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टूटते परिवारों को जोड़ता है मीडिएशन : सचिव

Sun, 09 Dec 2018 01:55 AM IST
Updated Sun, 09 Dec 2018 01:55 AM IST
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टूटते परिवारों को जोड़ता है मीडिएशन : सचिव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़।
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जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नवीन श्रीवास्तव के निर्देशन में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। शुभारंभ के अवसर पर जिला जज नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि न्यायपालिका के बोझ को लोक अदालत के माध्यम से कम करने के लिए हम सभी प्रयासरत हैं।

न्यायालय में मामलों के निस्तारण की एक जटिल प्रक्रिया है। जबकि लोक अदालत आसान और त्वरित न्याय का माध्यम है। प्राधिकरण सचिव त्रिभुवन नाथ पासवान ने कहा कि विगत वर्षों से आये आंकड़े कहते हैं कि प्राधिकरण ने निर्धन को न्याय देने का जो सपना देखा था। वह पूरा हो रहा है। विभिन्न प्रकार के कुल 4853 मामलों में से 2796 मामलों का निस्तारण करके कुल 36143030 की धनराशि को सेटलमेंट के रूप में प्राप्त किया गया।
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प्रीलिटिगेशन स्तर के विभिन्न प्रकार के 57209 मामलों में 23773 मामलों का निस्तारण सुलह समझौते के माध्यम से किया गया। इनसे 5135712 रुपये वसूल किये। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-3 रीतू नागर ने सबसे अधिक 534 मामलों का निस्तारण किया। जबकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार वर्मा ने 504 मामलों का निस्तारण किया।
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नेशनल इंश्योरेंस ने मोटर दुर्घटना के 16 मामलों का निस्तारण किया। इस मौके पर विनय कुमार आर्य, सोहन लाल, उपेंद्र मिश्रा, अधिवक्ता संदीप जैन, सचिन कुमार, मनोज कुमार, चरन सिंह, ऋषी कुमार, बृजेश कुमार, ऋषभ वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।

पांच जोड़े साथ भेजे, एक हुआ अलग
अलीगढ़। लोक अदालत में प्राधिकरण सचिव त्रिभुवन नाथ पासवान के मार्गदर्शन में मीडिएशन सैल के विद्वान अधिवक्ताओं ने पांच परिवारों को टूटने से बचाया। जबकि एक जोड़े ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया।

केस संख्या-01
बुलंदशहर निवासी चांदनी का विवाह थाना पिसावा के मनोज से हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के आपसी संबंधों में दरार पड़नी शुरू हो गयी। 2018 सितंबर में पिसावा थाने में धारा 498-ए, 323, 506 एवं दहेज प्रतिषेद अधिनियम की धारा 3 व 4 में मुकद्दमा पंजीकृत हुआ। अक्टूबर में सुलह समझौते के लिए मामला प्राधिकरण के मीडिएशन सेंटर पहुंचा। विद्वान मध्यस्थ न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्य कुमार वर्मा ने दोनों पक्षों से चार बार वार्ता की। शनिवार को उक्त दंपति को प्राधिकरण सचिव ने आशीर्वाद देकर विदा किया।

केस संख्या-02
फरजाना निवासी थाना मडराक की शादी सिविल लाइंस आसिफ नगर के मो. आदिल से हुई। शादी के कुछ समय बाद ही संबंधों में दरार पड़ने पर जुलाई 2018 में मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-02 में पहुंचा। अक्टूबर में मामले को मीडिएशन सेंटर भेजा गया। विद्वान अधिवक्ता योगेंद्र सिंह उपाध्याय ने दोनों पक्षों से पांच बार वार्ता करने के बाद शनिवार को दंपति खुशी-खुशी घर चले गए।

केस संख्या-03
ख्वाजा चौक निवासी शबाना का निकाह भुजपुरा निवासी नफीस से हुआ था। संबंधों में दरार पड़ने के बाद शबाना ने इधर-उधर बहुत भागदौड़ की। जब किसी ने नहीं सुनी तो उसने मामले को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम के यहां मामला पंजीकृत कराया। नवंबर में मामले को मीडिएशन सेंटर भेजा गया। विद्वान अधिवक्ता सुमनलता ने दोनों पक्षों से पांच बार वार्ता की। मामला सुलझ गया।

केस संख्या - 04 व 05
उजमा व तस्लीम एवं गीता देवी व बंटी की आपसी दरार को खत्म करते हुए विद्वान अधिवक्ता एनके सक्सेना व सुमनलता ने दंपतियों को आशीर्वाद देकर विदा किया।

ये हुए अलग
सराय रहमान निवासी शबनम परवीन व नई दिल्ली के मुस्तबाद गोकुलपुरी निवासी रिजवान अली ने आपसी सहमति से एक दूसरे से अलग होने का निर्णय लिया। इनका मामला मार्च 2018 में न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-02 में पंजीकृत हुआ। सितंबर में मामला मीडिएशन सेंटर पहुंचा, अधिवक्ता शबनम फातिमा की दोनों पक्षों से नौ बार वार्ता हुई। वार्ता सफल रही और 06 लाख रुपये में दोनों पक्षों ने अलग-अलग रहने की सहमति व्यक्त की।


248 शिकायतें पंजीकृत, चार लाख वसूले
नगर निगम में शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें 248 शिकायतें पंजीकृत हुई। इसके साथ ही 4 लाख रुपये की वसूली भी हुई।
न्यायालय एवं उत्तर प्रदेश सरकार की गाइड लाइन के आधार पर प्रीमिटीगेशन के तहत सभागार में पहली बार नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने लोक अदालत का आयोजन किया। .लोक अदालत में 248 शिकायतें पंजीकृत हुयी जिनको निस्तारित कराये जाने के लिए मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को निर्देश दिये। गृहकर के वर्षों पुराने मामले निस्तारित हुए। नगर आयुक्त ने कहा कि प्रथम लोक अदालत लगाये जाने पर इसके अच्छे परिणाम आये हैं आगे नगर निगम और ज्यादा लोक अदालतें आयोजित कराने की तैयारी कर रहा है ताकि अधिक से अधिक शहरवासी एक ही दिन में अपनी समस्याओं को बिना किसी वकील के माध्यम से निस्तारित करा सकें। लोक अदालत में कर निर्धारण अधिकारी आरपी सिंह, कर अधीक्षक, मीडिया प्रभारी सभापति यादव, कर अधीक्षक अजीत कुमार राय, कर अधीक्षक राजेंद्र सिंह यादव, राजस्व निरीक्षक, आलोक वर्मा, दीपक श्रीवास्तव, प्रवीन सिंह, अंशुल राघव, देश दीपक, अहसन रब, मानवेन्द्र सिंह बघेल, चक्रवर्ती दत्त शर्मा, हरीमोहन शर्मा, सहित सभी वार्डों के कर निरीक्षक लिपिक व कर संचायक मौजूद थे।



ग्रामीण बैंक की 73 शाखाओं के आए मामले
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त के क्षेत्रीय कार्यालय में शनिवार को लोक अदालत का आयोजन हुआ। शुभारंभ डीएवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. विपिन कुमार गुप्ता व मुख्य प्रबंधक जीएमओ अलीगढ़ से भागीरथ शर्मा, केयू खान ने किया। इस दौरान ग्रामीण बैंक की 73 शाखाओं व उनसे जुड़े काश्तकारों व ऋणियों ने अत्यंत उत्साह से भाग लिया। इस दौरान 544 खातों के अंतर्गत 4927774 नकद बसूली की गई। इस मौके पर आरपी सिंह, बीके गोयल, ओफी गुप्ता, पीके जैन, आलोक याज्ञनिक, हिमांशु शर्मा, दीपक वार्ष्णेय, आलोक मित्तल, संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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