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एससीएसटी आयोग के सदस्य ने की बैठक
Updated Tue, 23 Oct 2018 02:09 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य ओमप्रकाश नायक ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार उत्पीड़न सहायता से संबंधित प्रकरणों को 15 दिन में निस्तारित करने के निर्देश दिये हैं। यही नहीं बंजारा वर्ग को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए जल्द से जल्द सर्वे पूर्ण करने को कहा है।
पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में अफसरों की क्लास लेते हुए उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) नियमावली 1995 को केंद्र सरकार द्वारा संशोधित करते हुए अधिनियम में 25 और अपराधों को जोड़कर और प्रभावकारी बनाया गया है। पूर्व नियमावली के अनुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार उत्पीड़न के मामले में एफआईआर दर्ज कराए जाने पर आपवादित मामलों को छोड़कर आर्थिक सहायता की राशि नहीं मिल पाती थी। संशोधित नियम के तहत अब एफआईआर दर्ज कराने पर ही आर्थिक सहायता की 25 से 50 प्रतिशत धनराशि तत्काल दिए जाने का प्राविधान किया गया है। गंभीर हत्या जैसे मामलों में आर्थिक सहायता की धनराशि 8.25 लाख रुपये तक दिए जाने का प्राविधान है।
सदस्य ने ब्लॉक अकराबाद के ग्राम पंचायत दुबिया में मंडी समिति द्वारा नाली एवं सड़क निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर खामियों को दूर करने के निर्देश दिये। बंजारा समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए 1998 में सर्वे कराकर भारत सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी थी, जिसे अपूर्ण एवं मानक के अनुरूप न पाए जाने पर 2016 में खारिज कर दिया गया है। पुन: प्रदेश सरकार द्वारा बंजारा जाति का सर्वे कराया जा रहा है। इसके तहत 22 से 26 अक्तूबर तक शोध अधिकारी छत्रपाल वर्मा द्वारा हाथरस एवं अलीगढ़ जनपद में निवास करने वाले बंजारों का सर्वे किया जाएगा। औरेया, इटावा, एटा, मैनपुरी, कासगंज, फिरोजाबाद, कन्नौज, फर्रूखाबाद का सर्वे कर लिया गया है। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन अजय श्रीवास्तव समेत अन्य अफसर मौजूद थे।
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उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य ओमप्रकाश नायक ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार उत्पीड़न सहायता से संबंधित प्रकरणों को 15 दिन में निस्तारित करने के निर्देश दिये हैं। यही नहीं बंजारा वर्ग को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए जल्द से जल्द सर्वे पूर्ण करने को कहा है।
पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में अफसरों की क्लास लेते हुए उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) नियमावली 1995 को केंद्र सरकार द्वारा संशोधित करते हुए अधिनियम में 25 और अपराधों को जोड़कर और प्रभावकारी बनाया गया है। पूर्व नियमावली के अनुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार उत्पीड़न के मामले में एफआईआर दर्ज कराए जाने पर आपवादित मामलों को छोड़कर आर्थिक सहायता की राशि नहीं मिल पाती थी। संशोधित नियम के तहत अब एफआईआर दर्ज कराने पर ही आर्थिक सहायता की 25 से 50 प्रतिशत धनराशि तत्काल दिए जाने का प्राविधान किया गया है। गंभीर हत्या जैसे मामलों में आर्थिक सहायता की धनराशि 8.25 लाख रुपये तक दिए जाने का प्राविधान है।
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सदस्य ने ब्लॉक अकराबाद के ग्राम पंचायत दुबिया में मंडी समिति द्वारा नाली एवं सड़क निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर खामियों को दूर करने के निर्देश दिये। बंजारा समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए 1998 में सर्वे कराकर भारत सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी थी, जिसे अपूर्ण एवं मानक के अनुरूप न पाए जाने पर 2016 में खारिज कर दिया गया है। पुन: प्रदेश सरकार द्वारा बंजारा जाति का सर्वे कराया जा रहा है। इसके तहत 22 से 26 अक्तूबर तक शोध अधिकारी छत्रपाल वर्मा द्वारा हाथरस एवं अलीगढ़ जनपद में निवास करने वाले बंजारों का सर्वे किया जाएगा। औरेया, इटावा, एटा, मैनपुरी, कासगंज, फिरोजाबाद, कन्नौज, फर्रूखाबाद का सर्वे कर लिया गया है। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन अजय श्रीवास्तव समेत अन्य अफसर मौजूद थे।
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