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अब आया कानून, नहीं होगा पानी का खून
Updated Thu, 23 Aug 2018 01:24 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रदेश में जल्द पानी के उपयोग को कानून के दायरे में लाने सरकार की पहल की पर्यावरणविदें ने सराहना की है। नगर निगम की सीमा क्षेत्र में भूजल का अंधाधुंध दोहन हो रहा है। इस कानून के बाद इस पर सख्ती से रोक लग सकेगी।
4 साल पूर्व बनाया गया उत्तर प्रदेश जल प्रबंधन एवं नियमित आयोग अधिनियम 2014 के लागू होने का रास्ता अब साफ हो गया है। शहर में कुछ लोगों ने नगर निगम की सड़कों पर ही सबमर्सिबल गाढ़ दिए हैं। कुछ वाहन धुलाई वाले भी पानी का अंधाधुंध दोहन करते हैं।
कुछ ने तो सड़कों की पटरी पर ही वाहन धुलाई की दुकान चला रखी है। यह लोग नगर निगम को बिना कुछ राजस्व दिए पानी का उपयोग करते हैं। नगर निगम के कर अधीक्षक सभापति यादव ने बताया कि अब प्रदेश सरकार इसको कानून के दायरे में ला रही है।
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रिटायर आईएएस अधिकारी सुशील कुमार को अध्यक्ष पद की कमान सौंपने की तैयारी है। इसके बाद एक्ट को लागू करने की कवायद शुरू हो जाएगी। एक्ट लागू होने के बाद कृषि, सिंचाई, औद्योगिक, पेयजल, विद्युत निर्माण कार्य सहित हर क्षेत्र में प्रयोग करने वाले सतही व भूजल की कीमत चुकाने के साथ लाइसेंस लेना अनिवार्य हो जाएगा।
पानी के उपयोग के साथ ही भूजल भी शुद्ध हो
पानी पर कानून के साथ ही इसके शुद्धि करण और भूजल स्तर को बढ़ाने की भी पर्यावरण सुरक्षा समिति हरीतिमा ने मांग की है। संस्था के अध्यक्ष सुबोध नंदन शर्मा ने कहा है कि जल्द ही मैगसेसे पुरस्कार विजेता राजेंद्र सिंह को अलीगढ़ बुलाकर इस मुहिम को शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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प्रदेश में जल्द पानी के उपयोग को कानून के दायरे में लाने सरकार की पहल की पर्यावरणविदें ने सराहना की है। नगर निगम की सीमा क्षेत्र में भूजल का अंधाधुंध दोहन हो रहा है। इस कानून के बाद इस पर सख्ती से रोक लग सकेगी।
4 साल पूर्व बनाया गया उत्तर प्रदेश जल प्रबंधन एवं नियमित आयोग अधिनियम 2014 के लागू होने का रास्ता अब साफ हो गया है। शहर में कुछ लोगों ने नगर निगम की सड़कों पर ही सबमर्सिबल गाढ़ दिए हैं। कुछ वाहन धुलाई वाले भी पानी का अंधाधुंध दोहन करते हैं।
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कुछ ने तो सड़कों की पटरी पर ही वाहन धुलाई की दुकान चला रखी है। यह लोग नगर निगम को बिना कुछ राजस्व दिए पानी का उपयोग करते हैं। नगर निगम के कर अधीक्षक सभापति यादव ने बताया कि अब प्रदेश सरकार इसको कानून के दायरे में ला रही है।
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रिटायर आईएएस अधिकारी सुशील कुमार को अध्यक्ष पद की कमान सौंपने की तैयारी है। इसके बाद एक्ट को लागू करने की कवायद शुरू हो जाएगी। एक्ट लागू होने के बाद कृषि, सिंचाई, औद्योगिक, पेयजल, विद्युत निर्माण कार्य सहित हर क्षेत्र में प्रयोग करने वाले सतही व भूजल की कीमत चुकाने के साथ लाइसेंस लेना अनिवार्य हो जाएगा।
पानी के उपयोग के साथ ही भूजल भी शुद्ध हो
पानी पर कानून के साथ ही इसके शुद्धि करण और भूजल स्तर को बढ़ाने की भी पर्यावरण सुरक्षा समिति हरीतिमा ने मांग की है। संस्था के अध्यक्ष सुबोध नंदन शर्मा ने कहा है कि जल्द ही मैगसेसे पुरस्कार विजेता राजेंद्र सिंह को अलीगढ़ बुलाकर इस मुहिम को शुरू करने की तैयारी की जा रही है।