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केंद्रों से वापस मंगाई जा रही खाली कॉपियां
Updated Sun, 11 Mar 2018 02:16 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सादी उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर इस बार माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी पहले से ही चौकन्ने हैं। इस बार खाली कॉपियों का काफी दुरुपयोग किया गया है और नकल के चलते उत्तर पुस्तिकाओं के पेज बदलकर लगाए गए हैं।
ऐसे में विभागीय अधिकारी यह नहीं चाहते कि अगले साल बोर्ड परीक्षा में फिर नकल माफिया इसी तरह की हरकत करें और सादा उत्तर पुस्तिकाओं का इस्तेमाल करें। इसके चलते डीआईओएस ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आदेश दिया है कि वह 22 मार्च तक शेष बची उत्तर पुस्तिकाओं को डीआईओएस कार्यालय में जमा करा दें।
उल्लेखनीय है कि यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार नकल पर सख्ती रही। हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। कुछ माफियाओं ने इस बार नया फार्मूला इजाद कर लिया।
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उत्तर पुस्तिकाओं के मुख्य पृष्ठ के अंदर के खाली पेजों को हटाकर उनमें सॉल्व पेज लगाए जाने लगे। इसके लिए माफियाओं ने परीक्षा केंद्रों के पास अपने अड्डे बनाए और वहां साल्ॅवरों से बी कॉपी पर प्रश्नपत्र हल कराया जाता और फिर उसे मुख्य कॉपी के बीच में लगा दिया जाता। परीक्षा केंद्र व संकलन केंद्र के बीच में यह काम माफियाओं ने बड़ी आसानी से किया। इसका भंडाफोड़ छापेमारी के दौरान हुआ।
दर्जनों साल्ॅवर पकड़े गए। तब यह बात भी सामने आई कि पिछले साल की खाली बची उत्तर पुस्तिकाओं का इसमें माफियाओं द्वारा इस्तेमाल किया गया और साथ ही यहां से भी अतिरिक्त उत्तर पुस्तिकाएं हासिल कर ली गईं। ऐसे में विभाग ने इस बार पहले से ही अपने सख्त कदम उठा लिए हैं। पिछले साल खाली कॉपियों का हिसाब नहीं लिया गया था, लेकिन इस साल अभी से खाली कॉपियों को वापस मंगाया जा रहा है।
डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि आगे इस तरह खाली कॉपियों का दुरुपयोग न होे। इसलिए सभी परीक्षा केंद्र प्रभारियों व विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इस साल व पिछले साल की खाली उत्तर पुस्तिकाओं को हर हाल में 22 मार्च तक जमा करा दें। यही नहीं इसका पूरा ब्योरा भी दें। वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सादी उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर इस बार माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी पहले से ही चौकन्ने हैं। इस बार खाली कॉपियों का काफी दुरुपयोग किया गया है और नकल के चलते उत्तर पुस्तिकाओं के पेज बदलकर लगाए गए हैं।
ऐसे में विभागीय अधिकारी यह नहीं चाहते कि अगले साल बोर्ड परीक्षा में फिर नकल माफिया इसी तरह की हरकत करें और सादा उत्तर पुस्तिकाओं का इस्तेमाल करें। इसके चलते डीआईओएस ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आदेश दिया है कि वह 22 मार्च तक शेष बची उत्तर पुस्तिकाओं को डीआईओएस कार्यालय में जमा करा दें।
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उल्लेखनीय है कि यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार नकल पर सख्ती रही। हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। कुछ माफियाओं ने इस बार नया फार्मूला इजाद कर लिया।
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उत्तर पुस्तिकाओं के मुख्य पृष्ठ के अंदर के खाली पेजों को हटाकर उनमें सॉल्व पेज लगाए जाने लगे। इसके लिए माफियाओं ने परीक्षा केंद्रों के पास अपने अड्डे बनाए और वहां साल्ॅवरों से बी कॉपी पर प्रश्नपत्र हल कराया जाता और फिर उसे मुख्य कॉपी के बीच में लगा दिया जाता। परीक्षा केंद्र व संकलन केंद्र के बीच में यह काम माफियाओं ने बड़ी आसानी से किया। इसका भंडाफोड़ छापेमारी के दौरान हुआ।
दर्जनों साल्ॅवर पकड़े गए। तब यह बात भी सामने आई कि पिछले साल की खाली बची उत्तर पुस्तिकाओं का इसमें माफियाओं द्वारा इस्तेमाल किया गया और साथ ही यहां से भी अतिरिक्त उत्तर पुस्तिकाएं हासिल कर ली गईं। ऐसे में विभाग ने इस बार पहले से ही अपने सख्त कदम उठा लिए हैं। पिछले साल खाली कॉपियों का हिसाब नहीं लिया गया था, लेकिन इस साल अभी से खाली कॉपियों को वापस मंगाया जा रहा है।
डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि आगे इस तरह खाली कॉपियों का दुरुपयोग न होे। इसलिए सभी परीक्षा केंद्र प्रभारियों व विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इस साल व पिछले साल की खाली उत्तर पुस्तिकाओं को हर हाल में 22 मार्च तक जमा करा दें। यही नहीं इसका पूरा ब्योरा भी दें। वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।