{"_id":"5939a4bf4f1c1ba54f8b45fa","slug":"41496949951-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षकों का डाटा हो रहा तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षकों का डाटा हो रहा तैयार
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षकों का डाटा किया जाएगा अपलोड
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
शिक्षकों का पूरा डाटा अपलोड करने के लिए मानव संपदा फॉर्म पर सूचनाएं ली जा रही हैं। ऐसे में बीएसए को शिकायत मिली है कि एक ब्लॉक में कुछ शिक्षकों की सर्विस बुक उनके हाथ में दे दी गई और उनमें गड़बड़ी की जा रही है। हालांकि बीएसए ने इस शिकायत को निराधार बताया है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शिक्षकों के बारे में कई बिंदुओं पर सूचनाएं एकत्रित करवाई जा रही हैं। इसके लिए परिषदीय शिक्षकों से मानव संपदा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। यह काम न्याय पंचायत स्तर पर एनपीआरसी द्वारा किया जा रहा है।
बीएसए के पास यह शिकायत पहुंची है कि कुछ शिक्षकों को उनकी सर्विस बुक थमा दी गई हैं और गड़बड़ी हो रही है। बीएसए धीरेंद्र कुमार का कहना है कि यह शिकायत गलत है।
विज्ञापन
कॉर्डिनेटर शिक्षकों के साथ बैठकर काम पूरा करा रहे है। शिक्षकों के फिंगर प्रिंट लिए जा रहे हैं। कुछ लोग बिना वजह इस तरह की अफवाह उड़ाकर काम को प्रभावित कर रहे हैं। वैसे ही यह काम पांच जून तक होना था लेकि न इसमें देरी हो गई है। इसलिए यह कोेशिश है कि इसी माह में यह काम पूरा करा लिया जाए।
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
शिक्षकों का पूरा डाटा अपलोड करने के लिए मानव संपदा फॉर्म पर सूचनाएं ली जा रही हैं। ऐसे में बीएसए को शिकायत मिली है कि एक ब्लॉक में कुछ शिक्षकों की सर्विस बुक उनके हाथ में दे दी गई और उनमें गड़बड़ी की जा रही है। हालांकि बीएसए ने इस शिकायत को निराधार बताया है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शिक्षकों के बारे में कई बिंदुओं पर सूचनाएं एकत्रित करवाई जा रही हैं। इसके लिए परिषदीय शिक्षकों से मानव संपदा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। यह काम न्याय पंचायत स्तर पर एनपीआरसी द्वारा किया जा रहा है।
विज्ञापन
बीएसए के पास यह शिकायत पहुंची है कि कुछ शिक्षकों को उनकी सर्विस बुक थमा दी गई हैं और गड़बड़ी हो रही है। बीएसए धीरेंद्र कुमार का कहना है कि यह शिकायत गलत है।
विज्ञापन
कॉर्डिनेटर शिक्षकों के साथ बैठकर काम पूरा करा रहे है। शिक्षकों के फिंगर प्रिंट लिए जा रहे हैं। कुछ लोग बिना वजह इस तरह की अफवाह उड़ाकर काम को प्रभावित कर रहे हैं। वैसे ही यह काम पांच जून तक होना था लेकि न इसमें देरी हो गई है। इसलिए यह कोेशिश है कि इसी माह में यह काम पूरा करा लिया जाए।