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युवा वर्ग में हो रहा नैतिक मूल्यों का पतन : प्रो. किदवई
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:32 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
टीकाराम कन्या महाविद्यालय में अंग्रेजी विभाग व आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के बैनर तले हिंदू गर्ल्स एजूकेशन सोसाइटी के सहयोग से ‘रिविजिटिंग न्यू इंडिया’: द ग्लोबल इम्पेक्ट आन कंटेंपरअरी लाइफ एंड लिट्रेचर ऑफ माडर्न इंडिया’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई।
सोमवार को मुख्य अतिथि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी आगरा डॉ. डीके गर्ग ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की नेतृत्व क्षमता की प्रबल संभावना व्यक्त की। उन्हाेंने वैश्वीकरण से अमीर व गरीब के मध्य खाई बढ़ने पर चिंता व्यक्त की। यूजीसी एचआरडी सेंटर एएमयू के मुख्य वक्ता प्रो. एआर किदवई ने कहा कि संपन्नता बढ़ी है। राष्ट्रीय एकता को बल मिला है। युवा वर्ग में नैतिक मूल्याें का पतन हो रहा है। दयाल बाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट अंग्रेजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. एसके चौहान ने अमेरिका के बढ़ते हुए प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। प्राचार्या डॉ. लकी गुप्ता ने अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
अंग्रेजी, हिंदी साहित्य, अर्थ शास्त्र, वाणिज्य, राजनीति विज्ञान, इतिहास, समाज शास्त्र, पत्रकारिता आदि विषयों से संबंधित शोध पत्रों पर वैश्वीकरण के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक व नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा हुई। अध्यक्षता डॉ. पीके कुश (कानपुर विश्वविद्यालय), डॉ. बीना अग्रवाल, डॉ. मधु वार्ष्णेय (डीएस कॉलेज) ने की। संचालन प्रवक्ता डॉ. ममता श्रीवास्तव ने किया। महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव हरि प्रकाश गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संगोष्ठी में आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. रेखा आर्या, डॉ. गीतिका सिंह, डॉ. कृष्णा बाजपेयी, डॉ. अर्चना बंसल, डॉ. मेधा सचदेव, डॉ. उम्मे कुलसुम, डॉ. हेमलता अग्रवाल, डॉ. चंद्रकांता अग्रवाल, डॉ. सीमा कौशिक, डॉ. सपना सिंह, डॉ. शालिनी चौधरी, मुख्य अनुशासन अधिकारी डॉ. ब्रजरानी शर्मा, डॉ. आरती गहरवार आदि मौजूद रहीं।
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टीकाराम कन्या महाविद्यालय में अंग्रेजी विभाग व आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के बैनर तले हिंदू गर्ल्स एजूकेशन सोसाइटी के सहयोग से ‘रिविजिटिंग न्यू इंडिया’: द ग्लोबल इम्पेक्ट आन कंटेंपरअरी लाइफ एंड लिट्रेचर ऑफ माडर्न इंडिया’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई।
सोमवार को मुख्य अतिथि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी आगरा डॉ. डीके गर्ग ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की नेतृत्व क्षमता की प्रबल संभावना व्यक्त की। उन्हाेंने वैश्वीकरण से अमीर व गरीब के मध्य खाई बढ़ने पर चिंता व्यक्त की। यूजीसी एचआरडी सेंटर एएमयू के मुख्य वक्ता प्रो. एआर किदवई ने कहा कि संपन्नता बढ़ी है। राष्ट्रीय एकता को बल मिला है। युवा वर्ग में नैतिक मूल्याें का पतन हो रहा है। दयाल बाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट अंग्रेजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. एसके चौहान ने अमेरिका के बढ़ते हुए प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। प्राचार्या डॉ. लकी गुप्ता ने अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
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अंग्रेजी, हिंदी साहित्य, अर्थ शास्त्र, वाणिज्य, राजनीति विज्ञान, इतिहास, समाज शास्त्र, पत्रकारिता आदि विषयों से संबंधित शोध पत्रों पर वैश्वीकरण के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक व नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा हुई। अध्यक्षता डॉ. पीके कुश (कानपुर विश्वविद्यालय), डॉ. बीना अग्रवाल, डॉ. मधु वार्ष्णेय (डीएस कॉलेज) ने की। संचालन प्रवक्ता डॉ. ममता श्रीवास्तव ने किया। महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव हरि प्रकाश गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संगोष्ठी में आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. रेखा आर्या, डॉ. गीतिका सिंह, डॉ. कृष्णा बाजपेयी, डॉ. अर्चना बंसल, डॉ. मेधा सचदेव, डॉ. उम्मे कुलसुम, डॉ. हेमलता अग्रवाल, डॉ. चंद्रकांता अग्रवाल, डॉ. सीमा कौशिक, डॉ. सपना सिंह, डॉ. शालिनी चौधरी, मुख्य अनुशासन अधिकारी डॉ. ब्रजरानी शर्मा, डॉ. आरती गहरवार आदि मौजूद रहीं।
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