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सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री के आदेश हवा में उड़ाए
Updated Sun, 10 Jun 2018 02:00 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पिछले दिनों अलीगढ़ आए सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री धर्मपाल ने समूचे उत्तर प्रदेश में जल संकट पर चर्चा करते हुए कहा था कि यूपी में पानी की कमी नहीं है। जल का जो अभाव है वह जल प्रबंधन ठीक न होने के कारण है।
इसके लिए उन्होंने सिंचाई विभाग को जिले वार जल पंचायतों के गठन के आदेश दिए थे। इसके लिए उन्होंने कुलाबा के हिसाब से मई माह के अंत तक चुनाव कराकर पंचायतों के गठन को कहा था, लेकिन जनपद में सिंचाई विभागीय अफसरों ने उनके आदेशों को हवा में उड़ा दिया।
लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरा मई माह बीत चुका है और जून का पहला सप्ताह भी खत्म हो चुका है। बावजूद इसके चुनाव कराना तो दूर विभागीय अफसर कुलाबा वार मतदाता सूची तक तैयार नहीं कर सके हैं।
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अब तक मात्र 20 फीसदी मतदाताओं की सूची ही बन सकी है। बरसात निकट है और अब तक समितियां का गठन न होने से बरसात का पानी बेवजह बह जाने के आसार हैं। ऐसे में जल प्रबंधन की कोशिशें मिथ्या के सिवाय कुछ नजर नहीं आ रही हैं।
बननी थी तीन समितियां
जल पंचायत के गठन की प्रक्रिया में तीन समितियों का गठन होना है। रजवाहा समिति, कुलाबा समिति एवं अलीपिका समिति। तीनों की समितियाें के काम बंटे हुए हैं। रजवाहा समिति रजवाहों में पानी की स्थिति एवं उसके भंडारण पर नजर रखेगी तो कुलाबा समिति कुलावावार जल के प्रवाह एवं संचयन के मामले में राय देगी। अलीपिका समिति जल प्रबंधन का ब्यौरा रखेगी।
चुनाव में थी गुप्त मतदान की व्यवस्था
जल पंचायत के चुनाव के लिए गुप्त मतदान की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था में आम चुनावों की तरह कुलाबा वार किसानों को गुप्त रूप से मतदान करना है।
अब तक कुलाबा वार मात्र 20 फीसदी मतदाताओं की सूची ही बन सकी है। उन्होंने बताया कि कुलाबावार सूची बनने में अभी समय लगेगा। संभवत: सितंबर अक्तूबर तक मतदाता सूची तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद चुनाव कराया जाएगा।
देवकरन, एक्सईएन, अलीगढ़ खंड सिंचाई गंग नहर
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पिछले दिनों अलीगढ़ आए सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री धर्मपाल ने समूचे उत्तर प्रदेश में जल संकट पर चर्चा करते हुए कहा था कि यूपी में पानी की कमी नहीं है। जल का जो अभाव है वह जल प्रबंधन ठीक न होने के कारण है।
इसके लिए उन्होंने सिंचाई विभाग को जिले वार जल पंचायतों के गठन के आदेश दिए थे। इसके लिए उन्होंने कुलाबा के हिसाब से मई माह के अंत तक चुनाव कराकर पंचायतों के गठन को कहा था, लेकिन जनपद में सिंचाई विभागीय अफसरों ने उनके आदेशों को हवा में उड़ा दिया।
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लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरा मई माह बीत चुका है और जून का पहला सप्ताह भी खत्म हो चुका है। बावजूद इसके चुनाव कराना तो दूर विभागीय अफसर कुलाबा वार मतदाता सूची तक तैयार नहीं कर सके हैं।
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अब तक मात्र 20 फीसदी मतदाताओं की सूची ही बन सकी है। बरसात निकट है और अब तक समितियां का गठन न होने से बरसात का पानी बेवजह बह जाने के आसार हैं। ऐसे में जल प्रबंधन की कोशिशें मिथ्या के सिवाय कुछ नजर नहीं आ रही हैं।
बननी थी तीन समितियां
जल पंचायत के गठन की प्रक्रिया में तीन समितियों का गठन होना है। रजवाहा समिति, कुलाबा समिति एवं अलीपिका समिति। तीनों की समितियाें के काम बंटे हुए हैं। रजवाहा समिति रजवाहों में पानी की स्थिति एवं उसके भंडारण पर नजर रखेगी तो कुलाबा समिति कुलावावार जल के प्रवाह एवं संचयन के मामले में राय देगी। अलीपिका समिति जल प्रबंधन का ब्यौरा रखेगी।
चुनाव में थी गुप्त मतदान की व्यवस्था
जल पंचायत के चुनाव के लिए गुप्त मतदान की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था में आम चुनावों की तरह कुलाबा वार किसानों को गुप्त रूप से मतदान करना है।
अब तक कुलाबा वार मात्र 20 फीसदी मतदाताओं की सूची ही बन सकी है। उन्होंने बताया कि कुलाबावार सूची बनने में अभी समय लगेगा। संभवत: सितंबर अक्तूबर तक मतदाता सूची तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद चुनाव कराया जाएगा।
देवकरन, एक्सईएन, अलीगढ़ खंड सिंचाई गंग नहर