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शौचालय निर्माण की रकम हड़प, अदालत के आदेश पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज होगी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अतरौली तहसील के बिजौली ब्लाक के गांव मऊपुर भाऊपुर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनवाने के लिए आई धनराशि का गोलमाल हो रहा है। ताजा प्रकरण में अदालत के आदेश पर थाना पॉलीमुकीमपुर में मुकदमा दर्ज करने की कार्यवाही शुरू हुई है।
गांव के प्र्रेमपाल सिंह ने शिकायत की थी कि उनके घर के शौचालय निर्माण के लिए आए 12 हजार रुपये को ग्राम प्रधान वीरपाल सिंह मऊपुर भाऊपुर ने बैंक मैनेजर ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त शाखा पॉलीमुकीमपुर, ब्लाक के एडीओ और बीडीओ से मिल कर खुर्दबुर्द कर लिए। जिसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ सभी अधिकारियों से की थी। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने थाना पॉलीमुकीमपुर को मामले की जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
इसी तरह से इसी गांव के बिनामी ने भी अपनी शिकायत न्यायालय एडीजे द्वितीय में दर्ज कराई है। जिसमें बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उक्त मामलों में पीड़ितों की पैरवी कर रहे एडवोकेट अमित उपाध्याय ने बताया कि गांव में मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन के तहत आने वाले सरकारी धन का इसी तरह से दुरुपयोग हो रहा है। जिसका प्रशासनिक स्तर पर शिकायत होने के बाद भी संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
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अतरौली तहसील के बिजौली ब्लाक के गांव मऊपुर भाऊपुर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनवाने के लिए आई धनराशि का गोलमाल हो रहा है। ताजा प्रकरण में अदालत के आदेश पर थाना पॉलीमुकीमपुर में मुकदमा दर्ज करने की कार्यवाही शुरू हुई है।
गांव के प्र्रेमपाल सिंह ने शिकायत की थी कि उनके घर के शौचालय निर्माण के लिए आए 12 हजार रुपये को ग्राम प्रधान वीरपाल सिंह मऊपुर भाऊपुर ने बैंक मैनेजर ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त शाखा पॉलीमुकीमपुर, ब्लाक के एडीओ और बीडीओ से मिल कर खुर्दबुर्द कर लिए। जिसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ सभी अधिकारियों से की थी। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने थाना पॉलीमुकीमपुर को मामले की जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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इसी तरह से इसी गांव के बिनामी ने भी अपनी शिकायत न्यायालय एडीजे द्वितीय में दर्ज कराई है। जिसमें बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उक्त मामलों में पीड़ितों की पैरवी कर रहे एडवोकेट अमित उपाध्याय ने बताया कि गांव में मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन के तहत आने वाले सरकारी धन का इसी तरह से दुरुपयोग हो रहा है। जिसका प्रशासनिक स्तर पर शिकायत होने के बाद भी संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
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