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एएमयू: दो तहरीरें पहुंचीं पुलिस के पास
Updated Thu, 03 May 2018 03:16 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू में हुए घटनाक्रम को लेकर देर रात तक पुलिस के पास दो तहरीरें पहुंची थीं। इनमें पहली तहरीर हिंदू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सोनू सविता की ओर से दी गई। यह तहरीर सिविल लाइंस पुलिस के व्यस्त हो जाने के कारण गांधीपार्क थाने में इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के नाम से पहुंचाई गई। दूसरी तहरीर प्रॉक्टर कार्यालय के माध्यम से एएमयू सुरक्षाकर्मी ने दी है। दोनों पर देर रात तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। वहीं देर रात पुलिस भी अपनी ओर से तहरीर तैयार कर रही थी। रात में सभी मुकदमे दर्ज होने के संकेत मिले हैं।
पहली तहरीर: सुरक्षाकर्मियों व छात्रों पर हमला-लूट का आरोप
सोनू सविता पुत्र रामनिवास निवासी गली नंबर तीन श्रीनगर थाना क्वार्सी की तहरीर के अनुसार घटना दोपहर करीब ढाई बजे की है। इसमें कहा गया है कि मैं व मेरे साथी पुनीत शर्मा, आकाश गुप्ता, अमित राजा, जितेंद्र लोधी एएमयू सर्किल से होकर गुजर रहे थे। तभी सर्किल पर मौजूद एएमयू सुरक्षाकर्मियों मोहम्मद असलम व चार पांच अन्य ने रोक लिया और हिंदू धर्म को लेकर गालियां देते हुए लाठी-डंडों से पीटने लगे।
असलम ने जानलेवा नीयत से मेरी गर्दन को डंडे से दबाया। तभी एक ने यह कहा कि आज इनका काम तमाम कर दो। इसी बीच उन्होंने यूनिवर्सिटी में फोन मिलाया। कुछ ही देर में एएमयू छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, सचिव मो.फहद, उपाध्यक्ष सज्जाद सुहान राथर, पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी, सैकड़ों छात्रों के साथ पाकिस्तान जिंदाबाद व हिंदुस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए हाथों में डंडे व हथियार लेकर आ गए। आते ही इन लोगों ने पीटना शुरू कर दिया और एएमयू के अंदर ले जाने लगे। कारण पूछने पर नदीम अंसारी ने मेरे ऊपर तमंचे से फायर किया और जेब से 3500 रुपये लूट लिए। अमित राजा की सोने की जंजीर लूट ली। बाद में पुलिस के पहुंचने पर हम लोगों की जान बचाई जा सकी।
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दूसरी तहरीर: पूर्व उपराष्ट्रपति की सुरक्षा को बताया खतरा
एएमयू सुरक्षाकर्मी मोहम्मद असलम की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार वह दोपहर में ड्यूटी पर था, तभी रजिस्ट्रार आफिस के पास कुछ हिंदू युवा वाहिनी के युवक सर्किल की ओर से आए और एएमयू के खिलाफ नारे लगाने लगे। इस पर असलम ने प्रॉक्टर कार्यालय में फोन से सूचना दी तो वहां से पीसी-1 आई और चार-पांच लड़कों को उठाकर सिविल लाइंस थाने ले जाकर छोड़ आई। उन लड़कों की बाइक व स्कूटी भी थाने भेज दी गई। इसके बाद माहौल शांत हो गया।
मगर आधा घंटे बाद यह 20-25 की संख्या में फिर एएमयू सर्किल तक आए और बाब-ए-सैयद की ओर बढ़ गए। यह एएमयू के खिलाफ नारेबाजी व गालियां देते हुए चल रहे थे। इनमें से कुछ के हाथ में पिस्टल, कुछ पर डंडे और पत्थर थे। बाब-ए-सैयद पर कुछ एएमयू छात्र आ गए और पुलिस ने फौरन इन युवकों को वापस कर दिया। फिर इन्होंने एएमयू सर्किल पर पुतला फूंका, जिसे सीओ ने बुझाया और इन्हें वहां से वापस कर दिया। इसी बीच एएमयू गेट पर छात्रों को भी बमुश्किल रोका। चूंकि एएमयू गेस्ट हाउस में पत्नी के साथ पूर्व उपराष्ट्रपति रुके हुए थे। यह गेस्ट हाउस एएमयू गेट के पास में है। इसलिए वहां उनकी सुरक्षा के साथ कुछ भी हो सकता था।
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एएमयू में हुए घटनाक्रम को लेकर देर रात तक पुलिस के पास दो तहरीरें पहुंची थीं। इनमें पहली तहरीर हिंदू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सोनू सविता की ओर से दी गई। यह तहरीर सिविल लाइंस पुलिस के व्यस्त हो जाने के कारण गांधीपार्क थाने में इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के नाम से पहुंचाई गई। दूसरी तहरीर प्रॉक्टर कार्यालय के माध्यम से एएमयू सुरक्षाकर्मी ने दी है। दोनों पर देर रात तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। वहीं देर रात पुलिस भी अपनी ओर से तहरीर तैयार कर रही थी। रात में सभी मुकदमे दर्ज होने के संकेत मिले हैं।
पहली तहरीर: सुरक्षाकर्मियों व छात्रों पर हमला-लूट का आरोप
सोनू सविता पुत्र रामनिवास निवासी गली नंबर तीन श्रीनगर थाना क्वार्सी की तहरीर के अनुसार घटना दोपहर करीब ढाई बजे की है। इसमें कहा गया है कि मैं व मेरे साथी पुनीत शर्मा, आकाश गुप्ता, अमित राजा, जितेंद्र लोधी एएमयू सर्किल से होकर गुजर रहे थे। तभी सर्किल पर मौजूद एएमयू सुरक्षाकर्मियों मोहम्मद असलम व चार पांच अन्य ने रोक लिया और हिंदू धर्म को लेकर गालियां देते हुए लाठी-डंडों से पीटने लगे।
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असलम ने जानलेवा नीयत से मेरी गर्दन को डंडे से दबाया। तभी एक ने यह कहा कि आज इनका काम तमाम कर दो। इसी बीच उन्होंने यूनिवर्सिटी में फोन मिलाया। कुछ ही देर में एएमयू छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, सचिव मो.फहद, उपाध्यक्ष सज्जाद सुहान राथर, पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी, सैकड़ों छात्रों के साथ पाकिस्तान जिंदाबाद व हिंदुस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए हाथों में डंडे व हथियार लेकर आ गए। आते ही इन लोगों ने पीटना शुरू कर दिया और एएमयू के अंदर ले जाने लगे। कारण पूछने पर नदीम अंसारी ने मेरे ऊपर तमंचे से फायर किया और जेब से 3500 रुपये लूट लिए। अमित राजा की सोने की जंजीर लूट ली। बाद में पुलिस के पहुंचने पर हम लोगों की जान बचाई जा सकी।
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दूसरी तहरीर: पूर्व उपराष्ट्रपति की सुरक्षा को बताया खतरा
एएमयू सुरक्षाकर्मी मोहम्मद असलम की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार वह दोपहर में ड्यूटी पर था, तभी रजिस्ट्रार आफिस के पास कुछ हिंदू युवा वाहिनी के युवक सर्किल की ओर से आए और एएमयू के खिलाफ नारे लगाने लगे। इस पर असलम ने प्रॉक्टर कार्यालय में फोन से सूचना दी तो वहां से पीसी-1 आई और चार-पांच लड़कों को उठाकर सिविल लाइंस थाने ले जाकर छोड़ आई। उन लड़कों की बाइक व स्कूटी भी थाने भेज दी गई। इसके बाद माहौल शांत हो गया।
मगर आधा घंटे बाद यह 20-25 की संख्या में फिर एएमयू सर्किल तक आए और बाब-ए-सैयद की ओर बढ़ गए। यह एएमयू के खिलाफ नारेबाजी व गालियां देते हुए चल रहे थे। इनमें से कुछ के हाथ में पिस्टल, कुछ पर डंडे और पत्थर थे। बाब-ए-सैयद पर कुछ एएमयू छात्र आ गए और पुलिस ने फौरन इन युवकों को वापस कर दिया। फिर इन्होंने एएमयू सर्किल पर पुतला फूंका, जिसे सीओ ने बुझाया और इन्हें वहां से वापस कर दिया। इसी बीच एएमयू गेट पर छात्रों को भी बमुश्किल रोका। चूंकि एएमयू गेस्ट हाउस में पत्नी के साथ पूर्व उपराष्ट्रपति रुके हुए थे। यह गेस्ट हाउस एएमयू गेट के पास में है। इसलिए वहां उनकी सुरक्षा के साथ कुछ भी हो सकता था।