{"_id":"5b7c7a2f42c79246462548bf","slug":"161534884399-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीडीएस कटवाने वाले को आयकर रिटर्न देना होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीडीएस कटवाने वाले को आयकर रिटर्न देना होगा
Updated Wed, 22 Aug 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आयकर के प्रधान आयुक्त अलीगढ़ रेंज आनंद सरन सिंह ने कहा है कि कई ऐसे सरकारी विभाग और निजी वाणिज्य संस्थान हैं, जहां सेलरी से टीडीएस काटा जाता है, लेकिन टीडीएस कटवाने वाले कर्मचारी आयकर रिटर्न जमा नहीं करते हैं।
अब ऐसे विभागों के प्रमुख ऐसे कर्मचारी जिनका टीडीएस ट्रेजरी से कटता है। उन सभी की सूचना आयकर विभाग ले रहा है। इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षक एवं पुलिस विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त छोेटे व्यापारी, ठेकेदार एवं ट्रांसपोर्टर जिनका टीडीएस कट जाता है, लेकिन वो आयकर रिटर्न जमा नहीं करते हैं। आयकर विभाग ऐसे लोगों की सूचनाएं भी एकत्र कर रहा है। उन पर कार्यवाही अमल में आएगी।
विज्ञापन
जानिए टीडीएस क्या है..?
1-टीडीएस का अर्थ है टैक्स डिडेक्शन एट द सोर्स ऑफ इन्कम। यानी की आय के स्रोत पर ही आयकर कट जाना। हजारों लोगों की आय ऐसी होती है। जिसके भुगतान से पहले आय के स्रोत पर ही आयकर कट जाता है। इसको ही टीडीएस कहते हैं। कटवाने वाले को इसका भुगतान आयकर विभाग में क्लेम करने से मिलता है। जिसके लिए फार्म भरना पड़ता है।
2-तीन लाख रुपये तक की सालाना आय वाले लोग, जिनका टीडीएस कट रहा है। उनको आयकर रिटर्न जमा करना और टीडीएस का क्लेम करना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर आयकर विभाग उनको नोटिस जारी कर पूछताछ करेगा।
3-तीन लाख रुपये से कम की सालाना आय वाले लोग जिनका टीडीएस कट रहा है। उनको टीडीएस का क्लेम करना जरूरी है। ऐसे नहीं होने पर आयकर विभाग उनको भी नोटिस जारी कर पूछताछ करेगा।
4-टीडीएस का क्लेम फार्म भरने पर ही पैसे मिलेंगे। अन्यथा की सूरत में टीडीएस कटवाने वाले को पैसे नहीं मिलेंगे। ऐेसे लोगों से भी पूछताछ होगी।
5-ऐसे सभी मामलों में चाहे वो सेलरी के हो या अन्य हों, जिनमें कटौती कर्ता ने टीडीएस काटा है। उसमें टीडीएस कटवाने वाले को आयकर रिटर्न जमा करना होगा।
6-टीडीएस कटवाने के बाद आयकर रिटर्न जमा नहीं करने या टीडीएस का क्लेम नहीं करने पर पेनाल्टी और अभियोजन दोनों का प्रावधान है।
7-बैंकों से दस हजार रुपये सालाना का ब्याज प्राप्त करने वालों को टीडीएस का फार्म भरना है। ये फार्म 15 जी और एच के नाम से मिलता है, जो बैंक देते हैं। इसमें टीडीएस कटवाने वाले ये सूचना देते हैं कि उनकी सालाना आय तीन लाख रुपये से कम है। ये फार्म भरने वाले अलीगढ़ में 20 से 25 हजार लोग हैं।
आयकर विभाग की मंशा साफ है कि टीडीएस कटवाने के बाद क्लेम नहीं लेने वाले भी नोटिस की जद में आएंगे। टीडीएस क्लेम कर आयकर रिटर्न जमा नहीं करने वाले भी नोटिस की जद में रहेंगे। सरकार चाहती है कि आम आदमी टीडीएस का क्लेम वापस ले।
-विजय कुमार, पूर्व अध्यक्ष सीए एसोसिएशन।
टीडीएस के बारे में अधिकांश लोग जानकारी के अभाव में अपना ही नुकसान करते हैं। आयकर विभाग उनका जो पैसा काटता है उसे वह वापस नहीं ले पाते हैं। इसकी बड़ी वजह ये है कि लेकिन विभागीय वेबसाइट में इसकी जानकारी नहीं मिल रही है। अब ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए इस पर टीडीएस क्लेम बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। टीडीएस के तीन लाख के दायरे में आने वालों को आयकर रिटर्न भी भरना होगा।
-अभिषेक गुप्ता, वरिष्ठ आयकर अधिवक्ता।
विज्ञापन
आयकर के प्रधान आयुक्त अलीगढ़ रेंज आनंद सरन सिंह ने कहा है कि कई ऐसे सरकारी विभाग और निजी वाणिज्य संस्थान हैं, जहां सेलरी से टीडीएस काटा जाता है, लेकिन टीडीएस कटवाने वाले कर्मचारी आयकर रिटर्न जमा नहीं करते हैं।
अब ऐसे विभागों के प्रमुख ऐसे कर्मचारी जिनका टीडीएस ट्रेजरी से कटता है। उन सभी की सूचना आयकर विभाग ले रहा है। इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षक एवं पुलिस विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त छोेटे व्यापारी, ठेकेदार एवं ट्रांसपोर्टर जिनका टीडीएस कट जाता है, लेकिन वो आयकर रिटर्न जमा नहीं करते हैं। आयकर विभाग ऐसे लोगों की सूचनाएं भी एकत्र कर रहा है। उन पर कार्यवाही अमल में आएगी।
विज्ञापन
जानिए टीडीएस क्या है..?
1-टीडीएस का अर्थ है टैक्स डिडेक्शन एट द सोर्स ऑफ इन्कम। यानी की आय के स्रोत पर ही आयकर कट जाना। हजारों लोगों की आय ऐसी होती है। जिसके भुगतान से पहले आय के स्रोत पर ही आयकर कट जाता है। इसको ही टीडीएस कहते हैं। कटवाने वाले को इसका भुगतान आयकर विभाग में क्लेम करने से मिलता है। जिसके लिए फार्म भरना पड़ता है।
2-तीन लाख रुपये तक की सालाना आय वाले लोग, जिनका टीडीएस कट रहा है। उनको आयकर रिटर्न जमा करना और टीडीएस का क्लेम करना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर आयकर विभाग उनको नोटिस जारी कर पूछताछ करेगा।
3-तीन लाख रुपये से कम की सालाना आय वाले लोग जिनका टीडीएस कट रहा है। उनको टीडीएस का क्लेम करना जरूरी है। ऐसे नहीं होने पर आयकर विभाग उनको भी नोटिस जारी कर पूछताछ करेगा।
4-टीडीएस का क्लेम फार्म भरने पर ही पैसे मिलेंगे। अन्यथा की सूरत में टीडीएस कटवाने वाले को पैसे नहीं मिलेंगे। ऐेसे लोगों से भी पूछताछ होगी।
5-ऐसे सभी मामलों में चाहे वो सेलरी के हो या अन्य हों, जिनमें कटौती कर्ता ने टीडीएस काटा है। उसमें टीडीएस कटवाने वाले को आयकर रिटर्न जमा करना होगा।
6-टीडीएस कटवाने के बाद आयकर रिटर्न जमा नहीं करने या टीडीएस का क्लेम नहीं करने पर पेनाल्टी और अभियोजन दोनों का प्रावधान है।
7-बैंकों से दस हजार रुपये सालाना का ब्याज प्राप्त करने वालों को टीडीएस का फार्म भरना है। ये फार्म 15 जी और एच के नाम से मिलता है, जो बैंक देते हैं। इसमें टीडीएस कटवाने वाले ये सूचना देते हैं कि उनकी सालाना आय तीन लाख रुपये से कम है। ये फार्म भरने वाले अलीगढ़ में 20 से 25 हजार लोग हैं।
आयकर विभाग की मंशा साफ है कि टीडीएस कटवाने के बाद क्लेम नहीं लेने वाले भी नोटिस की जद में आएंगे। टीडीएस क्लेम कर आयकर रिटर्न जमा नहीं करने वाले भी नोटिस की जद में रहेंगे। सरकार चाहती है कि आम आदमी टीडीएस का क्लेम वापस ले।
-विजय कुमार, पूर्व अध्यक्ष सीए एसोसिएशन।
टीडीएस के बारे में अधिकांश लोग जानकारी के अभाव में अपना ही नुकसान करते हैं। आयकर विभाग उनका जो पैसा काटता है उसे वह वापस नहीं ले पाते हैं। इसकी बड़ी वजह ये है कि लेकिन विभागीय वेबसाइट में इसकी जानकारी नहीं मिल रही है। अब ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए इस पर टीडीएस क्लेम बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। टीडीएस के तीन लाख के दायरे में आने वालों को आयकर रिटर्न भी भरना होगा।
-अभिषेक गुप्ता, वरिष्ठ आयकर अधिवक्ता।