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संजलि को इंसाफ दिलाने के लिए एएमयू में मार्च
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
आईएएस बनकर देश की सेवा का सपना देखने वाली आगरा की बिटियां संजलि को जलाकर मार दिये जाने से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र आक्रोशित हैं। इसको लेकर छात्रों ने कैंपस में विरोध मार्च आयोजित कर योगी सरकार पर सवाल उठाए। छात्र नेताओं ने संजलि एवं उसके परिजनों के साथ इंसाफ करने की मांग की।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन, मशकूर अहमद उस्मानी एवं अब्दुल फराह शाजली आदि की अगुवाई में मौलाना आजाद लाइब्रेरी परिसर से बाब-ए-सैयद तक मार्च का आयोजन किया गया। छात्र नेताओं ने आगरा की संजलि को जलाकर मारने की घटना पर आक्रोश व्यक्त किया।
उनका कहना था कि संजलि आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती थी। लेकिन बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की सरकार में अपराधियों ने उसके सपने को रौंद दिया। सबसे दुर्भाग्य की बात यह है कि अभी तक उसके हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। छात्र नेताओं का कहना था कि संजलि के परिजनों से जाकर लोग पूछे कि वह डरे हुए हैं या नहीं।
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उसके गांव एवं आसपास के लोग इतने डरे हैं कि अपनी बेटियों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। बुलंदशहर में इंस्पेक्टर के हत्यारों के खिलाफ कुछ नहीं हुआ।
छात्रों ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया की छात्रा उमैया खान के अतिरिक्त गोवा एवं लखनऊ में हिजाब पहनकर नेट परीक्षा में शामिल होने गई छात्राओं को रोकने पर भी गहरा एतराज जताया। इस अवसर पर एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष हमजा सूफियान, फैसल नदीम, शमीम बारी, नवेद आलम, निशांत भारद्वाज आदि मौजूद थे।
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आईएएस बनकर देश की सेवा का सपना देखने वाली आगरा की बिटियां संजलि को जलाकर मार दिये जाने से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र आक्रोशित हैं। इसको लेकर छात्रों ने कैंपस में विरोध मार्च आयोजित कर योगी सरकार पर सवाल उठाए। छात्र नेताओं ने संजलि एवं उसके परिजनों के साथ इंसाफ करने की मांग की।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन, मशकूर अहमद उस्मानी एवं अब्दुल फराह शाजली आदि की अगुवाई में मौलाना आजाद लाइब्रेरी परिसर से बाब-ए-सैयद तक मार्च का आयोजन किया गया। छात्र नेताओं ने आगरा की संजलि को जलाकर मारने की घटना पर आक्रोश व्यक्त किया।
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उनका कहना था कि संजलि आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती थी। लेकिन बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की सरकार में अपराधियों ने उसके सपने को रौंद दिया। सबसे दुर्भाग्य की बात यह है कि अभी तक उसके हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। छात्र नेताओं का कहना था कि संजलि के परिजनों से जाकर लोग पूछे कि वह डरे हुए हैं या नहीं।
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उसके गांव एवं आसपास के लोग इतने डरे हैं कि अपनी बेटियों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। बुलंदशहर में इंस्पेक्टर के हत्यारों के खिलाफ कुछ नहीं हुआ।
छात्रों ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया की छात्रा उमैया खान के अतिरिक्त गोवा एवं लखनऊ में हिजाब पहनकर नेट परीक्षा में शामिल होने गई छात्राओं को रोकने पर भी गहरा एतराज जताया। इस अवसर पर एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष हमजा सूफियान, फैसल नदीम, शमीम बारी, नवेद आलम, निशांत भारद्वाज आदि मौजूद थे।