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मुड़िया पूर्णिमा मेले के लिए भ्रष्टाचार की यात्रा
Updated Mon, 10 Jul 2017 01:39 AM IST
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मुड़िया पूर्णिमा मेले की यात्रा में भ्रष्टाचार का खेल
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
मुड़िया पूर्णिमा मेले में चालक.परिचालक और रोडवेजकर्मी मिलीभगत से चांदी काट रहे हैं। चालक.परिचालक बिना टिकट दिए यात्रियों से रुपये ले रहे हैं, तो चेक पोस्ट पर तैनात किए गए कर्मचारी प्रति चक्कर 100 रुपये लेकर बस को निकाल रहे हैं।
गोवर्धन के मुड़िया पूर्र्णिमा मेले में परिक्त्रस्मार्थियों को लाने-ले जाने के लिए अलीगढ़ रीजन की 325 बसों की ड्यूटी लगाई गई है। एआएम बुद्ध विहार योगेंद्र प्रताप सिंह ने मेला प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद मथुरा में श्रीजी बाबा एवं सौंख रोड पर निगम के दो चेक पोस्ट बनाए हैं। इन चेक पोस्टों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। चालक-परिचालकों का कहना है कि दोनों चेकपोस्ट पर उनसे 100-100 रुपये लिए जा रहे हैं। वहीं वे भी 15-20 सवारी बेटिकट ले जा रहे हैं।
गोवर्धन से चली गाड़ी को केवल गोकुल बैराज पर चेक किया जाता है। इसके बाद इगलास तक शायद ही चेकिंग मिलती हो। गत दिवस ‘अमर उजाला’ संवाददाता ने मथुरा से अलीगढ़ तक की यात्रा की तो देखा कि परिचालक ने कई यात्रियों से रुपये ले लिएए लेकिन बार-बार मांगने पर भी टिकट नहीं दिया।
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बाक्स
चालक परिचालक काट रहे चांदी
यदि एक चक्कर में चालक 15.15 सवारी दोनों ओर से बैठाता हैए तो 73 रुपये के हिसाब से तीस टिकट 2190 रुपये के बैठते हैं। मेला अवधि के सात दिनों में यह राशि 15330 रुपये होती है। यदि एक बस दिन में दो चक्कर लगाती हैए तो यह आंकड़ा 30660 रुपये होता है। 325 में से दर्जनों बसों के चालक.परिचालक यदि ऐसा कर रहे हैंए तो यह मामला लाखों रुपये में पहुंचता है।
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डग्गेमारी पर आरटीओ ने भी आंखें मूंदीं
गिरिराज महाराज के भक्तों को गोवर्धन पहुंचाने में लगे डग्गामार वाहनों के खिलाफ आरटीओ ने कोई चेकिंग अभियान नहीं चलाया। इसी का नतीजा है कि दिन-रात बेखौफ चालकों ने यात्रियों की जान को खतरे में डालकर जमकर चांदी काटी। आरटीओ डा. विक्रम सिंह ने बताया कि अधीनस्थों को चेकिंग के निर्देश तो दिए थे, लेकिन रविवार होने के कारण कितने वाहनों के चालान हुए इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
वर्जन
अभी ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। मैं खुद औचक निरीक्षण कर इस मामले को देखूंगा। यदि मामला सही पाया गया तो कार्यवाही निश्चित है।
... योगेंद्र प्रताप सिंह, मेला प्रभारी व एआरएम बुद्ध विहार
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
मुड़िया पूर्णिमा मेले में चालक.परिचालक और रोडवेजकर्मी मिलीभगत से चांदी काट रहे हैं। चालक.परिचालक बिना टिकट दिए यात्रियों से रुपये ले रहे हैं, तो चेक पोस्ट पर तैनात किए गए कर्मचारी प्रति चक्कर 100 रुपये लेकर बस को निकाल रहे हैं।
गोवर्धन के मुड़िया पूर्र्णिमा मेले में परिक्त्रस्मार्थियों को लाने-ले जाने के लिए अलीगढ़ रीजन की 325 बसों की ड्यूटी लगाई गई है। एआएम बुद्ध विहार योगेंद्र प्रताप सिंह ने मेला प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद मथुरा में श्रीजी बाबा एवं सौंख रोड पर निगम के दो चेक पोस्ट बनाए हैं। इन चेक पोस्टों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। चालक-परिचालकों का कहना है कि दोनों चेकपोस्ट पर उनसे 100-100 रुपये लिए जा रहे हैं। वहीं वे भी 15-20 सवारी बेटिकट ले जा रहे हैं।
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गोवर्धन से चली गाड़ी को केवल गोकुल बैराज पर चेक किया जाता है। इसके बाद इगलास तक शायद ही चेकिंग मिलती हो। गत दिवस ‘अमर उजाला’ संवाददाता ने मथुरा से अलीगढ़ तक की यात्रा की तो देखा कि परिचालक ने कई यात्रियों से रुपये ले लिएए लेकिन बार-बार मांगने पर भी टिकट नहीं दिया।
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चालक परिचालक काट रहे चांदी
यदि एक चक्कर में चालक 15.15 सवारी दोनों ओर से बैठाता हैए तो 73 रुपये के हिसाब से तीस टिकट 2190 रुपये के बैठते हैं। मेला अवधि के सात दिनों में यह राशि 15330 रुपये होती है। यदि एक बस दिन में दो चक्कर लगाती हैए तो यह आंकड़ा 30660 रुपये होता है। 325 में से दर्जनों बसों के चालक.परिचालक यदि ऐसा कर रहे हैंए तो यह मामला लाखों रुपये में पहुंचता है।
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डग्गेमारी पर आरटीओ ने भी आंखें मूंदीं
गिरिराज महाराज के भक्तों को गोवर्धन पहुंचाने में लगे डग्गामार वाहनों के खिलाफ आरटीओ ने कोई चेकिंग अभियान नहीं चलाया। इसी का नतीजा है कि दिन-रात बेखौफ चालकों ने यात्रियों की जान को खतरे में डालकर जमकर चांदी काटी। आरटीओ डा. विक्रम सिंह ने बताया कि अधीनस्थों को चेकिंग के निर्देश तो दिए थे, लेकिन रविवार होने के कारण कितने वाहनों के चालान हुए इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
वर्जन
अभी ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। मैं खुद औचक निरीक्षण कर इस मामले को देखूंगा। यदि मामला सही पाया गया तो कार्यवाही निश्चित है।
... योगेंद्र प्रताप सिंह, मेला प्रभारी व एआरएम बुद्ध विहार