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रिटर्न की जानकारी के लिए बाजारों में लगाएं कैंप
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:28 AM IST
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रिटर्न की जानकारी के लिए बाजारों में लगाएं कैंप
ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का पहला रिटर्न बेशक दाखिल हो गया है, लेकिन व्यापारियों की दिक्कतें अभी दूर नहीं हुई हैं। इस संबंध में जिला कर अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश वार्ष्णेय और सचिव विनोद कुमार अग्रवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जीएसटी का रिटर्न भरने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाओं का आयोजन करने की मांग की है।
दोनों ने कहा है कि बेशक जीएसटी लागू करने से पहले सेमिनार और कार्यशालाओं के जरिए वाणिज्य कर विभाग और प्रशासन के अधिकारियों ने व्यापारियों को जानकारी दी, लेकिन इस कानून की जटिलता के कारण आम व्यापारियों को इसके नियमों के अनुसार कार्यवाही पूरी करने में समस्या हो रही है और सरकार बार-बार नियमों में परिवर्तन कर रही है।
इससे भ्रम की स्थिति भी पैदा हो रही है। जीएसटी का पहला रिटर्न जीएसटीआर 3 बी प्रपत्र पर 28 अगस्त तक दिया जाना था। इसके बारे में व्यापारियों को कोई जानकारी नहीं है।
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जुलाई का जीएसटीआर वन एक सितंबर से पांच सितंबर तक जमा किया जाना है। पोर्टल पर तकनीकी त्रुटियों के कारण व्यापारियों और अधिवक्ताओं को इसमें भी दिक्कत हो रही है। व्यापारी इस समय मानसिक रूप से परेशान हैं और आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
उन्होंने वित्त मंत्री से कहा है कि जीएसटी का सही तरीके से क्रियान्वयन और व्यापारियों को परेशानी से बचाने के लिए देश के साथ पूरे प्रदेश के सभी शहरों और बाजारों में शिविर लगाकर जीएसटी के रिटर्न भरने की ट्रेनिंग व्यापारियों को दी जानी चाहिए। जो व्यापारी रिटर्न भरने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें यह सुविधा शिविर व कार्यालयों में दी जानी चाहिए।
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ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का पहला रिटर्न बेशक दाखिल हो गया है, लेकिन व्यापारियों की दिक्कतें अभी दूर नहीं हुई हैं। इस संबंध में जिला कर अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश वार्ष्णेय और सचिव विनोद कुमार अग्रवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जीएसटी का रिटर्न भरने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाओं का आयोजन करने की मांग की है।
दोनों ने कहा है कि बेशक जीएसटी लागू करने से पहले सेमिनार और कार्यशालाओं के जरिए वाणिज्य कर विभाग और प्रशासन के अधिकारियों ने व्यापारियों को जानकारी दी, लेकिन इस कानून की जटिलता के कारण आम व्यापारियों को इसके नियमों के अनुसार कार्यवाही पूरी करने में समस्या हो रही है और सरकार बार-बार नियमों में परिवर्तन कर रही है।
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इससे भ्रम की स्थिति भी पैदा हो रही है। जीएसटी का पहला रिटर्न जीएसटीआर 3 बी प्रपत्र पर 28 अगस्त तक दिया जाना था। इसके बारे में व्यापारियों को कोई जानकारी नहीं है।
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जुलाई का जीएसटीआर वन एक सितंबर से पांच सितंबर तक जमा किया जाना है। पोर्टल पर तकनीकी त्रुटियों के कारण व्यापारियों और अधिवक्ताओं को इसमें भी दिक्कत हो रही है। व्यापारी इस समय मानसिक रूप से परेशान हैं और आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
उन्होंने वित्त मंत्री से कहा है कि जीएसटी का सही तरीके से क्रियान्वयन और व्यापारियों को परेशानी से बचाने के लिए देश के साथ पूरे प्रदेश के सभी शहरों और बाजारों में शिविर लगाकर जीएसटी के रिटर्न भरने की ट्रेनिंग व्यापारियों को दी जानी चाहिए। जो व्यापारी रिटर्न भरने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें यह सुविधा शिविर व कार्यालयों में दी जानी चाहिए।