{"_id":"688873cd19515c30b404def8","slug":"27-20-lakh-rupees-stolen-from-account-after-downloading-apk-file-2025-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Cyber Crime: मोबाइल में भेजी एपीके फाइल, कहा डाउनलोट करने को, ऐसा करते ही उड़ गए 27.20 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Cyber Crime: मोबाइल में भेजी एपीके फाइल, कहा डाउनलोट करने को, ऐसा करते ही उड़ गए 27.20 लाख रुपये
Tue, 29 Jul 2025 12:40 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 29 Jul 2025 12:40 PM IST
सार
साइबर थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बतायाय कि अब तक की जांच में यही उजागर हुआ है कि मोबाइल का एपीके फाइल से क्लोन बनाया गया। फिर ई सिम ली गई। आधार लॉक किया गया ताकि उन्हें कोई संदेश न मिले। उसी ई-सिम से उनके खाते को ऑपरेट कर रुपये उड़ाए गए।
विज्ञापन
साइबर ठगी
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
अलीगढ़ में अचल ताल इलाके के एक प्रिंटिंग प्रेस संचालक व्यापारी संग साइबर ठगों ने 27.20 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह ठगी व्यापारी से मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराकर मोबाइल क्लोन बनाने के बाद की गई। शिकायत के आधार पर साइबर थाने में सोमवार को मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
व्यापारी जागेश कुमार वार्ष्णेय रघुवीरपुरी के संकल्प अपार्टमेंट में रहते हैं। उनकी अचल ताल पर प्रिंटिंग प्रेस है। तहरीर में उन्होंने कहा है कि उनका एक चालू खाता पंजाब नेशनल बैंक एसवी कॉलेज शाखा में है। दूसरा खाता केनरा बैंक की एसएमई शाखा गूलर रोड पर है। उनके पीएनबी खाते से पिछले कुछ माह से ई-मेल पर खाते का स्टेटमेंट नहीं आ रहा था। इसकी शिकायत करने 16 जुलाई को पीएनबी शाखा पर गया था। वहां मिले अधिकारी ने उनसे लिखित शिकायत ले ली। साथ में कहा कि आपके पास कॉल आएगी। बैंक से बाहर निकले ही थे कि उनके मोबाइल पर पीएनबी के लोगो की डीपी लगे नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पीएनबी का अधिकारी बताते हुए शिकायत की वजह पूछी। साथ में खाते से संबंधित जानकारी लेकर एपीके फाइल डाउनलोड करा ली।
विज्ञापन
इसके बाद अचानक से उनके मोबाइल नंबर से 19 जुलाई को आउटगोइंग बंद हो गई। इसकी शिकायत करने वे जियो स्टोर पर गए तो वहां उन्हें बताया कि आपके आधार कार्ड का बायोमीट्रिक नहीं हो रहा। 24 जुलाई को बायोमीट्रिक हो गई। 28 जुलाई को जब जियो स्टोर पर गए तो पता चला कि उनकी ई-सिम किसी ने पहले से जारी करा ली है। जिओ स्टोर कर्मी ने ही बताया कि आप अपना खाता जांच लो। कहीं ऐसा न हो कि आपका रुपया निकाल लिया गया हो। इस पर वे कैनरा बैंक गए तो वहां से पता चला कि 21 से 25 जुलाई के बीच में 15 बार में उनके खाते से 27.20 लाख रुपये पार किए गए हैं।
विज्ञापन
मोबाइल से उड़ाए गए रुपये
साइबर थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह के अनुसार मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब तक की जांच में यही उजागर हुआ है कि उनके मोबाइल का एपीके फाइल से क्लोन बनाया गया। फिर ई सिम ली गई। आधार लॉक किया गया ताकि उन्हें कोई संदेश न मिले। उसी ई-सिम से उनके खाते को ऑपरेट कर रुपये उड़ाए गए। जांच जारी है।