाक से परिवादी के पते पर भेजा था। इसमें परिवादी को मृतक और निर्वाचन सूची में भी मृतक अंकित किया गया था। इसके चलते वह मतदान करने से वंचित रह गए।
परिवादी के जीवित रहते सोसाइटी ने मृतक घोषित करके परिवादी को मानसिक पीड़ा देने वाला अपमानजनक कृत्य किया है। उन्हें अलग-अगल शब्दों से लोग विभूषित करते हैं, जिससे वह अपमानित महसूस करते हैं। अब अदालत ने इस मामले में अध्यक्ष व सचिव को 19 फरवरी को तलब किया है।
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उधर, सचिव अतुल कुमार वार्ष्णेय का कहना है कि नोटिस मिलने पर वह अदालत जाएंगे और सारी वस्तु स्थिति से अदालत को अवगत कराएंगे। यह भूल पूर्व सचिव की लिस्ट में थी। मेरे पास कोई ऐसा रिकॉर्ड नहीं है, जिसमें इनके नाम के आगे मृतक कैसे लिख गया। इसकी जांच करायी जा रही है।
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बारहसैनी कॉलेज सोसाइटी के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए बनी मतदाता सूची में हरिशंकर वार्ष्णेय को ‘मृतक’ लिखे जाने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-2 कन्हैयाजी ने एसवी कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष चंद्र शेखर सराफ व सचिव अतुल कुमार वार्ष्णेय को 19 फरवरी को तलब किया है।
परिवाद पत्र के अनुसार हरिशंकर वार्ष्णेय 50 वर्षों से बारहसैनी कॉलेज सोसाइटी के सदस्य हैं। सोसाइटी का चुनाव 25 दिसंबर 2016 को हुआ था।
इस चुनाव के लिए सोसाइटी की ओर से निर्वाचन अधिकारी ने परिवादी को निर्वाचन का कार्यक्रम पंजीकृत डाक से परिवादी के पते पर भेजा था। इसमें परिवादी को मृतक और निर्वाचन सूची में भी मृतक अंकित किया गया था। इसके चलते वह मतदान करने से वंचित रह गए।
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परिवादी के जीवित रहते सोसाइटी ने मृतक घोषित करके परिवादी को मानसिक पीड़ा देने वाला अपमानजनक कृत्य किया है। उन्हें अलग-अगल शब्दों से लोग विभूषित करते हैं, जिससे वह अपमानित महसूस करते हैं। अब अदालत ने इस मामले में अध्यक्ष व सचिव को 19 फरवरी को तलब किया है।
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उधर, सचिव अतुल कुमार वार्ष्णेय का कहना है कि नोटिस मिलने पर वह अदालत जाएंगे और सारी वस्तु स्थिति से अदालत को अवगत कराएंगे। यह भूल पूर्व सचिव की लिस्ट में थी। मेरे पास कोई ऐसा रिकॉर्ड नहीं है, जिसमें इनके नाम के आगे मृतक कैसे लिख गया। इसकी जांच करायी जा रही है।