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एएमयू रजिस्ट्रार का त्यागपत्र स्वीकार, जाफरी देखेंगे कार्य
Updated Thu, 05 Jul 2018 02:08 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है। उनके स्थान पर अगले आदेश तक के लिए ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ. नाजिम हुसैन जाफरी को तत्काल प्रभाव से नियुक्त किया है।
पूर्व कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह का कार्यकाल पूरा होने के बाद से ही रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर के त्यागपत्र की चर्चा चल रही थी। मई 2017 में प्रो. तारिक मंसूर कुलपति बने थे। उसके तत्काल बाद जनरल शाह के करीबी माने जाने वाले रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने त्यागपत्र दे दिया था।
हालांकि उस वक्त प्रो. जावेद अख्तर एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस मामले में साफ-साफ कुछ नहीं कहा गया था। कैंपस के जानकार लोग यह मान कर चल रहे थे कि प्रो. जावेद अख्तर बहुत दिन अपने पद पर नहीं टिकने वाले हैं। ऐसे लोगों का अनुमान अंतत: सही साबित हुआ।
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निवर्तमान रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि कुछ पुस्तकें लिखनी है और डिपार्टमेंट के कार्यों की व्यस्तता के कारण बहुत पहले त्यागपत्र दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
उल्लेखनीय है कि एमबीए डिपार्टमेंट के प्रो. जावेद अख्तर पूर्व कुलपति जनरल शाह के जमाने में एएमयू कंट्रोलर पद पर भी काफी दिनों तक रहे थे। बाद में वह रजिस्ट्रार बने। जनरल शाह के बाद कुलपति की दौड़ में प्रो. तारिक मंसूर के साथ प्रो. जावेद अख्तर भी शामिल थे।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है। उनके स्थान पर अगले आदेश तक के लिए ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ. नाजिम हुसैन जाफरी को तत्काल प्रभाव से नियुक्त किया है।
पूर्व कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह का कार्यकाल पूरा होने के बाद से ही रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर के त्यागपत्र की चर्चा चल रही थी। मई 2017 में प्रो. तारिक मंसूर कुलपति बने थे। उसके तत्काल बाद जनरल शाह के करीबी माने जाने वाले रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने त्यागपत्र दे दिया था।
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हालांकि उस वक्त प्रो. जावेद अख्तर एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस मामले में साफ-साफ कुछ नहीं कहा गया था। कैंपस के जानकार लोग यह मान कर चल रहे थे कि प्रो. जावेद अख्तर बहुत दिन अपने पद पर नहीं टिकने वाले हैं। ऐसे लोगों का अनुमान अंतत: सही साबित हुआ।
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निवर्तमान रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि कुछ पुस्तकें लिखनी है और डिपार्टमेंट के कार्यों की व्यस्तता के कारण बहुत पहले त्यागपत्र दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
उल्लेखनीय है कि एमबीए डिपार्टमेंट के प्रो. जावेद अख्तर पूर्व कुलपति जनरल शाह के जमाने में एएमयू कंट्रोलर पद पर भी काफी दिनों तक रहे थे। बाद में वह रजिस्ट्रार बने। जनरल शाह के बाद कुलपति की दौड़ में प्रो. तारिक मंसूर के साथ प्रो. जावेद अख्तर भी शामिल थे।