योगी जी

Aligarh Bureau Updated Sun, 04 Jun 2017 07:15 PM IST
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योगी जी यहां की तालीम सुधार जाइए
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

योगी जी तालीम की नगरी में आपका स्वागत है। जिस तालीम के लिए अलीगढ़ को जाना जाता है। वहां की तालीम पिछले काफी समय से बिगड़ी हुई है। आगरा यूनिवर्सिटी की लचर व्यवस्था का दंश झेल रहे यहां के विद्यार्थियों को यह आशा है कि सीएम अलीगढ़ में राज्य विवि की घोषणा करके जाएंगे। इसकी वजह यह भी मानी जा रही है कि शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह यहीं के हैं और वह सीएम के साथ पूरे कार्यक्रम में रहेंगे। वहीं माध्यमिक व बेसिक शिक्षा में भी सुविधाओं का टोटा है। ऐसे में सीएम से यह उम्मीद की जा रही है कि उनका अलीगढ़ का दौरा यहां की शिक्षा व्यवस्था की दशा सुधारेगा।

यहां लंबे समय से राज्य विवि की स्थापना की मांग की जा रही है, लेकिन मंडल बनने के दस साल के बाद भी अभी तक यहां राज्य विश्वविद्यालय स्थापित नहीं हुआ है। हर बार यहां के जनप्रतिनिधि लोगों के बीच जाकर यह वादा करते हैं कि राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के मुद्दे को वह प्रमुखता से उठाएंगे। पिछली सपा सरकार के समय भी कई बार राज्य विवि की स्थापना की मांग जोर-शोर से उठाई गई। कई बार जोरदार प्रदर्शन भी हुए और छात्र सड़क पर भी आए, लेकिन यह मांग पिछली सरकार ने पूरी नहीं की।

अभी तक यहां के कॉलेजों में आगरा विवि की लचर व्यवस्थाएं चल रही हैं और इसका खामियाजा यहां के विद्यार्थी भुगत रहे हैं। कभी उनका रिजल्ट देरी से आता है तो कभी प्रवेश पत्र के लिए उन्हें यूनिवर्सिटी के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस बार जब विस चुनाव लड़ा गया तो भाजपा के स्थानीय नेताओं ने वादा किया कि राज्य यूनिवर्सिटी अलीगढ़ में बनवाई जाएगी। अब भाजपा की सरकार प्रदेश में है और जिले के सभी विधायक भाजपा के हैं तो ऐसे में विद्यार्थियों से लेकर शिक्षकों तक को उम्मीद है कि राज्य यूनिवर्सिटी की घोषणा सीएम योगी यहां करके जाएंगे।

इसी तरह माध्यमिक विद्यालयों में भी इस जिले में काफी योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। यहां के पांच मॉडल स्कूल करोड़ों रुपये खर्च करके बनाए गए, लेकिन चार साल बाद भी छलेसर को छोड़कर संचालन किसी का नहीं हुआ है। इसी तरह पिछले दो साल में यहां केवल एक जूनियर हाईस्कूल उच्चीकृत हुआ। यहां के 18 जूनियर हाईस्कूलों को उच्चीकृत कर हाईस्कूल बनाने का प्रस्ताव शासन के पास भेजा जा चुका है, लेकिन अभी यह फाइलों में दबा हुआ है।

अधिकारियों की ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई के बाद भी यूपी बोर्ड की परीक्षा में इस बार भी इस जिले कोे नकल से मुक्ति नहीं मिली। इसी तरह यहां के राजकीय व वित्त पोषित विद्यालयों में स्टाफ और संसाधनों का टोटा है। विडंबना यह है कि पचास लाख रुपये का जिस क्लीन स्कूल-ग्रीन स्कूल नौरंगीलाल जीआईसी को शासन ने 50 लाख का बजट आवंटित किया। उस राजकीय इंटर कॉलेज को क्लीन रखने के लिए एक स्वीपर तक नहीं है। अन्य विद्यालयों में भी सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि योेगी जी इन विद्यालयों व माध्यमिक शिक्षा की दशा भी सुधारेंगे।

बात यदि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की करें तो स्थिति और गंभीर है। शहर में ही 16 विद्यालय जर्जर किराए के भवनों में चल रहे हैं और बच्चे नौते के साये में पढ़ रहे हैं। कुछ विद्यालयों में तो बिजली, पानी और शौचालय तक की सुविधा नहीं है। देहात में भी काफी विद्यालयोें में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। काफी विद्यालयोें में बाउंड्रीबॉल तक नहीं है। जिले में 24 ऐसे स्थल चयनित हैं। जहां विद्यालय तो बनने हैं, लेकिन एक दशक से इनके लिए जगह नहीं मिल रही।

यहां अध्यापकों की भी काफी कमी है और कुछ विद्यालय एक-एक अध्यापक के सहारे ही चल रहे हैं। शासन का आदेश हैं कि प्राइवेट विद्यालयों में दुर्बल आय वर्ग के 25 फीसदी बच्चे दाखिला लेेंगे, लेकिन यहां प्राइवेट स्कूल संचालक इस नियम का पालन नहीं कर रहे। शासन की अन्य योजनाओं का भी यहां पालन नहीं हो रहा। ऐसे में सीएम योगी का दौरा इस जिले की शिक्षा व्यवस्था को कितना सुधारेगा। सबकी टकटकी इस पर रहेगी।

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