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मुठभेड़ मामले में नहीं दर्ज हो सके पुलिस अफसरों के बयान
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
खैर के गांव चमन नगरिया के समीप 31 जनवरी 2019 को पुलिस मुठभेड़ मामले में पुलिस अफसरों के बयान शनिवार को दर्ज नहीं हो सके। अब सीओ खैर समेत अन्य पुलिस अधिकारी सोमवार को एडीएम प्रशासन न्यायालय में बयान दर्ज कराएंगे।
26 एवं 27 जनवरी 2019 की रात गाजियाबाद से दिल्ली एल्यूमिनियम सिल्ली से भरा ट्रक जा रहा था। आरोप है कि गांव बैना टप्पल निवासी ओमवीर सिंह, शेरपुर पिसावा निवासी सुरेश एवं उनके अन्य साथियों ने रास्ते में इस ट्रक को लूट लिया। इसका माल दूसरे ट्रक में स्थानांतरित कर भागे। इस दौरान उन्होंने चालक परिचालक को खैर के समीप हाथ पांव बांधकर पटक दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस की गांव चमन नगरिया के समीप भाग रहे इन बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में ओमवीर एवं सुरेश गोली लगने से घायल हो गए।
उनके अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल सुरेश की पत्नी लक्ष्मी देवी ने मुठभेड़ को फर्जी करार करते हुए सीजेएम कोर्ट में सीओ खैर समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था।
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इस मामले में न्यायालय ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन कृष्णलाल तिवारी को जांच अधिकारी नामित किया। शनिवार को पुलिस उपनिरीक्षक अनुज चौधरी, पुलिस उप निरीक्षक थाना खैर शक्ति राठी, थाना प्रभारी छोटेलाल एवं वरिष्ठ उप निरीक्षक थाना खैर यतेंद्र पाल सिंह बयान दर्ज कराने आए। इस दौरान इन अफसरों ने मुठभेड़ से संबंधित जीडी समेत अन्य आवश्यक कागजात जमा कराये। लेकिन व्यस्तता के चलते एडीएम प्रशासन के समक्ष बयान दर्ज नहीं करा सके। एडीएम प्रशासन कृष्ण लाल तिवारी ने स्वीकार किया कि पुलिस अफसरों ने मुठभेड़ से संबंधित कागजात तो जमा करा दिये हैं, लेकिन उनके बयान सोमवार को होंगे।
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खैर के गांव चमन नगरिया के समीप 31 जनवरी 2019 को पुलिस मुठभेड़ मामले में पुलिस अफसरों के बयान शनिवार को दर्ज नहीं हो सके। अब सीओ खैर समेत अन्य पुलिस अधिकारी सोमवार को एडीएम प्रशासन न्यायालय में बयान दर्ज कराएंगे।
26 एवं 27 जनवरी 2019 की रात गाजियाबाद से दिल्ली एल्यूमिनियम सिल्ली से भरा ट्रक जा रहा था। आरोप है कि गांव बैना टप्पल निवासी ओमवीर सिंह, शेरपुर पिसावा निवासी सुरेश एवं उनके अन्य साथियों ने रास्ते में इस ट्रक को लूट लिया। इसका माल दूसरे ट्रक में स्थानांतरित कर भागे। इस दौरान उन्होंने चालक परिचालक को खैर के समीप हाथ पांव बांधकर पटक दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस की गांव चमन नगरिया के समीप भाग रहे इन बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में ओमवीर एवं सुरेश गोली लगने से घायल हो गए।
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उनके अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल सुरेश की पत्नी लक्ष्मी देवी ने मुठभेड़ को फर्जी करार करते हुए सीजेएम कोर्ट में सीओ खैर समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था।
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इस मामले में न्यायालय ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन कृष्णलाल तिवारी को जांच अधिकारी नामित किया। शनिवार को पुलिस उपनिरीक्षक अनुज चौधरी, पुलिस उप निरीक्षक थाना खैर शक्ति राठी, थाना प्रभारी छोटेलाल एवं वरिष्ठ उप निरीक्षक थाना खैर यतेंद्र पाल सिंह बयान दर्ज कराने आए। इस दौरान इन अफसरों ने मुठभेड़ से संबंधित जीडी समेत अन्य आवश्यक कागजात जमा कराये। लेकिन व्यस्तता के चलते एडीएम प्रशासन के समक्ष बयान दर्ज नहीं करा सके। एडीएम प्रशासन कृष्ण लाल तिवारी ने स्वीकार किया कि पुलिस अफसरों ने मुठभेड़ से संबंधित कागजात तो जमा करा दिये हैं, लेकिन उनके बयान सोमवार को होंगे।