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‘फिल्म पद्मावती’ में हुआ खिलजी के साथ अन्याय : इकबाल मंद
Updated Thu, 23 Nov 2017 01:58 AM IST
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‘फिल्म पद्मावती’ में हुआ खिलजी के साथ अन्याय : इकबाल मंद
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव इकबाल मंद का कहना है कि ‘फिल्म पद्मावती’ में निर्देशक संजय लीला भंसाली ने असल अन्याय तो अलाउद्दीन खिलजी के साथ किया है।
उन्होंने कहा कि अलाउद्दीन खिलजी ने बाजार में बिकने वाली सभी चीजों के दाम नियंत्रित कर दिए थे। गेहूं, चावल, ज्वार आदि के दाम भी तय कर दिए थे। दिल्ली में बहुखंडीय बाजार संरचना स्थापित की थी। परिवहन को भी नियंत्रित किया था। उनके काल में बाजार में आने और जाने वाले सामान का पूरा हिसाब रखा जाता था। खिलजी ने ही हिंदुस्तान के लोगों को भी हुकूमत में शामिल किया और वह गंगा-जमुनी तहजीब के जनक थे। मूल्य नियंत्रण की अलाउद्दीन खिलजी की नीति को उस दौर का चमत्कार कहा जा सकता है।
इकबाल ने कहा कि खिलजी के सबसे बड़े कामों में से एक कृषि सुधार थे, जो उन्होंने किए थे। खिलजी ने दिल्ली सल्तनत के दायरे में आने वाले इलाके की जमीनों का सर्वेक्षण करवाकर उन्हें खलीसा व्यवस्था में लिया था। 50 फीसदी उपज लगान में ली जाती थी, इसके अलावा कोई कर नहीं लिया जाता था। अलाउद्दीन खिलजी ने भारत की सीमाओं को सुरक्षित किया था और मंगोलों के हमलों को नाकाम किया था।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव इकबाल मंद का कहना है कि ‘फिल्म पद्मावती’ में निर्देशक संजय लीला भंसाली ने असल अन्याय तो अलाउद्दीन खिलजी के साथ किया है।
उन्होंने कहा कि अलाउद्दीन खिलजी ने बाजार में बिकने वाली सभी चीजों के दाम नियंत्रित कर दिए थे। गेहूं, चावल, ज्वार आदि के दाम भी तय कर दिए थे। दिल्ली में बहुखंडीय बाजार संरचना स्थापित की थी। परिवहन को भी नियंत्रित किया था। उनके काल में बाजार में आने और जाने वाले सामान का पूरा हिसाब रखा जाता था। खिलजी ने ही हिंदुस्तान के लोगों को भी हुकूमत में शामिल किया और वह गंगा-जमुनी तहजीब के जनक थे। मूल्य नियंत्रण की अलाउद्दीन खिलजी की नीति को उस दौर का चमत्कार कहा जा सकता है।
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इकबाल ने कहा कि खिलजी के सबसे बड़े कामों में से एक कृषि सुधार थे, जो उन्होंने किए थे। खिलजी ने दिल्ली सल्तनत के दायरे में आने वाले इलाके की जमीनों का सर्वेक्षण करवाकर उन्हें खलीसा व्यवस्था में लिया था। 50 फीसदी उपज लगान में ली जाती थी, इसके अलावा कोई कर नहीं लिया जाता था। अलाउद्दीन खिलजी ने भारत की सीमाओं को सुरक्षित किया था और मंगोलों के हमलों को नाकाम किया था।
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