Bangladesh Violence: बांग्लादेश में फंसे अलीगढ़ के उद्यमियों के 15 करोड़, यह पड़ेगा प्रभाव
अलीगढ़ से निर्यात करने वाले करीब दो दर्जन कारोबारियों का 15 करोड़ रुपया बांग्लादेश में फंस गया। अब यह रकम कब और कितने समय बाद मिलेगी। कारोबार कब सुचारू हो पाएगा। इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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बांग्लादेश में तख्ता पलट पर दुनिया भर की निगाह हैं। इसी क्रम में दुनिया भर में पहचान रखने वाले अपने शहर के कारोबारी भी वहां के घटनाक्रम से चिंतित हैं। इसकी सीधी वजह है कि इस घटनाक्रम के चलते अलीगढ़ से निर्यात करने वाले करीब दो दर्जन कारोबारियों का 15 करोड़ रुपया बांग्लादेश में फंस गया। अब यह रकम कब और कितने समय बाद मिलेगी। कारोबार कब सुचारू हो पाएगा। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। फिलहाल स्थानीय कारोबारी चिंतित होकर चुप बैठने के सिवाय कुछ नहीं कर पा रहा है।
ये है अलीगढ़ से बंगला देश तक कारोबारी तस्वीर
अपने शहर में बनने वाले विभिन्न प्रकार का ताला, पैड लॉक, साइकिल लॉक, हार्डवेयर उत्पाद का निर्यात बंगला देश होता है। जिसमें बमुश्किल ताला-हार्डवेयर के दो दर्जन कारोबारी ऐसे हैं जो सीधे निर्यात करते हैं। इनके सालाना निर्यात का अनुमान 25 करोड़ के आसपास है। इसके अलावा सर्वाधिक निर्यात कलकत्ता व लुधियाना के जरिये होता है। जिसकी रकम सौ करोड़ रुपये सालाना के आसपास है। लुधियाना के जरिये साइकिल लॉक जाता है। वहीं कलकत्ता के जरिये पैड लॉक व हार्डवेयर जाता है। कलकत्ता व लुधियाना के जरिये साइकिल लॉक जाता है। इसके पीछे की मूल वजह है कि साइकिल सर्वाधिक लुधियाना में बनती है और साइकिल से जुड़ा उत्पाद देशभर से एकत्रित कर भेजा जाता है। वहीं कलकत्ता द्वारा साइकिल के सभी उत्पादों को अपने जरिये से बंगला देश भेजा जाता है।
बांग्लादेश में पनपे हालात के बाद व्यापार ठप होना दूसरा विषय है। मगर सबसे बड़ा विषय है, वहां रुका हुआ भुगतान न आ पाना। हमारे शहर से बड़ी संख्या में लोग व्यापार करते हैं। उनके भुगतान रुके हुए हैं। अब कब मिलेंगे, ये कहना मुश्किल है।-कोमल कटारा, आर्टवेयर निर्यातक
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अपने शहर से सालाना बीस से पच्चीस करोड़ का माल सीधे बांग्लादेश जाता है। यह माल अस्सी फीसदी उधार पर जाता है। अब इन हालात में कैसे रकम मिलेगी, ये कहना बेहद मुश्किल है। फायदे में वही लोग हैं, जो कलकत्ता के जरिये माल भेजते हैं।-ललित कुमार विदेशी ट्रांसपोर्टर
इस घटना से सीधे भेजने वाले प्रभावित
इस घटना के बाद बांग्लादेश को सीधे माल भेजने वाले ज्यादा प्रभावित हैं। अपने शहर से जो भी माल सीधे जाता है, उसमें बीस फीसदी रकम एडवांस में आती है। बाकी रकम माल पहुंचने पर भेजी जाती है। पिछले एक माह से चल रहे घटनाक्रम के चलते अपने शहर के कारोबारियों की बारह करोड़ रुपये की रकम फंसी हुई है। जिसके माहौल सामान्य होने पर ही मिलने की उम्मीद है।