{"_id":"59340e1d4f1c1b971a8b4571","slug":"149658372115-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धीरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धीरा
Updated Sun, 04 Jun 2017 07:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
शरद की हत्या और प्लाट की रंजिश में धीरा को मारा
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
थाना सिविल लाइन क्षेत्र में 20 मई की रात प्रापर्टी डीलर धीरेंद्र उर्फ धीरा की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। एक अभियुक्त को मंसूरी से गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य को उसकी निशानदेही पर गिरफ्तार किया गया। हत्या की पृष्ठ भूमि में पुष्पांजलि कॉलोनी में एक प्लाट और बाइकर्स गैंग के शरद गोस्वामी की हत्या का बदला वजह निकल कर आयी है। इस मामले में एक अभियुक्त छोटू राइडर पहले ही अदालत में समर्पण कर चुका है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों पर दर्जनों संगीन मामले पहले से ही दर्ज हैं।
रविवार को पुलिस लाइन के मनोरंजन कक्ष में एक प्रेस वार्ता में एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि 20 मई की रात करीब 10:30 बजे थाना सिविल लाइन के मैरिस रोड चौराहे पर गुप्ता होटल के सामने धीरेंद्र उर्फ धीरा पुत्र भूप सिंह निवासी महुआ खेड़ा क्वार्सी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में धीरा के भाई नरेश सिंह ने थाना सिविल लाइन में छोटू राइडर, अजय राज, सिद्धार्थ शुक्ला, अरुण और दो अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी। इस सनसनीखेज घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस की दो टीमों का गठन किया गया था।
गौरतलब है कि अभियुक्त अंकित उर्फ छोटू राइडर ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था और दूसरे अभियुक्त शानू उर्फ शहनवाज पुत्र शाह आलम निवासी फफाला मार्केट, थाना देहलीगेट को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। घटना का खुलासा और अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली टीम को एसएसपी ने नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
यह किए गए हैं गिरफ्तार
1-अजयराज चौधरी पुत्र गिर्राज निवासी गांव भवीगढ़ थाना बरला
2-दीपक गुप्ता उर्फ लोकटी पुत्र वीरेंद्र गुप्ता निवासी गली नंबर 1, रामबाग थाना क्वार्सी
3- शिवम पुत्र श्याम निवासी सीशिया पाड़ा थाना गांधीपार्क
यह हुआ है बरामद
- तीनों अभियुक्तों से 3 तमंचे, 315 बोर व 7 कारतूस जिंदा, एक इटियोस क्रोसा कार
धीरा की स्कॉर्पियो के फेमस नंबर से मिली लोकेशन
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने बताया कि अंकित गोस्वामी उर्फ छोटू राइडर के भाई शरद गोस्वामी उर्फ शरद राइडर की हत्या पिछले वर्ष कर दी गई थी। जिसमें सजल चौधरी आदि जेल गए थे। इस घटना में अंकित उर्फ छोटू राइडर को शक था कि धीरेंद्र उर्फ धीरा भी शरद गोस्वामी की हत्या में शामिल था। (हत्या के बाद अमर उजाला ने इस ओर इशारा भी किया था) इसके अलावा धीरा से पुष्पांजलि मंदिर के पास एक प्लाट को लेकर भी रंजिश चल चली आ रही थी। इसको लेकर छोटू राइटर धीरा ठाकुर से रंजिश मानता था।
शरद की हत्या और प्लाट की रंजिश का बदला लेने के लिए अंकित उर्फ छोटू राइडर ने धीरा की हत्या करने की योजना बनायी। धीरा की स्कॉर्पियो गाड़ी का नंबर 3444 भी इन सभी को पता था। इसी षड्यंत्र के तहत पहले सभी लोग बेगम बाग पहुंचे। वहां पर दहशत पैदा करने के लिए 20-25 राउंड फायर किए। इन सभी को मालूम था कि धीरा शाम को खाने पीने के लिए मैरिस रोड आता है।
इसीलिए इन सभी ने मैरिस रोड का रुख किया। थोड़ी देर बाद मैरिस रोड चौराहे पर पान की दुकान के सामने खड़े हो गये। यहां पर पर धीरा ठाकुर पहले से ही अपनी स्कार्पियो में गुप्ता होटल के सामने बैठा था। तभी दीपक गुप्ता (लोकटी) की नजर धीरा ठाकुर की स्कार्पियो 3444 पर पड़ी। इसके बाद छोटू राइडर ने स्कार्पियो का दरवाजा खोलकर धीरा ठाकुर से नोकझोंक शुरू कर दी। पहली गोली दीपक गुप्ता ने धीरा ठाकुर के पैर में मार दी। इसके बाद सभी ने तमंचों से फायर कर धीरा की हत्या कर दी। हत्या के बाद सभी मोटरसाइकिल और एक्टिवा पर बैठकर शिवम के घर शीशियापाड़ा पहुंचे। यहां से अलग-अलग होकर भाग गए।
हत्या के बाद मंसूरी में मना जश्न
अलीगढ़। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने बताया कि धीरेंद्र उर्फ धीरा ठाकुर की हत्या के बाद हम सभी लोग मौज मस्ती करने के लिए इटियोस कार से शिमला व मंसूरी गए थे। वहां पर कई दिन तक रुक कर खूब मौज मस्ती की। इसके बाद वहां से वापस लौटे।
अजयराज और इसके साथियों द्वारा पहले की गई वारदातें
- बेगम बाग में दहशत फैलाने के मकसद से फायरिंग
- विष्णुपुरी में फायरिंग
- मिल्कबार मैरिस रोड पर फायरिंग, तोड़फोड़
- रामघाट रोड पर फायरिंग
- 25 जुलाई 2017 को आलोक अग्रवाल पर हमला, लूट की कोशिश
- स्वर्ण जयंती नगर में देवेंद्र कुमार के साथ लाइसेंसी पिस्टल लूट
- सुरेंद्र नगर में पुलिस टीम पर फायर
- रमेश बिहार में सब इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह पर फायर
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
थाना सिविल लाइन क्षेत्र में 20 मई की रात प्रापर्टी डीलर धीरेंद्र उर्फ धीरा की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। एक अभियुक्त को मंसूरी से गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य को उसकी निशानदेही पर गिरफ्तार किया गया। हत्या की पृष्ठ भूमि में पुष्पांजलि कॉलोनी में एक प्लाट और बाइकर्स गैंग के शरद गोस्वामी की हत्या का बदला वजह निकल कर आयी है। इस मामले में एक अभियुक्त छोटू राइडर पहले ही अदालत में समर्पण कर चुका है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों पर दर्जनों संगीन मामले पहले से ही दर्ज हैं।
रविवार को पुलिस लाइन के मनोरंजन कक्ष में एक प्रेस वार्ता में एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि 20 मई की रात करीब 10:30 बजे थाना सिविल लाइन के मैरिस रोड चौराहे पर गुप्ता होटल के सामने धीरेंद्र उर्फ धीरा पुत्र भूप सिंह निवासी महुआ खेड़ा क्वार्सी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में धीरा के भाई नरेश सिंह ने थाना सिविल लाइन में छोटू राइडर, अजय राज, सिद्धार्थ शुक्ला, अरुण और दो अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी। इस सनसनीखेज घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस की दो टीमों का गठन किया गया था।
विज्ञापन
गौरतलब है कि अभियुक्त अंकित उर्फ छोटू राइडर ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था और दूसरे अभियुक्त शानू उर्फ शहनवाज पुत्र शाह आलम निवासी फफाला मार्केट, थाना देहलीगेट को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। घटना का खुलासा और अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली टीम को एसएसपी ने नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
यह किए गए हैं गिरफ्तार
1-अजयराज चौधरी पुत्र गिर्राज निवासी गांव भवीगढ़ थाना बरला
2-दीपक गुप्ता उर्फ लोकटी पुत्र वीरेंद्र गुप्ता निवासी गली नंबर 1, रामबाग थाना क्वार्सी
3- शिवम पुत्र श्याम निवासी सीशिया पाड़ा थाना गांधीपार्क
यह हुआ है बरामद
- तीनों अभियुक्तों से 3 तमंचे, 315 बोर व 7 कारतूस जिंदा, एक इटियोस क्रोसा कार
धीरा की स्कॉर्पियो के फेमस नंबर से मिली लोकेशन
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने बताया कि अंकित गोस्वामी उर्फ छोटू राइडर के भाई शरद गोस्वामी उर्फ शरद राइडर की हत्या पिछले वर्ष कर दी गई थी। जिसमें सजल चौधरी आदि जेल गए थे। इस घटना में अंकित उर्फ छोटू राइडर को शक था कि धीरेंद्र उर्फ धीरा भी शरद गोस्वामी की हत्या में शामिल था। (हत्या के बाद अमर उजाला ने इस ओर इशारा भी किया था) इसके अलावा धीरा से पुष्पांजलि मंदिर के पास एक प्लाट को लेकर भी रंजिश चल चली आ रही थी। इसको लेकर छोटू राइटर धीरा ठाकुर से रंजिश मानता था।
शरद की हत्या और प्लाट की रंजिश का बदला लेने के लिए अंकित उर्फ छोटू राइडर ने धीरा की हत्या करने की योजना बनायी। धीरा की स्कॉर्पियो गाड़ी का नंबर 3444 भी इन सभी को पता था। इसी षड्यंत्र के तहत पहले सभी लोग बेगम बाग पहुंचे। वहां पर दहशत पैदा करने के लिए 20-25 राउंड फायर किए। इन सभी को मालूम था कि धीरा शाम को खाने पीने के लिए मैरिस रोड आता है।
इसीलिए इन सभी ने मैरिस रोड का रुख किया। थोड़ी देर बाद मैरिस रोड चौराहे पर पान की दुकान के सामने खड़े हो गये। यहां पर पर धीरा ठाकुर पहले से ही अपनी स्कार्पियो में गुप्ता होटल के सामने बैठा था। तभी दीपक गुप्ता (लोकटी) की नजर धीरा ठाकुर की स्कार्पियो 3444 पर पड़ी। इसके बाद छोटू राइडर ने स्कार्पियो का दरवाजा खोलकर धीरा ठाकुर से नोकझोंक शुरू कर दी। पहली गोली दीपक गुप्ता ने धीरा ठाकुर के पैर में मार दी। इसके बाद सभी ने तमंचों से फायर कर धीरा की हत्या कर दी। हत्या के बाद सभी मोटरसाइकिल और एक्टिवा पर बैठकर शिवम के घर शीशियापाड़ा पहुंचे। यहां से अलग-अलग होकर भाग गए।
हत्या के बाद मंसूरी में मना जश्न
अलीगढ़। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने बताया कि धीरेंद्र उर्फ धीरा ठाकुर की हत्या के बाद हम सभी लोग मौज मस्ती करने के लिए इटियोस कार से शिमला व मंसूरी गए थे। वहां पर कई दिन तक रुक कर खूब मौज मस्ती की। इसके बाद वहां से वापस लौटे।
अजयराज और इसके साथियों द्वारा पहले की गई वारदातें
- बेगम बाग में दहशत फैलाने के मकसद से फायरिंग
- विष्णुपुरी में फायरिंग
- मिल्कबार मैरिस रोड पर फायरिंग, तोड़फोड़
- रामघाट रोड पर फायरिंग
- 25 जुलाई 2017 को आलोक अग्रवाल पर हमला, लूट की कोशिश
- स्वर्ण जयंती नगर में देवेंद्र कुमार के साथ लाइसेंसी पिस्टल लूट
- सुरेंद्र नगर में पुलिस टीम पर फायर
- रमेश बिहार में सब इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह पर फायर