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अलीगढ़... अलदुआ के विवाद में साजिश की बू, बंद मिले सीसीटीवी कैमरे
Updated Tue, 26 Dec 2017 02:18 AM IST
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अलदुआ के बवाल में साजिश की बू.., बंद मिले सीसीटीवी
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलदुआ मीट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री ग्रुप की गत्ता फैक्ट्री में सुपरवाइजर/ठेकेदार पर गोली से हमले के बाद मारपीट प्रकरण में थाना पुलिस की जांच अभी किसी दिशा में नहीं बढ़ सकी है। इसकी प्रमुख वजह पुलिस की व्यस्तता मानी जा रही है। हां, इस बवाल में साजिश की बू जरूर उजागर हो रही है, क्योंकि घटना से पहले यानि सुबह 9 बजकर 36 मिनट से फैक्ट्री का सीसीटीवी बंद है। पुलिस को इसके बाद की सीसीटीवी रिकार्डिंग नहीं मिली है।
इधर, फैक्ट्री परिसर में दूसरे दिन तनावपूर्ण शांति बनी रही। लैपर्ड सहित कुछ पुलिस कर्मी वहां पर तैनात हैं। इस मामले में दूसरी ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं पहले मुकदमे में नामजद आरोपी कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट की गिरफ्तारी के मसले पर थाना पुलिस अभी जांच की बात कह रही है।
इस बवाल के मामले में पहला मुकदमा सुपरवाइजर इकबाल शाह के भाई रफीक की ओर से दी गई तहरीर पर दर्ज हुआ। जिसमें कंपनी वाइस प्रेसीडेंट हसीन चौधरी और उनके दो अज्ञात साथियाें को हमला करने, मारपीट और गोली मारने का आरोपी बनाया गया है। दूसरा मुकदमा हसीन चौधरी की ओर से दी गई तहरीर पर हुआ है। जिसमें मुजाहिद, इकबाल, बूंदू अली, अनवार और गड्डू के साथ एक अज्ञात के खिलाफ मारपीट, हमला और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया है।
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रविवार को हसीन चौधरी ने सुपरवाइजर को गोली मारने का आरोप लगा था, जिसके बाद उग्र हुए कर्मचारियों ने हसीन चौधरी को बुरी तरह से पीटा था। इकबाल को जेएन मेडिकल कालेज, जबकि हसीन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हसीन की पुलिस निगरानी की जा रही है। एसओ लोधा वीरेंद्र सिंह इदौलिया के अनुसार इस मामले में जांच चल रही है, लेकिन सोमवार को क्रिसमस और गुरु गोविंद सिंह के आयोजन में व्यस्तता के कारण इस प्रकरण में ज्यादा ध्यान नहीं दे सके। रहा सवाल हसीन की गिरफ्तारी का तो यह जांच व मेडिकल ग्राउंड पर तय होगा।
तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से 60 मुलाजिम हड़ताल पर रहे
अलदुआ मीट एक्सपोर्ट और गत्ता फैक्ट्री के 60 से अधिक मुलाजिम सोमवार को भी हड़ताल पर रहे। इन कर्मचारियों ने तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल शुरू कर दी है। जो कई दिनों से चल रही है।
9.36 बजे सुबह से सीसीटीवी बंद है
अलीगढ़। मारपीट और गोली चलने के घटनाक्रम की कोई सीसीटीवी रिकार्डिंग नहीं हुई है। क्योंकि फैक्ट्री परिसर में लगे कैमरों की रिकार्डिंग सुबह 9.36 से बंद है। जबकि मारपीट और गोली चलने का वाकया लगभग 11 बजे का है।
नोट बंदी में नोट ठिकाने लगाने की जांच करेगा आयकर विभाग
इस संबंध में आयकर अलीगढ़ रेंज के मुख्यालय के अधिकारी अवधेश कुमार राघव ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। इसकी जांच करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। नोटबंदी के दौरान अगर डेढ़ करोड़ रुपये के नोट कमीशन लेकर बदले गए हैं तो इसकी जांच कराई जा सकती है। इस संबंध में आयकर के आगरा स्थित कार्यालय से कार्रवाई होती है। हम अलीगढ़ के स्तर से इस प्रकरण में उच्च अधिकारियों के संज्ञान में ला सकते हैं। गौर हो कि इससे पहले धनीपुर मंडी के पास 50 लाख रुपये की लूट के प्रकरण में भी आयकर की आगरा कार्यालय की टीम जांच कर रही है। इस लूट में अढ़ाती ने 50 लाख की रकम का खुलासा कई दिनों बाद किया था।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलदुआ मीट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री ग्रुप की गत्ता फैक्ट्री में सुपरवाइजर/ठेकेदार पर गोली से हमले के बाद मारपीट प्रकरण में थाना पुलिस की जांच अभी किसी दिशा में नहीं बढ़ सकी है। इसकी प्रमुख वजह पुलिस की व्यस्तता मानी जा रही है। हां, इस बवाल में साजिश की बू जरूर उजागर हो रही है, क्योंकि घटना से पहले यानि सुबह 9 बजकर 36 मिनट से फैक्ट्री का सीसीटीवी बंद है। पुलिस को इसके बाद की सीसीटीवी रिकार्डिंग नहीं मिली है।
इधर, फैक्ट्री परिसर में दूसरे दिन तनावपूर्ण शांति बनी रही। लैपर्ड सहित कुछ पुलिस कर्मी वहां पर तैनात हैं। इस मामले में दूसरी ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं पहले मुकदमे में नामजद आरोपी कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट की गिरफ्तारी के मसले पर थाना पुलिस अभी जांच की बात कह रही है।
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इस बवाल के मामले में पहला मुकदमा सुपरवाइजर इकबाल शाह के भाई रफीक की ओर से दी गई तहरीर पर दर्ज हुआ। जिसमें कंपनी वाइस प्रेसीडेंट हसीन चौधरी और उनके दो अज्ञात साथियाें को हमला करने, मारपीट और गोली मारने का आरोपी बनाया गया है। दूसरा मुकदमा हसीन चौधरी की ओर से दी गई तहरीर पर हुआ है। जिसमें मुजाहिद, इकबाल, बूंदू अली, अनवार और गड्डू के साथ एक अज्ञात के खिलाफ मारपीट, हमला और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया है।
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रविवार को हसीन चौधरी ने सुपरवाइजर को गोली मारने का आरोप लगा था, जिसके बाद उग्र हुए कर्मचारियों ने हसीन चौधरी को बुरी तरह से पीटा था। इकबाल को जेएन मेडिकल कालेज, जबकि हसीन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हसीन की पुलिस निगरानी की जा रही है। एसओ लोधा वीरेंद्र सिंह इदौलिया के अनुसार इस मामले में जांच चल रही है, लेकिन सोमवार को क्रिसमस और गुरु गोविंद सिंह के आयोजन में व्यस्तता के कारण इस प्रकरण में ज्यादा ध्यान नहीं दे सके। रहा सवाल हसीन की गिरफ्तारी का तो यह जांच व मेडिकल ग्राउंड पर तय होगा।
तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से 60 मुलाजिम हड़ताल पर रहे
अलदुआ मीट एक्सपोर्ट और गत्ता फैक्ट्री के 60 से अधिक मुलाजिम सोमवार को भी हड़ताल पर रहे। इन कर्मचारियों ने तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल शुरू कर दी है। जो कई दिनों से चल रही है।
9.36 बजे सुबह से सीसीटीवी बंद है
अलीगढ़। मारपीट और गोली चलने के घटनाक्रम की कोई सीसीटीवी रिकार्डिंग नहीं हुई है। क्योंकि फैक्ट्री परिसर में लगे कैमरों की रिकार्डिंग सुबह 9.36 से बंद है। जबकि मारपीट और गोली चलने का वाकया लगभग 11 बजे का है।
नोट बंदी में नोट ठिकाने लगाने की जांच करेगा आयकर विभाग
इस संबंध में आयकर अलीगढ़ रेंज के मुख्यालय के अधिकारी अवधेश कुमार राघव ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। इसकी जांच करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। नोटबंदी के दौरान अगर डेढ़ करोड़ रुपये के नोट कमीशन लेकर बदले गए हैं तो इसकी जांच कराई जा सकती है। इस संबंध में आयकर के आगरा स्थित कार्यालय से कार्रवाई होती है। हम अलीगढ़ के स्तर से इस प्रकरण में उच्च अधिकारियों के संज्ञान में ला सकते हैं। गौर हो कि इससे पहले धनीपुर मंडी के पास 50 लाख रुपये की लूट के प्रकरण में भी आयकर की आगरा कार्यालय की टीम जांच कर रही है। इस लूट में अढ़ाती ने 50 लाख की रकम का खुलासा कई दिनों बाद किया था।