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कल्याण के गांव में अजीत को 121 वोट
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
यूपी के पूर्व सीएम एवं वर्तमान में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के नाम से मशहूर अतरौली विधानसभा में उनके पैतृक गांव मढ़ौली में गठबंधन प्रत्याशी अजीत बालियान को 121 वोट मिले हैं। हार का मातम मना रहे गठबंधन के नेताओं को इसकी उम्मीद नहीं थी।
मढ़ौली के दो बूथों पर अजीत को 121, बिजेंद्र सिंह को 22 मत मिले। यहां शाम को अचानक सतीश के खेमे को वोट हुआ जब कमान खुद शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने संभाली। तब कहीं जाकर सतीश गौतम को 774 वोट मिले। इस दौरान 15 वोट नोटा को भी चले गए थे।
मतदान के दिन 18 अप्रैल की दोपहर अतरौली के ही गांव खेड़िया बहादुर, गणेशपुर काजिमाबाद और विधिपुर में सतीश गौतम के खिलाफ वोटिंग करने के वीडियो वायरल हुए थे। जिस पर सतीश गौतम ने खासी नाराजगी जाहिर की थी और मामला लखनऊ तक पहुंच गया था। उक्त वीडियो में एक भाजपाई को ही भाजपा के खिलाफ मतदान करने की बात कहते हुए रिकार्ड किया गया था।
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इन गांवों के वोट खुले तो मामला अलग निकला। इसकी वजह शाम का ‘भाजपाई मैनेजमेंट’ बताया गया है। जिसकी कमान एटा से ही राजू भैया ने संभाली थी। खेड़िया बहादुर के तीन बूथों पर अजीत को 44, कांग्रेस को 31 और भाजपा को 1234 वोट मिले। गणेशपुर के दो बूथों पर अजीत को 122, विजेंद्र सिंह को नौ और सतीश को 933 वोट मिले।
काजिमाबाद के चार बूथों पर अजीत को 686, कांग्रेस को 58 और भाजपा को 1624 वोट मिले, यहां 15 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। विधिपुर के दो बूथों पर अजीत को 36, बिजेंद्र को 41 और सतीश को 1357 मत मिले। यहां तीन लोगों ने नोटा दबाया था। कुल मिलाकर चारों गांवों में शाम को अचानक वोट बढ़ा और भाजपा जीती।
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यूपी के पूर्व सीएम एवं वर्तमान में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के नाम से मशहूर अतरौली विधानसभा में उनके पैतृक गांव मढ़ौली में गठबंधन प्रत्याशी अजीत बालियान को 121 वोट मिले हैं। हार का मातम मना रहे गठबंधन के नेताओं को इसकी उम्मीद नहीं थी।
मढ़ौली के दो बूथों पर अजीत को 121, बिजेंद्र सिंह को 22 मत मिले। यहां शाम को अचानक सतीश के खेमे को वोट हुआ जब कमान खुद शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने संभाली। तब कहीं जाकर सतीश गौतम को 774 वोट मिले। इस दौरान 15 वोट नोटा को भी चले गए थे।
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मतदान के दिन 18 अप्रैल की दोपहर अतरौली के ही गांव खेड़िया बहादुर, गणेशपुर काजिमाबाद और विधिपुर में सतीश गौतम के खिलाफ वोटिंग करने के वीडियो वायरल हुए थे। जिस पर सतीश गौतम ने खासी नाराजगी जाहिर की थी और मामला लखनऊ तक पहुंच गया था। उक्त वीडियो में एक भाजपाई को ही भाजपा के खिलाफ मतदान करने की बात कहते हुए रिकार्ड किया गया था।
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इन गांवों के वोट खुले तो मामला अलग निकला। इसकी वजह शाम का ‘भाजपाई मैनेजमेंट’ बताया गया है। जिसकी कमान एटा से ही राजू भैया ने संभाली थी। खेड़िया बहादुर के तीन बूथों पर अजीत को 44, कांग्रेस को 31 और भाजपा को 1234 वोट मिले। गणेशपुर के दो बूथों पर अजीत को 122, विजेंद्र सिंह को नौ और सतीश को 933 वोट मिले।
काजिमाबाद के चार बूथों पर अजीत को 686, कांग्रेस को 58 और भाजपा को 1624 वोट मिले, यहां 15 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। विधिपुर के दो बूथों पर अजीत को 36, बिजेंद्र को 41 और सतीश को 1357 मत मिले। यहां तीन लोगों ने नोटा दबाया था। कुल मिलाकर चारों गांवों में शाम को अचानक वोट बढ़ा और भाजपा जीती।