{"_id":"5ceeea67bdec22074b0aa374","slug":"278-villages-failed-in-first-exam","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘प्रथम परीक्षा’ में फेल हो गए 278 गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘प्रथम परीक्षा’ में फेल हो गए 278 गांव
Thu, 30 May 2019 01:54 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, आशीष श्रीवास्तव , अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, आशीष श्रीवास्तव , अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Thu, 30 May 2019 01:54 AM IST
विज्ञापन
लालपुर गांव में बने शौचालय में रखी साइकिल व अन्य कबाड़।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़ को कई माह पहले ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। आनन-फानन की गई कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि मंडलीय सत्यापन की प्रथम स्तरीय चेकिंग में ही 278 गांव फेल हो गए। यहां दस से अधिक शौचालय निर्माण लंबित होने के कारण मंडलीय टीम ने इन्हें ओडीएफ मानने से इंकार कर दिया। हालांकि जियो टैगिंग के मामले में अलीगढ़ समूचे मंडल में अव्वल रहा है।
यहां 92 प्रतिशत से अधिक शौचालयों की जियो टैगिंग पूर्ण हो चुकी है। बेसलाइन से छूटे परिवारों के शौचालय निर्माण के मामले में भी 32876 शौचालय के लक्ष्य के सापेक्ष 23367 शौचालयों का निर्माण हो चुका है। इसमें से 71.08 प्रतिशत शौचालयों की जियो टैगिंग भी हो चुकी है।
इस वजह से हुई गड़बड़ी
अलीगढ़। चुनाव से पहले जिले को ओडीएफ करने की हड़बड़ी में ग्राम पंचायत सचिवों को लक्ष्य पूरा करने एवं बेसलाइन से छूटे परिवारों का सर्वे कर उनके यहां शौचालय बनाने का लक्ष्य मिला। इस चक्कर में बड़ी ग्राम पंचायतों का कार्यभार देखने वाले सचिवों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई को मात्र एक सप्ताह में 50 से 60 तक शौचालय बनाने थे। जल्दबाजी में उन्होंने शौचालय बनवाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन कई शौचालयों का निर्माण निर्धारित तिथि तक अधूरा ही रह गया।
विज्ञापन
कैसे हो ओडीएफ का सपना साकार
एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोगों से खुले में शौच की बुराई को खत्म करने की अपील कर रहे हैं वही सरकारी स्तर पर ओडीएफ के लिए अरबों रुपया बह गए हैं। लाभार्थियों को ढूंढ-ढूंढ कर उनके आवास में शौचालय बनवाए गए, लेकिन पड़ताल के बाद जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
गांवों में आज भी लोग खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। सरकार द्वारा बनवाए गए शौचालय कंडे व ईंधन भरने के काम आ रहे हैं। इससे एक ओर प्रशासन के ओडीएफ के दावों की पोल खुल गई है, वहीं दूसरी ओर खुले में शौच के कारण गांव के बाहर सड़कों के किनारे भारी गंदगी हो गई है। इस वजह से गांवों मेेेेेेेेें बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
फेल गांवों का ब्लाकवार ब्यौरा
लोधा-29, खैर-11, जवां-33, इगलास-37, गोंडा-19, गंगीरी-46, धनीपुर-31, चंडौस-5, बिजौली-10, अतरौली-39 और अकराबाद-18
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय
अकराबाद-15172, अतरौली-20968, बिजौली-18386, चंडौस-18692, धनीपुर-24730, गंगीरी-25290, गोंडा-19326, इगलास-22540, जवां-21756, खैर-14657, लोधा-19168, टप्पल-21051, कुल 241736 शौचालय निर्माण।
विज्ञापन
यहां 92 प्रतिशत से अधिक शौचालयों की जियो टैगिंग पूर्ण हो चुकी है। बेसलाइन से छूटे परिवारों के शौचालय निर्माण के मामले में भी 32876 शौचालय के लक्ष्य के सापेक्ष 23367 शौचालयों का निर्माण हो चुका है। इसमें से 71.08 प्रतिशत शौचालयों की जियो टैगिंग भी हो चुकी है।
विज्ञापन
इस वजह से हुई गड़बड़ी
अलीगढ़। चुनाव से पहले जिले को ओडीएफ करने की हड़बड़ी में ग्राम पंचायत सचिवों को लक्ष्य पूरा करने एवं बेसलाइन से छूटे परिवारों का सर्वे कर उनके यहां शौचालय बनाने का लक्ष्य मिला। इस चक्कर में बड़ी ग्राम पंचायतों का कार्यभार देखने वाले सचिवों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई को मात्र एक सप्ताह में 50 से 60 तक शौचालय बनाने थे। जल्दबाजी में उन्होंने शौचालय बनवाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन कई शौचालयों का निर्माण निर्धारित तिथि तक अधूरा ही रह गया।
विज्ञापन
कैसे हो ओडीएफ का सपना साकार
एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोगों से खुले में शौच की बुराई को खत्म करने की अपील कर रहे हैं वही सरकारी स्तर पर ओडीएफ के लिए अरबों रुपया बह गए हैं। लाभार्थियों को ढूंढ-ढूंढ कर उनके आवास में शौचालय बनवाए गए, लेकिन पड़ताल के बाद जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
गांवों में आज भी लोग खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। सरकार द्वारा बनवाए गए शौचालय कंडे व ईंधन भरने के काम आ रहे हैं। इससे एक ओर प्रशासन के ओडीएफ के दावों की पोल खुल गई है, वहीं दूसरी ओर खुले में शौच के कारण गांव के बाहर सड़कों के किनारे भारी गंदगी हो गई है। इस वजह से गांवों मेेेेेेेेें बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
फेल गांवों का ब्लाकवार ब्यौरा
लोधा-29, खैर-11, जवां-33, इगलास-37, गोंडा-19, गंगीरी-46, धनीपुर-31, चंडौस-5, बिजौली-10, अतरौली-39 और अकराबाद-18
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय
अकराबाद-15172, अतरौली-20968, बिजौली-18386, चंडौस-18692, धनीपुर-24730, गंगीरी-25290, गोंडा-19326, इगलास-22540, जवां-21756, खैर-14657, लोधा-19168, टप्पल-21051, कुल 241736 शौचालय निर्माण।