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भाजपा ने आरएम को घेरा
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:15 AM IST
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स्क्रैप घोटाला: आरएम को घेरा भाजपा ने
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
रोडवेज के स्क्रैप घोटाला मामले में सेवा प्रबंधक सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमे के बाद भाजपाइयों ने क्षेत्रीय प्रबंधक को भी लपेटे में ले लिया है।
भाजपा ने क्षेत्रीय प्रबंधक की तहरीर को गलत करार देते हुए मुकदमे के लिए नई तहरीर बन्नादेवी थाने में दी है, जिसमें इस पूरे गोलमाल के खिलाफ खुद क्षेत्रीय प्रबंधक को जिम्मेदार मानते हुए उन पर भी मुकदमे का अनुरोध किया है।
साथ ही पहले मुकदमे में कुछ कर्मचारियों की नामजदगी भी गलत बताई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच की बात कह रही है। इस मामले में नोडल अधिकारी व क्षेत्रीय प्रबंधक की तहरीर पर शनिवार को सेवा प्रबंधक केके सिंह, सहायक लेखाधिकारी रविकांत मल्ल, स्टोर अधीक्षक उदयवीर सिंह, सहायक स्टोर कीपर योगेश कुलश्रेष्ठ, जूनियर फोरमैन विनोद कुमार व चौकीदार देवेंद्र सिंह पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
गबन व अमानत में खयानत की धाराओं में दर्ज इस मुकदमे में आरोप है कि वर्कशॉप में रखे एल्युमिनियम स्क्रैप की नीलामी परिवहन निगम के लखनऊ मुख्यालय से हुई थी।
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पांच जून को ई-टेंडर के माध्यम से मेरठ की फर्म ने स्क्रेप खरीदा। 14 जून को ठेकेदार का प्रतिनिधि जुबलीगंज निवासी शाहिद पुत्र रशीद स्क्रैप लेने के लिए ट्रक नंबर एचआर 38 ई 7933 को लेकर सारसौल स्थित वर्कशॉप पहुंचा।
यहां पाया गया कि ट्रक का वजन 11 हजार 140 किलोग्राम है। जिसमें ट्रक का वजन 8 हजार 480 किलो और एल्युमिनियम का वजन 2 हजार 660 किलो है। इस तरह से ट्रक में एक हजार 305 किलो एल्युमिनियम अधिक लादा गया था।
जिसकी कीमत लगभग एक लाख 69 हजार 650 रुपये है। आरोप है कि यहां ठेकेदार से नामजदों की मिलीभगत से निर्धारित मात्रा से अधिक माल ट्रक में लदवा दिया।
इधर, मुकदमा दर्ज होने के दूसरे दिन रविवार को इस मामले में पूर्व पार्षद नितिन अरोरा, पार्षद भाजपा युवा मोर्चा नेता पुष्पेंद्र सिंह जादौन तहरीर लेकर बन्नादेवी थाने पहुंचे।
नितिन अरोरा की ओर से दी गई तहरीर में एसएम केके सिंह, सहायक लेखाधिकारी आरके मल्ल, स्टोर अधीक्षक उदयवीर सिंह, सीनियर फोरमैन बाबूराम व क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल त्रिपाठी को आरोपी बनाया है।
सीधे-सीधे कहा है कि बिना आरएम की सह के कोई गोलमाल नहीं हो सकता। इंस्पेक्टर बन्नादेवी रविंद्र सिंह का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज है, जिसकी जांच शुरू हो गई है। बाकी एक जांच कमेटी बनी हुई है। जांच कमेटी की जो रिपोर्ट होगी, उस आधार पर आगे कार्रवाई होगी। नई तहरीर को जांच के बाद ही किसी निर्णय पर लिया जाएगा।
सहायकों को क्यों किया नामजद
इस विषय में नितिन आरोरा का कहना है कि इस मामले में सीनियरों के बजाय जूनियरों को व चौकीदार को गलत नामजद किया है। वह तो जितना निर्देश मिलेगा, उतना काम करेंगे। इसलिए उन्होंने सीनियरों को नामजद किया है। दूसरा सब कुछ आरएम की नाक के नीचे हो रहा है। इसलिए उन्हें भी जिम्मेदार बनाया जाए।
मेरा इस पूरी नीलामी प्रक्रिया से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। फिर भी तहरीर देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। रहा सवाल जूनियरों की नामजदगी का तो इनके इस नीलामी से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हैं, इसलिए उन्हें नामजद किया गया है। रहा सवाल नामजदों पर विभागीय कार्रवाई का तो पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। वहां से निर्देश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
अतुल त्रिपाठी आरएम
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
रोडवेज के स्क्रैप घोटाला मामले में सेवा प्रबंधक सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमे के बाद भाजपाइयों ने क्षेत्रीय प्रबंधक को भी लपेटे में ले लिया है।
भाजपा ने क्षेत्रीय प्रबंधक की तहरीर को गलत करार देते हुए मुकदमे के लिए नई तहरीर बन्नादेवी थाने में दी है, जिसमें इस पूरे गोलमाल के खिलाफ खुद क्षेत्रीय प्रबंधक को जिम्मेदार मानते हुए उन पर भी मुकदमे का अनुरोध किया है।
साथ ही पहले मुकदमे में कुछ कर्मचारियों की नामजदगी भी गलत बताई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच की बात कह रही है। इस मामले में नोडल अधिकारी व क्षेत्रीय प्रबंधक की तहरीर पर शनिवार को सेवा प्रबंधक केके सिंह, सहायक लेखाधिकारी रविकांत मल्ल, स्टोर अधीक्षक उदयवीर सिंह, सहायक स्टोर कीपर योगेश कुलश्रेष्ठ, जूनियर फोरमैन विनोद कुमार व चौकीदार देवेंद्र सिंह पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
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गबन व अमानत में खयानत की धाराओं में दर्ज इस मुकदमे में आरोप है कि वर्कशॉप में रखे एल्युमिनियम स्क्रैप की नीलामी परिवहन निगम के लखनऊ मुख्यालय से हुई थी।
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पांच जून को ई-टेंडर के माध्यम से मेरठ की फर्म ने स्क्रेप खरीदा। 14 जून को ठेकेदार का प्रतिनिधि जुबलीगंज निवासी शाहिद पुत्र रशीद स्क्रैप लेने के लिए ट्रक नंबर एचआर 38 ई 7933 को लेकर सारसौल स्थित वर्कशॉप पहुंचा।
यहां पाया गया कि ट्रक का वजन 11 हजार 140 किलोग्राम है। जिसमें ट्रक का वजन 8 हजार 480 किलो और एल्युमिनियम का वजन 2 हजार 660 किलो है। इस तरह से ट्रक में एक हजार 305 किलो एल्युमिनियम अधिक लादा गया था।
जिसकी कीमत लगभग एक लाख 69 हजार 650 रुपये है। आरोप है कि यहां ठेकेदार से नामजदों की मिलीभगत से निर्धारित मात्रा से अधिक माल ट्रक में लदवा दिया।
इधर, मुकदमा दर्ज होने के दूसरे दिन रविवार को इस मामले में पूर्व पार्षद नितिन अरोरा, पार्षद भाजपा युवा मोर्चा नेता पुष्पेंद्र सिंह जादौन तहरीर लेकर बन्नादेवी थाने पहुंचे।
नितिन अरोरा की ओर से दी गई तहरीर में एसएम केके सिंह, सहायक लेखाधिकारी आरके मल्ल, स्टोर अधीक्षक उदयवीर सिंह, सीनियर फोरमैन बाबूराम व क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल त्रिपाठी को आरोपी बनाया है।
सीधे-सीधे कहा है कि बिना आरएम की सह के कोई गोलमाल नहीं हो सकता। इंस्पेक्टर बन्नादेवी रविंद्र सिंह का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज है, जिसकी जांच शुरू हो गई है। बाकी एक जांच कमेटी बनी हुई है। जांच कमेटी की जो रिपोर्ट होगी, उस आधार पर आगे कार्रवाई होगी। नई तहरीर को जांच के बाद ही किसी निर्णय पर लिया जाएगा।
सहायकों को क्यों किया नामजद
इस विषय में नितिन आरोरा का कहना है कि इस मामले में सीनियरों के बजाय जूनियरों को व चौकीदार को गलत नामजद किया है। वह तो जितना निर्देश मिलेगा, उतना काम करेंगे। इसलिए उन्होंने सीनियरों को नामजद किया है। दूसरा सब कुछ आरएम की नाक के नीचे हो रहा है। इसलिए उन्हें भी जिम्मेदार बनाया जाए।
मेरा इस पूरी नीलामी प्रक्रिया से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। फिर भी तहरीर देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। रहा सवाल जूनियरों की नामजदगी का तो इनके इस नीलामी से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हैं, इसलिए उन्हें नामजद किया गया है। रहा सवाल नामजदों पर विभागीय कार्रवाई का तो पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। वहां से निर्देश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
अतुल त्रिपाठी आरएम