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Aligarh: पुराने शहर में बना है 500 साल पुराना मंगलेश्वर महादेव मंदिर, राजा मंगलसेन ठहरे यहां

Mon, 23 Jan 2023 03:33 AM IST
चमन शर्मा रिंकू शर्मा
रिंकू शर्मा Published by: चमन शर्मा Updated Mon, 23 Jan 2023 03:33 AM IST
सार

अलीगढ़ के जयगंज की सकरी गलियों में मंगलेश्वर महादेव के नाम से है। मंदिर करीब 500 साल पुराना है। आज भी मंदिर में प्राचीन समय के पत्थर लगे हुए हैं। जिस पर 300 साल से अधिक की तिथियां अंकित हैं। 
 

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500 years old Mangleshwar Mahadev temple built in Aligarh old city
जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलीगढ़ के जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर की अपनी प्राचीनता और भव्यता काफी प्रसिद्ध है। यहां बेहद संकरी गलियों के बीच से होते हुए मंगलेश्वर महादेव के दरबार में भक्तों को पहुंचना पड़ता है। भले ही उन्हें यह मुश्किलें झेलनी पड़े मगर, भक्तों में आज भी अपार श्रद्धा है। इसीलिए सावन में यहां आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है। मंदिर में भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं, साथ में नंदी बाबा भी हैं। 

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जयगंज अपनी पुरानी संस्कृति के लिए आज भी प्रसिद्ध है। घनी आबादी के बीच आज भी यहां पुरानी परंपराएं जीवंत हैं। इसलिए यहां सैकड़ों वर्ष पुराने मंदिर आपको बहुत ही सहज दिखाई दे जाएंगे। जिनकी नक्काशी देख कर आप सहज ही अंदाजा लगा लेंगे। यह मंदिर राज वालों के समय का है। ऐसा ही एक मंदिर जयगंज की सकरी गलियों में मंगलेश्वर महादेव के नाम से है। मंदिर के प्रवक्ता अंकित वार्ष्णेय बताते हैं कि मंदिर करीब 500 साल पुराना है। आज भी मंदिर में प्राचीन समय के पत्थर लगे हुए हैं। जिस पर 300 साल से अधिक की तिथियां अंकित हैं। 
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 ऐसा बताया जाता है कि 500 साल पहले राजा मंगलसेन अलीगढ़ होकर निकल रहे थे। जयगंज के पास बड़े टीले पर उन्होंने अपनी सेना को विश्राम के लिए आदेश दे दिया। सेना विश्राम कर रही थी तभी मंगलसेन को एक शिवलिंग दिखाई दिया उस शिवलिंग में अलग तरह की अलौकिकता थी जिसे देखकर मंगलसेन भक्ति रस से भर उठे। उन्होंने तुरंत सैनिकों को टीले की साफ-सफाई के निर्देश दिए, जिससे टीला पूरी तरह से साफ हो गया। मंगलसेन ने ब्राह्मण को बुलवाकर वहां पूजन शुरू कर दिया। जलाभिषेक के साथ ही भगवान भोलेनाथ से सभी के मंगल की कामना की। इसके बाद से मंदिर का नाम मंगलेश्वर महादेव मंदिर पड़ गया। फिर धीरे-धीरे मंदिर का निर्माण शुरू होता रहा। वर्षों मंदिर में निर्माण कार्य चला उसके बाद भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया। भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में यहां विराजमान हैं।
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महाशिवरात्रि के दिन निकाला जाता है भोलेनाथ का विशाल डोला
सावन के महीने में मंगलेश्वर महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने आते हैं। सावन के सोमवार में तो अपार आस्था का सैलाब यहां दिखाई देता है। पुराना शहर होने के कारण यहां आज भी पुरानी परंपराओं और संस्कृति से लोगों का खासा जुड़ाव है। महाशिवरात्रि के दिन यहां भोलेनाथ का विशाल डोला निकलता है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। बाबा भोलेनाथ के एक दर्शन को पाने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। नए शहर से भी लोग बड़ी संख्या में दर्शन करने के लिए आते हैं। 

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