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मरीज को बिना शीट स्ट्रेचर पर डाला, बच्चे से धक्का लगवाया
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला अस्पताल में तपती धूप में मरीज को स्ट्रेचर पर बिना शीट बिछाए ही लेटा दिया और मरीज के साथ आए छोटे से बच्चे से स्ट्रेचर में धक्का भी लगवाया। इस अमानवीय घटना के संबंध में सीएमएस कार्यालय को पत्र लिखकर सूचित किया गया है।
सलमानी एकता मंच के फरहान सलमानी ने सीएमएस को पत्र लिखकर कहा है कि सोमवार को मलखान सिंह जिला अस्पताल में एक महिला मरीज आई थीं। उस समय तेज धूप थी। महिला की हालत ऐसी नहीं थी कि वह खड़ी या बैठ सके । उन्हें वार्ड तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर लाई गई।
लेकिन स्ट्रेचर पर कोई शीट नहीं थी और धूप में उसकी टीन भी तप गई। तेज धूप में बिना शीट और शेड के महिला को वार्ड तक ले जाया गया। उनके साथ आए एक बच्चे से ही स्ट्रेचर में धक्का भी लगवा लिया गया। यह दृश्य जिसने भी देखा, उसे यह अमानवीय लगा।
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पत्र में कहा गया है कि अक्सर ही देखने में आता है कि अस्पताल का स्टाफ स्ट्रेचर अटेंड नहीं करता। परिजन ही उसे अपने तरीके से हैंडल करते हैं। इसके अलावा स्ट्रेचर पर शीट या चादर भी नहीं होती है। पत्र में पूरे मामले की जांच कर कार्यवाही की मांग की गई है।
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जिला अस्पताल में तपती धूप में मरीज को स्ट्रेचर पर बिना शीट बिछाए ही लेटा दिया और मरीज के साथ आए छोटे से बच्चे से स्ट्रेचर में धक्का भी लगवाया। इस अमानवीय घटना के संबंध में सीएमएस कार्यालय को पत्र लिखकर सूचित किया गया है।
सलमानी एकता मंच के फरहान सलमानी ने सीएमएस को पत्र लिखकर कहा है कि सोमवार को मलखान सिंह जिला अस्पताल में एक महिला मरीज आई थीं। उस समय तेज धूप थी। महिला की हालत ऐसी नहीं थी कि वह खड़ी या बैठ सके । उन्हें वार्ड तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर लाई गई।
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लेकिन स्ट्रेचर पर कोई शीट नहीं थी और धूप में उसकी टीन भी तप गई। तेज धूप में बिना शीट और शेड के महिला को वार्ड तक ले जाया गया। उनके साथ आए एक बच्चे से ही स्ट्रेचर में धक्का भी लगवा लिया गया। यह दृश्य जिसने भी देखा, उसे यह अमानवीय लगा।
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पत्र में कहा गया है कि अक्सर ही देखने में आता है कि अस्पताल का स्टाफ स्ट्रेचर अटेंड नहीं करता। परिजन ही उसे अपने तरीके से हैंडल करते हैं। इसके अलावा स्ट्रेचर पर शीट या चादर भी नहीं होती है। पत्र में पूरे मामले की जांच कर कार्यवाही की मांग की गई है।