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हमें तो बेवजह निलंबित कर दिया : आयुष और हेमंत
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:36 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रोडवेज के व्यापक पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद आला अधिकारियों ने कार्रवाई करने में भी गंभीरता नहीं दिखाई। निलंबन कार्रवाई में उनको भी लपेट दिया गया जो हाल ही में अलीगढ़ परिक्षेत्र में स्थानांतरित होकर आए थे।
जिनका इस माफिया से पाला ही नहीं पड़ा था। यातायात अधीक्षक आयुष भटनागर और हेमंत कुमार मिश्रा की यही पीड़ा है। फिलहाल दोनों अधिकारी निलंबन चार्ज शीट का इंतजार कर रहे थे, उसके मिलने के बाद एमडी से अपनी गुहार लगाएंगे।
यातायात अधीक्षक आयुष भटनागर ने बताया कि वह 8 जून 2018 मुरादाबाद से अलीगढ़ आये थे। मुरादाबाद में वह बिजनौर बस स्टैंड में स्टेशन अधीक्षक थे। वर्तमान में वह मसूदाबाद बस स्टैंड का काम देख रहे थे। क्योंकि यहां के बस स्टैंड प्रभारी आरके सोनकर बीमार होने के कारण अवकाश पर थे।
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सोनकर के ज्वाइन करने के बाद वह एआरएम अलीगढ़ लोकेश राजपूत के साथ संबद्ध हो गए। वह सड़क पर चेकिंग के लिए कहीं गए ही नहीं, लेकिन उनको भी निलंबित कर दिया गया।
हेमंत कुमार मिश्रा आगरा आईएसबीटी पर कार्यरत थे। वहां से उनका तबादला कर छह जून को एटा डिपो का बस स्टैंड इंचार्ज बनाया गया। आईएसबीटी और एटा में एसएस का काम देख चुके हेमंत को 15 सितंबर से चेकिंग में लगाया गया है।
यातायात अधीक्षक का पद होने की वजह से उन पर भी निलंबन की गाज गिरी है। आयुष भटनागर और हेमंत कुमार मिश्र का कहना है वो अब निलंबन चार्जशीट का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद ही एमडी पी गुरु प्रसाद के समक्ष अपना पूरा पक्ष रखेंगे, ताकि उनको इंसाफ मिल सके।
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रोडवेज के व्यापक पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद आला अधिकारियों ने कार्रवाई करने में भी गंभीरता नहीं दिखाई। निलंबन कार्रवाई में उनको भी लपेट दिया गया जो हाल ही में अलीगढ़ परिक्षेत्र में स्थानांतरित होकर आए थे।
जिनका इस माफिया से पाला ही नहीं पड़ा था। यातायात अधीक्षक आयुष भटनागर और हेमंत कुमार मिश्रा की यही पीड़ा है। फिलहाल दोनों अधिकारी निलंबन चार्ज शीट का इंतजार कर रहे थे, उसके मिलने के बाद एमडी से अपनी गुहार लगाएंगे।
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यातायात अधीक्षक आयुष भटनागर ने बताया कि वह 8 जून 2018 मुरादाबाद से अलीगढ़ आये थे। मुरादाबाद में वह बिजनौर बस स्टैंड में स्टेशन अधीक्षक थे। वर्तमान में वह मसूदाबाद बस स्टैंड का काम देख रहे थे। क्योंकि यहां के बस स्टैंड प्रभारी आरके सोनकर बीमार होने के कारण अवकाश पर थे।
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सोनकर के ज्वाइन करने के बाद वह एआरएम अलीगढ़ लोकेश राजपूत के साथ संबद्ध हो गए। वह सड़क पर चेकिंग के लिए कहीं गए ही नहीं, लेकिन उनको भी निलंबित कर दिया गया।
हेमंत कुमार मिश्रा आगरा आईएसबीटी पर कार्यरत थे। वहां से उनका तबादला कर छह जून को एटा डिपो का बस स्टैंड इंचार्ज बनाया गया। आईएसबीटी और एटा में एसएस का काम देख चुके हेमंत को 15 सितंबर से चेकिंग में लगाया गया है।
यातायात अधीक्षक का पद होने की वजह से उन पर भी निलंबन की गाज गिरी है। आयुष भटनागर और हेमंत कुमार मिश्र का कहना है वो अब निलंबन चार्जशीट का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद ही एमडी पी गुरु प्रसाद के समक्ष अपना पूरा पक्ष रखेंगे, ताकि उनको इंसाफ मिल सके।