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शासन की लाभकारी योजनाएं बनीं जीत में सहारा
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न्यूज डेस्क, दीपक शर्मा, अलीगढ़।
लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम की बंपर जीत में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत लोगों का मिला लाभ भी सहायक रहा। शासन की योजनाएं जैसे उज्जवला, सौभाग्य, किसान ऋण माफी, किसान सम्मान निधि आदि ने उनकी विजय की राह आसान की। सामाजिक चिंतकों के अनुसार जिले में इन योजनाओं के लाखों लाभार्थी हैं। जिनके मन में लाभ पाकर केंद्र सरकार के लिए जगह बनी।
जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक किसान ऋण माफी योजना के तहत जिले में 1.80 लाख किसानों को लाभ दिया गया। इसी तरह 1.41 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि के तहत उनके खातों में पैसा दिया गया। सुकन्या योजना के तहत 36362 पात्र कन्याओं के खाते खुलवाए गए।
कृषि यंत्र वितरण योजना के तहत 521 किसानों को लाभ दिया गया। उज्जवला योजना के तहत 50 गैस कनेक्शन बांटे गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 8 हजार लोगों को आवास दिए गए। स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिले में ढाई लाख शौचालय वितरित किए गए। इसके अलावा अन्य तमाम योजनाएं शामिल हैं।
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दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण (प्रथम) धर्मेंद्र सारस्वत कहते हैं कि सौभाग्य योजना के तहत जिले में 1.13 लाख घरों को बिजली का नि:शुल्क कनेक्शन दिया गया। पं. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत जिले में 1630 मजरों का विद्युतीकरण किया गया है। इसके साथ ही एक हजार से ज्यादा की आबादी वाले गांवों और मजरों में जर्जर तारों की जगह अब एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) का प्रयोग किया गया है।
वरिष्ठ समाजशात्री डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा कहते हैं कि गांवों को फोकस करके सरकार द्वारा किए गए इन कामों का बेहद प्रभाव पड़ा। जिसका असर इन मत परिणामों पर भी देखने को मिल रहा है। जिले में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 3500 मरीजों को लाभ मिला है।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र मलखान सिंह जिला अस्पताल और दीन दयाल संयुक्त अस्पताल में खोले गए। इनमें जीवन रक्षक दवाओं के दामों में 10 गुना तक कम कीमत में दवा उपलब्ध है। इससे ग्रामीण के साथ ही शहरी इलाके के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सीधा लाभ पहुंचा।
प्रदेश स्तर पर बात करें तो एडवांस एंबुलेंस विहीन चल रहे जिले के स्वास्थ्य महकमे को दो एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) उपलब्ध कराई गई। टीकाकरण का दायरा बढ़ाया कर उसे मिशन इंद्रधनुष के के तहत उसमें सात गंभीर बीमारियों से बचाव के टीके शामिल किए गए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाली आर्थिक सहायता दो हजार से बढ़ाकर 5 हजार की गई। इन सभी योजनाओं से सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश गया।
वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा घेरा दिया
निजी और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोगों की वृद्धावस्था में नियमित आय को ध्यान में रखते हुए अटल पेंशन योजना शुरू की गई। 9 मई 2015 को शुरू हुई इस योजना में 60 वर्ष की आयु तक एक साधारण धनराशि जमा करके एक हजार से पांच हजार रुपये तक की मासिक आय हासिल हो सकती है।
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लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम की बंपर जीत में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत लोगों का मिला लाभ भी सहायक रहा। शासन की योजनाएं जैसे उज्जवला, सौभाग्य, किसान ऋण माफी, किसान सम्मान निधि आदि ने उनकी विजय की राह आसान की। सामाजिक चिंतकों के अनुसार जिले में इन योजनाओं के लाखों लाभार्थी हैं। जिनके मन में लाभ पाकर केंद्र सरकार के लिए जगह बनी।
जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक किसान ऋण माफी योजना के तहत जिले में 1.80 लाख किसानों को लाभ दिया गया। इसी तरह 1.41 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि के तहत उनके खातों में पैसा दिया गया। सुकन्या योजना के तहत 36362 पात्र कन्याओं के खाते खुलवाए गए।
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कृषि यंत्र वितरण योजना के तहत 521 किसानों को लाभ दिया गया। उज्जवला योजना के तहत 50 गैस कनेक्शन बांटे गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 8 हजार लोगों को आवास दिए गए। स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिले में ढाई लाख शौचालय वितरित किए गए। इसके अलावा अन्य तमाम योजनाएं शामिल हैं।
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दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण (प्रथम) धर्मेंद्र सारस्वत कहते हैं कि सौभाग्य योजना के तहत जिले में 1.13 लाख घरों को बिजली का नि:शुल्क कनेक्शन दिया गया। पं. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत जिले में 1630 मजरों का विद्युतीकरण किया गया है। इसके साथ ही एक हजार से ज्यादा की आबादी वाले गांवों और मजरों में जर्जर तारों की जगह अब एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) का प्रयोग किया गया है।
वरिष्ठ समाजशात्री डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा कहते हैं कि गांवों को फोकस करके सरकार द्वारा किए गए इन कामों का बेहद प्रभाव पड़ा। जिसका असर इन मत परिणामों पर भी देखने को मिल रहा है। जिले में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 3500 मरीजों को लाभ मिला है।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र मलखान सिंह जिला अस्पताल और दीन दयाल संयुक्त अस्पताल में खोले गए। इनमें जीवन रक्षक दवाओं के दामों में 10 गुना तक कम कीमत में दवा उपलब्ध है। इससे ग्रामीण के साथ ही शहरी इलाके के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सीधा लाभ पहुंचा।
प्रदेश स्तर पर बात करें तो एडवांस एंबुलेंस विहीन चल रहे जिले के स्वास्थ्य महकमे को दो एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) उपलब्ध कराई गई। टीकाकरण का दायरा बढ़ाया कर उसे मिशन इंद्रधनुष के के तहत उसमें सात गंभीर बीमारियों से बचाव के टीके शामिल किए गए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाली आर्थिक सहायता दो हजार से बढ़ाकर 5 हजार की गई। इन सभी योजनाओं से सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश गया।
वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा घेरा दिया
निजी और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोगों की वृद्धावस्था में नियमित आय को ध्यान में रखते हुए अटल पेंशन योजना शुरू की गई। 9 मई 2015 को शुरू हुई इस योजना में 60 वर्ष की आयु तक एक साधारण धनराशि जमा करके एक हजार से पांच हजार रुपये तक की मासिक आय हासिल हो सकती है।