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सड़क बनाई नहीं पैसा वसूल लिया
Updated Wed, 21 Jun 2017 01:27 AM IST
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सड़क पूरी बनाई नहीं पैसा पूरा वसूल लिया
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
सड़क पूरी बनाई नहीं और जिला पंचायत एवं ग्राम पंचायत से पैसा पूरा वसूल लिया। जिला पंचायत के जेई की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा किए गए इस घपले की गूंज डीएम दरबार तक पहुंच गई है।
मामला तहसील गभाना के गांव कोमला का है। प्रधान संजय सिंह चौहान एड के अनुसार उनके गांव में सीसी रोड का निर्माण होना था। इसमें से 250 मीटर रोड जिला पंचायत के मद से तो शेष 70 मीटर रोड प्रधानों को मिलने वाली राज्य वित्त आयोग की राशि से बनना था।
जिला पंचायत मद से बनने वाले 250 मीटर हिस्से की लागत 12.50 लाख तथा राज्य वित्त वाले 70 मीटर हिस्से में 2.24 लाख खर्च होना था। प्रधान का आरोप है कि ठेकेदार ने जिला पंचायत के हिस्से वाली 230 मीटर रोड बनाई और प्रधान के हिस्से वाली पूरी 70 मीटर रोड बना दी।
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इसके बाद दोनों कामों को एक साथ जोड़कर पूरा पैसा वसूल लिया। जिला पंचायत के जेई ने भी इसे पास कर दिया। जबकि कायदे से जब 250 मीटर रोड बनना प्रस्तावित था तो इससे ज्यादा के काम को जेई कैसे पास कर सकता था।
मैने अपने हिस्से की सड़क के लिए अपने खाते से पहली किश्त का 1.39 लाख रुपया रिलीज कर दिया था। शेष रकम की निकासी नहीं हो पा रही है। उन्होंने डीएम से जेई को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने एवं ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
सड़क पूरी बनाई नहीं और जिला पंचायत एवं ग्राम पंचायत से पैसा पूरा वसूल लिया। जिला पंचायत के जेई की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा किए गए इस घपले की गूंज डीएम दरबार तक पहुंच गई है।
मामला तहसील गभाना के गांव कोमला का है। प्रधान संजय सिंह चौहान एड के अनुसार उनके गांव में सीसी रोड का निर्माण होना था। इसमें से 250 मीटर रोड जिला पंचायत के मद से तो शेष 70 मीटर रोड प्रधानों को मिलने वाली राज्य वित्त आयोग की राशि से बनना था।
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जिला पंचायत मद से बनने वाले 250 मीटर हिस्से की लागत 12.50 लाख तथा राज्य वित्त वाले 70 मीटर हिस्से में 2.24 लाख खर्च होना था। प्रधान का आरोप है कि ठेकेदार ने जिला पंचायत के हिस्से वाली 230 मीटर रोड बनाई और प्रधान के हिस्से वाली पूरी 70 मीटर रोड बना दी।
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इसके बाद दोनों कामों को एक साथ जोड़कर पूरा पैसा वसूल लिया। जिला पंचायत के जेई ने भी इसे पास कर दिया। जबकि कायदे से जब 250 मीटर रोड बनना प्रस्तावित था तो इससे ज्यादा के काम को जेई कैसे पास कर सकता था।
मैने अपने हिस्से की सड़क के लिए अपने खाते से पहली किश्त का 1.39 लाख रुपया रिलीज कर दिया था। शेष रकम की निकासी नहीं हो पा रही है। उन्होंने डीएम से जेई को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने एवं ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है।