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पूर्व प्राचार्य सहित तीन के खिलाफ गैर जमानती वारंट
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:33 AM IST
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पूर्व प्राचार्य सहित तीन के खिलाफ गैर जमानती वारंट
ब्यरो, अमर उजाला अलीगढ़।
कोर्ट में पेश न होने पर मारपीट के मामले में आरोपी एसवी डिग्री कॉलेज के पूर्व प्राचार्य सहित तीन के खिलाफ कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किए हैं।
एसीजेएम कोर्ट में सुशील कुमार ने प्रार्थना पत्र दिया था कि एसवी डिग्री कॉलेज में वह संस्कृत विषय से शोध कर रहा है। 22 जुलाई 2014 को सु्बह 11 बजे वह अपने मित्र का प्रवेश फॉर्म लेने के लिए जब एसवी कॉलेज गया, तो वहां प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार दीक्षित ने उसे आवाज देकर बुलाया और चेक देने का बहाना बनाकर अंदर कक्ष में ले गए। वहां सहायक लेखाकार रजत गुप्ता व शिवचरण लाल ने प्राचार्य के कहने पर उसे लात-घूंसों, थप्पड़ों से मारा-पीटा। उसकी जेब से जबरन रुपये भी निकाल लिए और बाद में जान से मारने की धमकी देकर कई पेपरों पर साइन करा लिए।
उसने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट के आदेश पर धारा 156 (3) के तहत सुशील कुमार शर्मा का परिवाद दर्ज किया गया। इसके बाद एसीजेएम ने अभियुक्तों को धारा 323, 427 के अपराध के विचरण के लिए कोर्ट में तलब किया। जब अभियुक्त नहीं आए, तो कोर्ट ने इनके जमानती वारंट जारी किए। जमानती वारंट जारी करने के बाद भी अभियुक्त नहीं आए, तो एसीजेएम ने तत्कालीन प्राचार्य अरुण कुमार दीक्षित सहित तीनों अभियुक्तों के गैरजमानती वारंट जारी कर दिए।
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ब्यरो, अमर उजाला अलीगढ़।
कोर्ट में पेश न होने पर मारपीट के मामले में आरोपी एसवी डिग्री कॉलेज के पूर्व प्राचार्य सहित तीन के खिलाफ कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किए हैं।
एसीजेएम कोर्ट में सुशील कुमार ने प्रार्थना पत्र दिया था कि एसवी डिग्री कॉलेज में वह संस्कृत विषय से शोध कर रहा है। 22 जुलाई 2014 को सु्बह 11 बजे वह अपने मित्र का प्रवेश फॉर्म लेने के लिए जब एसवी कॉलेज गया, तो वहां प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार दीक्षित ने उसे आवाज देकर बुलाया और चेक देने का बहाना बनाकर अंदर कक्ष में ले गए। वहां सहायक लेखाकार रजत गुप्ता व शिवचरण लाल ने प्राचार्य के कहने पर उसे लात-घूंसों, थप्पड़ों से मारा-पीटा। उसकी जेब से जबरन रुपये भी निकाल लिए और बाद में जान से मारने की धमकी देकर कई पेपरों पर साइन करा लिए।
उसने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट के आदेश पर धारा 156 (3) के तहत सुशील कुमार शर्मा का परिवाद दर्ज किया गया। इसके बाद एसीजेएम ने अभियुक्तों को धारा 323, 427 के अपराध के विचरण के लिए कोर्ट में तलब किया। जब अभियुक्त नहीं आए, तो कोर्ट ने इनके जमानती वारंट जारी किए। जमानती वारंट जारी करने के बाद भी अभियुक्त नहीं आए, तो एसीजेएम ने तत्कालीन प्राचार्य अरुण कुमार दीक्षित सहित तीनों अभियुक्तों के गैरजमानती वारंट जारी कर दिए।
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