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सुल्तानियां हिस्टॉरिकल सोसाइटी का पुन: प्रकाशन
Updated Wed, 09 Aug 2017 01:36 AM IST
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सुल्तानियां हिस्टॉरिकल सोसाइटी का पुन: प्रकाशन
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एएमयू के इतिहास विभाग द्वारा त्रैमासिक जनरल बुलेटिन ऑफ सुल्तानियां हिस्टॉरिकल सोसाइटी (बीओएसएचएस) का पुन: प्रकाशन किया गया। इस जनरल में एएमयू के प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब का इतिहास और हिस्टोरियोग्राफी के विषय पर विशेष साक्षात्कार को शामिल किया गया है।
इस जनरल के सलाहकार बोर्ड में प्रो. हबीब के अलावा प्रो. शीरीन मूस्वी, प्रो. आदित्य मुखर्जी, प्रो. फरहत हसन, प्रो. नजफ हैदर, प्रो. आरपी बहुगुणा और प्रो. इशरत आलम शामिल हैं। जबकि संपादकीय बोर्ड में प्रो. जाबिर रजा़, प्रो. मोहम्मद सज्जाद, डॉ. अली काज़िम, मोहम्मद हुसैन गनाई, बशारत सलीम पर्रे और असरा अल्वी हैं।
जनरल के सामान्य संपादक और इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सैयद अली नदीम रेजा़वी ने बताया कि सुल्तानियां हिस्टोरिकल सोसाइटी (जिसको पहले सुल्तानियां हिस्टोरिकल स्टडीज के नाम से जाना जाता था) इतिहास विभाग के प्रारंभिक वर्षों के समय से इसके एक भाग के रूप में कार्य कर रही हैं। 1920 में एमएओ कॉलेज का यूनिवर्सिटी के रूप में उन्नयन होने के पश्चात् इस सोसाइटी को नवाब सुल्तान जहां बेगम के नाम पर अपना नया नाम प्राप्त हुआ।
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भोपाल की बेगम सुल्तान जहां ने एमएओ कॉलेज की स्थापना और उसके विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया। वह 17 दिसंबर 1920 से 12 मई 1930 तक एएमयू की संस्थापक कुलाधिपति भी रहीं। जनरल की संपादक लुबना इरफान ने बताया कि इस पत्रिका का उद्देश्य युवा शोधार्थियों को अपने विचारों को प्रस्तुत करने और उन्हें इस क्षेत्र के इतिहास के प्रख्यात विद्वानों के साथ चर्चा करने का अवसर प्रदान करना है।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एएमयू के इतिहास विभाग द्वारा त्रैमासिक जनरल बुलेटिन ऑफ सुल्तानियां हिस्टॉरिकल सोसाइटी (बीओएसएचएस) का पुन: प्रकाशन किया गया। इस जनरल में एएमयू के प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब का इतिहास और हिस्टोरियोग्राफी के विषय पर विशेष साक्षात्कार को शामिल किया गया है।
इस जनरल के सलाहकार बोर्ड में प्रो. हबीब के अलावा प्रो. शीरीन मूस्वी, प्रो. आदित्य मुखर्जी, प्रो. फरहत हसन, प्रो. नजफ हैदर, प्रो. आरपी बहुगुणा और प्रो. इशरत आलम शामिल हैं। जबकि संपादकीय बोर्ड में प्रो. जाबिर रजा़, प्रो. मोहम्मद सज्जाद, डॉ. अली काज़िम, मोहम्मद हुसैन गनाई, बशारत सलीम पर्रे और असरा अल्वी हैं।
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जनरल के सामान्य संपादक और इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सैयद अली नदीम रेजा़वी ने बताया कि सुल्तानियां हिस्टोरिकल सोसाइटी (जिसको पहले सुल्तानियां हिस्टोरिकल स्टडीज के नाम से जाना जाता था) इतिहास विभाग के प्रारंभिक वर्षों के समय से इसके एक भाग के रूप में कार्य कर रही हैं। 1920 में एमएओ कॉलेज का यूनिवर्सिटी के रूप में उन्नयन होने के पश्चात् इस सोसाइटी को नवाब सुल्तान जहां बेगम के नाम पर अपना नया नाम प्राप्त हुआ।
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भोपाल की बेगम सुल्तान जहां ने एमएओ कॉलेज की स्थापना और उसके विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया। वह 17 दिसंबर 1920 से 12 मई 1930 तक एएमयू की संस्थापक कुलाधिपति भी रहीं। जनरल की संपादक लुबना इरफान ने बताया कि इस पत्रिका का उद्देश्य युवा शोधार्थियों को अपने विचारों को प्रस्तुत करने और उन्हें इस क्षेत्र के इतिहास के प्रख्यात विद्वानों के साथ चर्चा करने का अवसर प्रदान करना है।