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35 धान क्रय केंद्र और छह दिन, नहीं पहुंचा एक दाना
सार
जिले में सरकारी धान क्रय केंद्र एक अक्तूबर से खुल गए हैं, लेकिन बीते छह दिनों में यहां पर एक दाना धान नहीं खरीदा गया।धनीपुर अनाज मंडी में तीन क्रय केंद्रों पर बैनर, कांटे तो लगे हैं, लेकिन एक भी दाना धान नहीं खरीदा जा सका है।इससे आढ़ती एवं धान कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
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विस्तार
जिले में सरकारी धान क्रय केंद्र एक अक्तूबर से खुल गए हैं, लेकिन बीते छह दिनों में यहां पर एक दाना धान नहीं खरीदा गया। केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। इसका सबसे बड़ा कारण अलीगढ़ मंडल में मोटे धान (कामन व ग्रेड वन) की पैदावार कम होना भी है। यहां के किसान बासमती एवं सुगंधा धान पैदा करते हैं। ऐसे में किसान अपना धान सीधे व्यापारियों को बेच रहे हैं। इस बार 19 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में करीब 10 हजार हेक्टेयर में धान की पैदावार होती है, जबकि अधिकांश किसान सुगंधा एवं बासमती चावल की खेती करते हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर सिर्फ मोटा धान ही खरीदा जाता है। जिले में 35 सरकारी क्रय केंद्र खोले गए हैं। हालांकि, अभी तक इन क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है।
धनीपुर अनाज मंडी में तीन क्रय केंद्रों पर बैनर, कांटे तो लगे हैं, लेकिन एक भी दाना धान नहीं खरीदा जा सका है। यही हाल, गभाना के सोमना सहकारी समिति स्थित क्रय केंद्र पर भी देखने को मिली। यहां भी खरीद का बैनर लगा हुआ है। कर्मचारियों के अनुसार अभी तक किसी किसान ने धान क्रय केंद्र के बारे में जानकारी तक नहीं ली है। छर्रा, अतरौली, खैर, इगलास में खुले क्रय केंद्रों पर भी किसान धान लेकर नहीं पहुंचे हैं।
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अनाज मंडी में धान का लग रहा अंबार
धनीपुर, छर्रा, अतरौली, खैर, इगलास, हरदुआगंज, गभाना आदि अनाज मंडियों में बड़ी संख्या किसान अपना धान लेकर पहुंच रहे हैं। धान की आवक बढ़ने से मंडियों में भीड़भाड़ शुरू हो गई है। इससे आढ़ती एवं धान कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। अनाज मंडी में इस समय बासमती, शरबती, सुगंधा किस्म का ही धान पहुंच रहा हैं। किसान एमएसपी पर इन किस्मों की बिक्री नहीं कर रहे हैं।
- सरकारी क्रय केंद्रों पर सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2040 रुपये प्रति क्विंटल है। ग्रेड-एक का धान 2060 रुपये प्रति क्विटंल की दर से खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरों की उपलब्धता है। - राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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जिले में करीब 10 हजार हेक्टेयर में धान की पैदावार होती है, जबकि अधिकांश किसान सुगंधा एवं बासमती चावल की खेती करते हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर सिर्फ मोटा धान ही खरीदा जाता है। जिले में 35 सरकारी क्रय केंद्र खोले गए हैं। हालांकि, अभी तक इन क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है।
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धनीपुर अनाज मंडी में तीन क्रय केंद्रों पर बैनर, कांटे तो लगे हैं, लेकिन एक भी दाना धान नहीं खरीदा जा सका है। यही हाल, गभाना के सोमना सहकारी समिति स्थित क्रय केंद्र पर भी देखने को मिली। यहां भी खरीद का बैनर लगा हुआ है। कर्मचारियों के अनुसार अभी तक किसी किसान ने धान क्रय केंद्र के बारे में जानकारी तक नहीं ली है। छर्रा, अतरौली, खैर, इगलास में खुले क्रय केंद्रों पर भी किसान धान लेकर नहीं पहुंचे हैं।
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अनाज मंडी में धान का लग रहा अंबार
धनीपुर, छर्रा, अतरौली, खैर, इगलास, हरदुआगंज, गभाना आदि अनाज मंडियों में बड़ी संख्या किसान अपना धान लेकर पहुंच रहे हैं। धान की आवक बढ़ने से मंडियों में भीड़भाड़ शुरू हो गई है। इससे आढ़ती एवं धान कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। अनाज मंडी में इस समय बासमती, शरबती, सुगंधा किस्म का ही धान पहुंच रहा हैं। किसान एमएसपी पर इन किस्मों की बिक्री नहीं कर रहे हैं।
- सरकारी क्रय केंद्रों पर सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2040 रुपये प्रति क्विंटल है। ग्रेड-एक का धान 2060 रुपये प्रति क्विटंल की दर से खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरों की उपलब्धता है। - राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ, जिला खाद्य विपणन अधिकारी